ट्रेन में छूटा बैग किस्मत से मिला वापस
इंसानियत की मिसाल बनी मदद की कड़ी, जवान नीलेश मोरे ने लौटाए सुरक्षित

अमरावती/दि.8 – महाराष्ट्र एक्सप्रेस में सफर के दौरान जल्दबाजी में ट्रेन में छूटा महिला यात्री का बैग आखिरकार सुरक्षित रूप से उसके मालिक तक पहुंच गया. रेल सुरक्षा बल के जवान की सतर्कता और कई लोगों के सहयोग से बैग वापस मिलने से महिला यात्री ने राहत की सांस ली.
जानकारी के मुताबिक 30 जुलाई को ट्रेन नंबर 11049 महाराष्ट्र एक्सप्रेस के कोच नंबर बी-1, बर्थ नंबर 28 पर येवला निवासी टीना प्रणव गुजराती यह नीरज से येवला तक यात्रा कर रही थीं. स्टेशन आने पर जल्दबाजी में ट्रेन से उतरते समय उनका थैलीनुमा बैग ट्रेन के अंदर ही छूट गया. घर पहुंचने के बाद जब उन्हें बैग के ट्रेन में छूट जाने का पता चला तो उन्होंने तत्काल रेल प्रशासन के पास ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई. शिकायत के बाद रेल प्रशासन की ओर से बैग की तलाश शुरू की गई. इसी दौरान ट्रेन में गश्त के दौरान बडनेरा रेलवे सुरक्षा बल के जवान निलेश मोरे को उक्त बैग ट्रेन के अंदर मिला. उन्होंने बैग को ट्रेन से उतारकर बडनेरा आरपीएफ थाने में सुरक्षित जमा कर दिया.
बैग मिलने की जानकारी मिलने के बाद टीना गुजराती ने उसे वापस प्राप्त करने के लिए प्रयास शुरू किए. उन्होंने अपने परिचित व्यापारी हेमंत कुमार एंड कंपनी, पुणे को घटना की जानकारी दी. इसके बाद हेमंत कुमार एंड कंपनी ने अमरावती-नांदगांव पेठ स्थित देसाई टेक्सटाइल के व्यापारी से संपर्क कर बैग बडनेरा आरपीएफ थाने से प्राप्त कर येवला पहुंचाने का अनुरोध किया. देसाई टेक्सटाइल के हार्दिक देसाई ने यह जिम्मेदारी बडनेरा के स्थानीय पत्रकार बलराम उत्तमानी को सौंपी. उत्तमानी ने इसे इंसानियत के नाते अपना दायित्व समझते हुए बडनेरा आरपीएफ थाने पहुंचकर ड्यूटी पर मौजूद पीएसआई आकाश वाकोडे तथा कांस्टेबल निलेश मोरे से संपर्क किया.
आरपीएफ के सहयोग से आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद बैग बलराम उत्तमानी ने अपने कब्जे में लिया और उसे देसाई टेक्सटाइल के सुपुर्द किया. इसके बाद बैग सुरक्षित रूप से येवला निवासी टीना प्रणव गुजराती तक पहुंचा दिया गया. इस पूरे घटनाक्रम में रेल प्रशासन की तत्परता, आरपीएफ जवान निलेश मोरे की ईमानदारी और नागरिकों द्वारा एक-दूसरे की मदद करने की भावना की सराहना की जा रही है. ट्रेन में जल्दबाजी में छूटा बैग कई हाथों से गुजरते हुए आखिरकार सुरक्षित अपने मालिक तक पहुंच गया.





