खेत में सोलर शॉक डिवाइस बना मौत का कारण, दो सगे भाइयों की मौत

छोटे भाई को देखने खेत पर गया बड़ा भाई भी करंट की चपेट में आया

* एक भाई पहले से बिस्तर पर, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
देसाईगंज /दि.10  – खेत में जंगली जानवरों से फसल की सुरक्षा के लिए लगाई गई सोलर शॉक मशीन की बिजली की चपेट में आने से दो सगे भाइयों की दर्दनाक मौत हो गई. छोटे भाई को देखने खेत पर गए बड़े भाई की भी करंट लगने से जान चली गई. यह हृदयविदारक घटना देसाईगंज तहसील मुख्यालय से करीब 12 किलोमीटर दूर चिखली गांव में सामने आई. एक ही परिवार के दो सदस्यों की मौत से पूरे गांव में शोक की लहर फैल गई है. मृतकों के नाम चिखली निवासी अरविंद धर्मजी बुद्ध (50) और अशोक धर्मजी बुद्ध (58) है.
जानकारी के मुताबिक 9 अक्टूबर को सुबह करीब 9 बजे अरविंद बुद्ध जंगल से सटे अपने खेत में कीटनाशक का छिड़काव करने गए थे. काफी समय बीतने के बाद भी जब वे घर नहीं लौटे, तो उनके बड़े भाई अशोक बुद्ध उन्हें देखने खेत पर पहुंचे. खेत में पहुंचने पर अशोक ने अरविंद को सोलर शॉक जनरेटर से जुड़ी तारों की बाड़ के पास मृत अवस्था में पाया. छोटे भाई को देखने के दौरान अशोक भी उसी बिजली की चपेट में आ गए और उनकी भी मौत हो गई. काफी देर तक दोनों भाइयों के घर नहीं लौटने पर परिजन खेत पहुंचे, जहां दोनों के शव मिले. घटना के समय गांव में गणपति प्रतिमा के विसर्जन की प्रक्रिया चल रही थी. इसी दौरान दो सगे भाइयों की मौत की खबर सामने आने से गांव में मातम छा गया.
* पुलिस ने शुरू की जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस निरीक्षक स्वप्निल इज्जपवार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे. पुलिस ने घटनास्थल का पंचनामा कर दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए देसाईगंज के ग्रामीण अस्पताल भेज दिया. पुलिस मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है. अधिकारियों के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.
* एक भाई पहले से बिस्तर पर, दो की मौत से परिवार बेसहारा
बुद्ध परिवार पर पहले से ही संकट के बादल मंडरा रहे थे. अरविंद, अशोक और टीकाराम बुद्ध तीनों भाई एक साथ रहते थे. परिवार के सबसे बड़े भाई टीकाराम का करीब दो महीने पहले सड़क दुर्घटना में एक्सीडेंट हो गया था. इसके बाद से वे बिस्तर पर हैं और चलने-फिरने में असमर्थ बताए जा रहे हैं. तीनों भाई अपनी पुश्तैनी छह एकड़ जमीन पर धान की खेती करते थे. इसके अलावा मजदूरी करके सालाना दो से तीन लाख रुपये तक कमाते थे, जिससे परिवार का गुजारा होता था. अब दो भाइयों की असमय मौत से परिवार के सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है. मृतक अशोक के परिवार में एक बेटा और एक बेटी हैं, जबकि अरविंद की दो बेटियां हैं. एक भाई पहले से बिस्तर पर है और अब दो भाइयों की मौत ने पूरे परिवार को गहरे संकट में डाल दिया है.
* आठ करोड़ रुपये खर्च, फिर भी सोलर शॉक डिवाइस पर सवाल
जंगली जानवरों से फसलों को बचाने के लिए कृषि विभाग की ओर से जिले में किसानों को सोलर शॉक डिवाइस उपलब्ध कराने पर करीब आठ करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं. इन उपकरणों का उद्देश्य खेतों के आसपास आने वाले जंगली जानवरों को हल्का बिजली का झटका देकर दूर रखना है. हालांकि, चिखली की घटना के बाद इन उपकरणों की सुरक्षा और तकनीकी कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं. आखिर ऐसा क्या हुआ कि खेत में लगाए गए उपकरण की चपेट में आने से दो लोगों की जान चली गई? क्या उपकरण में कोई तकनीकी खराबी थी या सुरक्षा संबंधी नियमों का पालन नहीं किया गया था? पुलिस इन सभी पहलुओं की जांच कर रही है. पुलिस निरीक्षक स्वप्निल इज्जपवार के अनुसार, घटना की सभी संभावित कारणों से जांच की जा रही है.
* विशेषज्ञों की सलाह के बिना न करें इस्तेमाल
सोलर शॉक डिवाइस के उपयोग को लेकर विशेषज्ञों ने किसानों से सावधानी बरतने की अपील की है. सोलर सिस्टम के वितरक एवं तकनीशियन मधुर हेमके के अनुसार, उपकरण की वोल्टेज और आवृत्ति निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप होना जरूरी है. यदि विद्युत प्रवाह निर्धारित सीमा से अधिक हो जाए या उपकरण में तकनीकी खराबी आ जाए, तो यह जानलेवा साबित हो सकता है. उन्होंने किसानों को सलाह दी कि सोलर शॉक डिवाइस लगवाने और उसका इस्तेमाल करने से पहले विशेषज्ञों से उचित मार्गदर्शन लें तथा सभी आवश्यक सुरक्षा उपायों का पालन करें. चिखली की इस दर्दनाक घटना ने खेतों में जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा के लिए लगाए जाने वाले सोलर शॉक उपकरणों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

 

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