व्हॉट्सऐप पर भेजे टिकट या स्क्रीनशॉट से नहीं कर सकेंगे रेल यात्रा!
मूल डिजिटल टिकट उसी मोबाइल में दिखाना होगा, जिससे बुकिंग की गई

टिकट जांच के दौरान बुकिंग का समय भी जांचा जाएगा
अमरावती/दि.10 – रेलवे ई-टिकटों के दुरुपयोग को रोकने के लिए टिकट जांच के नियमों में बदलाव किए जाने की जानकारी सामने आई है. इसके तहत व्हॉट्सऐप पर भेजे गए ई-टिकट या उसके स्क्रीनशॉट को आधिकारिक टिकट के रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा. यात्रियों को टिकट बुकिंग के लिए इस्तेमाल किए गए मोबाइल में ही मूल डिजिटल टिकट दिखाना होगा. यह नियम विशेष रूप से रेल वन ऐप के माध्यम से बुक किए जाने वाले अनारक्षित टिकटों के लिए लागू बताया गया है. रेलवे के टिकट जांच कर्मचारी यात्रा के दौरान टिकट की वैधता के साथ यह भी जांच सकते हैं कि टिकट कब बुक किया गया था. यात्रियों को यात्रा शुरू करने से पहले ही टिकट बुक करना होगा और अपने मोबाइल में मूल डिजिटल टिकट उपलब्ध होने की पुष्टि करनी होगी.
* मोबाइल बंद हुआ तो बढ़ सकती है परेशानी
यात्रा के दौरान मोबाइल खराब होने, बंद पड़ने या ऐप में टिकट नहीं दिखने से यात्रियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है. इसलिए घर से निकलने से पहले मोबाइल की कार्यशीलता और ऐप में टिकट उपलब्ध होने की जांच करना जरूरी होगा. केवल व्हॉट्सऐप पर प्राप्त टिकट की तस्वीर या स्क्रीनशॉट पर निर्भर रहना परेशानी का कारण बन सकता है.
* वैध टिकट नहीं दिखाने पर जुर्माने का खतरा
यदि यात्री जांच के दौरान वैध टिकट प्रस्तुत नहीं कर पाता है, तो उसे बिना टिकट यात्रा के मामले में कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है. ऐसी स्थिति में रेलवे के नियमानुसार किराये के साथ जुर्माना भी लगाया जा सकता है. टिकट की वैधता के अलावा यात्री की पहचान की भी जांच की जा सकती है. रेलवे ई-टिकटों के कथित दुरुपयोग को देखते हुए टिकट जांच में सख्ती किए जाने की बात कही जा रही है. खासकर रेल वन ऐप से अनारक्षित टिकट बुक करने वाले यात्रियों को मूल डिजिटल टिकट उसी मोबाइल में सुरक्षित रखना चाहिए, जिससे टिकट खरीदा गया है.





