धारणी में सार्वजनिक वाचनालय के लिए भूमि आवंटित

विद्यार्थियों और पाठकों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

* डॉ. हेडगेवार जन्मशताब्दी सेवा समिति को मिली 163 वर्गमीटर शासकीय भूमि
* राजस्व मंत्री व पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले की शानदार पहल
अमरावती/दि.22– मेलघाट के आदिवासी एवं दुर्गम क्षेत्र धारणी में शिक्षा और ज्ञान संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है. डॉ. हेडगेवार जन्मशताब्दी सेवा समिति, अकोला (शाखा धारणी) को सार्वजनिक वाचनालय (पुस्तकालय) स्थापित करने के लिए शासकीय भूमि उपलब्ध कराई गई है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के मार्गदर्शन तथा राजस्व मंत्री एवं अमरावती जिले के पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले की पहल पर इस प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गई. राजस्व विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं.
सरकारी निर्णय के अनुसार, धारणी स्थित शीट क्रमांक-4, प्लॉट क्रमांक-219 की 163 वर्गमीटर भूमि संस्था को सार्वजनिक वाचनालय संचालित करने के लिए भोगवटादार वर्ग-2 के अधिकार के तहत प्रदान की जाएगी. इस भूमि का उपयोग केवल वाचनालय और शैक्षणिक गतिविधियों के लिए ही किया जा सकेगा.
* विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थियों को होगा लाभ
इस वाचनालय की स्थापना से धारणी और आसपास के ग्रामीण तथा आदिवासी क्षेत्रों के विद्यार्थियों, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं और सामान्य पाठकों को अध्ययन की बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी. आधुनिक पुस्तकालय में संदर्भ पुस्तकें, अध्ययन सामग्री तथा ज्ञानवर्धक साहित्य उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे क्षेत्र में शैक्षणिक वातावरण को मजबूती मिलेगी. राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि शिक्षा, अध्ययन और ज्ञान संस्कृति का प्रसार समाज के समग्र विकास की आधारशिला है. दुर्गम क्षेत्रों में पुस्तकालयों की स्थापना केवल एक सुविधा नहीं, बल्कि नई पीढ़ी के भविष्य में किया गया महत्वपूर्ण निवेश है. इससे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण अध्ययन संसाधन उपलब्ध होंगे और ग्रामीण क्षेत्रों में भी ज्ञान के समान अवसर सुनिश्चित किए जा सकेंगे.
* भूमि के उपयोग पर रहेंगी शर्तें
सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार, संस्था इस भूमि का उपयोग केवल सार्वजनिक वाचनालय के लिए ही कर सकेगी. राज्य सरकार की पूर्व अनुमति के बिना भूमि की बिक्री, हस्तांतरण, गिरवी रखना अथवा पट्टे पर देना संभव नहीं होगा. साथ ही सार्वजनिक निर्माण विभाग और स्थानीय नियोजन प्राधिकरण द्वारा निर्धारित सभी विकास नियंत्रण नियमों का पालन करना संस्था के लिए अनिवार्य रहेगा.
* समाजोपयोगी संस्थाओं को सहयोग देने के लिए सरकार प्रतिबद्ध
बावनकुले ने कहा कि राज्य सरकार सामाजिक, शैक्षणिक और जनकल्याणकारी कार्य करने वाली संस्थाओं को आवश्यक सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है. ऐसे उपक्रमों के माध्यम से दूरदराज के क्षेत्रों में शिक्षा और ज्ञान के अवसरों का विस्तार किया जा रहा है.
* श्रीगुरुदेव सेवामंडल को भी मिली बड़ी राहत
इसी बीच राज्य मंत्रिमंडल ने अखिल भारतीय श्रीगुरुदेव सेवामंडल, मोझरी को भी बड़ी राहत प्रदान की है. नागपुर के सुभाष रोड स्थित संस्था की भूमि के पट्टे के नवीनीकरण पर लगने वाले मुद्रांक शुल्क को माफ करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है. श्रीगुरुदेव सेवामंडल राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज के विचारों के प्रसार, ग्राम विकास, सामाजिक जागरूकता, व्यसनमुक्ति, सर्वधर्म समभाव और राष्ट्रभक्ति जैसे जनकल्याणकारी कार्यों में लंबे समय से सक्रिय है. संस्था को वर्ष 1954 में नागपुर के सुभाष रोड क्षेत्र में लगभग 13,340 वर्गफुट भूमि पट्टे पर उपलब्ध कराई गई थी. संस्था की ओर से पट्टे के नवीनीकरण पर मुद्रांक शुल्क माफी की मांग की गई थी, जिसे जनहित को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने स्वीकार कर लिया. सरकार का मानना है कि इससे संस्था की सामाजिक और जनकल्याणकारी गतिविधियों को और अधिक बल मिलेगा.
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि समाजहित में कार्यरत संस्थाओं को प्रोत्साहन देने और उन्हें सक्षम बनाने की नीति आगे भी जारी रहेगी, ताकि शिक्षा, सामाजिक विकास और जनजागरण के क्षेत्र में उनका योगदान और प्रभावी हो सके.

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