15 से 20 करोड़ रुपये की बारिश कराने का झांसा
नाबालिग लड़की के इस्तेमाल की कोशिश

* तेलंगाना का तांत्रिक लातूर से गिरफ्तार
लातूर/दि.20- महाराष्ट्र में अंधविश्वास और कथित तंत्र-मंत्र के नाम पर लोगों को ठगने का एक और मामला सामने आया है. लातूर जिले के उदगीर में 15 से 20 करोड़ रुपये की ‘पैसों की बारिश’ कराने का झांसा देकर कथित अघोरी लक्ष्मी पूजा की तैयारी की जा रही थी. इस अनुष्ठान में आंध्र प्रदेश की 15 वर्षीय नाबालिग लड़की के इस्तेमाल की कोशिश की जा रही थी. मामले में उदगीर ग्रामीण पुलिस ने तेलंगाना से एक तांत्रिक को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपी की पहचान बालाजी मंगल बलराज (38) के रूप में हुई है. वह तेलंगाना के कामारेड्डी जिले के पिटलम तहसील के चिनार कोडमंगल का रहने वाला बताया गया है.
* 16 अगस्त को सामने आया मामला
यह मामला 16 अगस्त को उदगीर तालुका के करडखेल पाटी के पास सामने आया था. पुलिस को जानकारी मिली थी कि बड़ी रकम हासिल करने के लिए कथित तौर पर अघोरी लक्ष्मी पूजा का अनुष्ठान किया जाने वाला है. इस अनुष्ठान के लिए 15 वर्षीय नाबालिग लड़की का इस्तेमाल किए जाने की आशंका थी. सूचना मिलते ही उदगीर ग्रामीण पुलिस ने कार्रवाई की और संभावित अनर्थ को टाल दिया. मामले में महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और पुणे क्षेत्र से जुड़े कुल 15 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. इससे पहले पुलिस 13 संदिग्धों को हिरासत में ले चुकी थी. अब तेलंगाना में कार्रवाई करते हुए बालाजी मंगल बलराज को गिरफ्तार किया गया है.
* पूजा की जिम्मेदारी आरोपी के पास
पुलिस के अनुसार, कथित लक्ष्मी पूजा की जिम्मेदारी बालाजी बलराज के पास थी. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने अन्य लोगों से संपर्क कैसे स्थापित किया और इस कथित अघोरी अनुष्ठान के पीछे वास्तव में किसकी भूमिका थी. इस मामले में महाराष्ट्र नरबलि और अन्य अमानवीय, अनिष्ट एवं अघोरी प्रथा तथा जादू-टोना प्रतिबंधक कानून की धारा 3(3) के साथ ही पॉक्सो कानून की धारा 12 और 18 के तहत मामला दर्ज किया गया है.
* और भी गिरफ्तारियां संभव
उदगीर के पुलिस उपाधीक्षक गजानन भातलवंडे ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी समेत अन्य संदिग्धों से पूछताछ जारी है. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस कथित अघोरी अनुष्ठान में और कौन-कौन लोग शामिल थे. पुलिस के मुताबिक आरोपी पेशे से नाई है. उसने इस पूरे मामले में लोगों से संपर्क कैसे किया, सबसे पहले किस व्यक्ति से संपर्क हुआ और कथित पूजा के नाम पर किस तरह की गतिविधि की योजना बनाई गई थी, इन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है. जांच आगे बढ़ने पर इस मामले में और गिरफ्तारियां होने की संभावना है.





