मुथूट फिनकॉर्प घोटाले में बड़ा खुलासा, शाखा प्रबंधक शुभम वासेवाय गिरफ्तार

47 लाख रुपये नकद और 700 ग्राम सोना हड़पने की आशंका

* शिकायतकर्ताओं की संख्या लगातार बढ़ रही, ऑडिट टीम पहुंची, स्ट्रॉन्गरूम की होगी जांच
अमरावती/दि.6 – शहर के एसटी स्टैंड रोड तथा उस्मानिया मस्जिद क्षेत्र स्थित मुथूट फिनकॉर्प शाखा में सामने आए करोड़ों की वित्तीय अनियमितता और सोना तारण घोटाले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. शाखा प्रबंधक शुभम वासेवाय (30, झेंडा चौक, राजापेठ) को पुलिस ने हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया है. अब तक 30 से अधिक ग्राहकों की शिकायतें सामने आ चुकी हैं, जबकि प्रारंभिक जांच में करीब 47 लाख रुपये नकद और लगभग 700 ग्राम सोने के आभूषणों की हेराफेरी की आशंका व्यक्त की जा रही है. पुलिस का मानना है कि शिकायतकर्ताओं की संख्या और घोटाले की रकम दोनों में और वृद्धि हो सकती है. मामले की गंभीरता को देखते हुए एसीपी संजय खताले के मार्गदर्शन में सिटी कोतवाली पुलिस के पीएसआई तुषार गावंडे विस्तृत जांच कर रहे हैं. वहीं कंपनी की ओर से केरल से तीन सदस्यीय आंतरिक ऑडिट टीम अमरावती पहुंच चुकी है, जो गुरुवार को शाखा के स्ट्रॉन्गरूम का निरीक्षण और उसमें रखे गए सोने व अन्य संपत्तियों की गणना करेगी.
* महिला अधिकारी की शिकायत से खुला पूरा मामला
घोटाले का खुलासा उस समय हुआ जब जिला परिषद अमरावती में स्वास्थ्य विस्तार अधिकारी के पद पर कार्यरत 51 वर्षीय महिला ने सिटी कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई. शिकायत के अनुसार उन्होंने फरवरी 2026 में अपने बेटे के लिए स्पोर्ट्स राइफल खरीदने के उद्देश्य से लगभग 58.8 ग्राम सोना गिरवी रखकर 5.94 लाख रुपये का गोल्ड लोन लिया था. बाद में लोन चुकाने के लिए उन्होंने 31 जुलाई को शाखा में 4.99 लाख रुपये नकद जमा किए, लेकिन कैशियर ने सर्वर डाउन होने का बहाना बनाकर कंप्यूटरीकृत रसीद देने से मना कर दिया. इसके बाद शाखा प्रबंधक शुभम वासेवाय ने उन्हें कंपनी के लेटरहेड और मुहर लगी एक हस्तलिखित रसीद थमा दी. बाद में जांच में यह रसीद फर्जी पाई गई. महिला का आरोप है कि पूरी राशि जमा करने के बावजूद न तो उनका सोना लौटाया गया और न ही जमा की गई रकम कंपनी के खाते में दर्ज की गई. 5 अगस्त को जब वे अपने बेटे के साथ दोबारा शाखा पहुंचीं तो कार्यालय बंद मिला और वहां बड़ी संख्या में ग्राहक जमा थे. तभी उन्हें पता चला कि अनेक अन्य ग्राहकों के साथ भी इसी प्रकार की धोखाधड़ी हुई है.
* ग्राहकों का विश्वास जीतकर करता था खेल
जांच में सामने आया है कि शुभम वासेवाय पिछले दो वर्षों से मुथूट फिनकॉर्प में कार्यरत था. उसने कर्मचारी के रूप में नौकरी शुरू की थी, लेकिन कम समय में पदोन्नति पाकर शाखा प्रबंधक और अमरावती शाखा का प्रमुख बन गया. कुछ शिकायतकर्ताओं ने पुलिस को बताया कि शुभम ग्राहकों से व्यक्तिगत संपर्क बनाए रखता था. वह गिरवी रखे गए सोने पर कम ब्याज दर और अधिक ऋण राशि दिलाने का भरोसा देता था. कई मामलों में वह ग्राहकों से सीधे नकद लेन-देन कर स्वयं हस्तलिखित रसीदें देता था. ग्राहकों का कहना है कि उसके व्यवहार और कंपनी में उसकी स्थिति के कारण किसी को उस पर संदेह नहीं हुआ.
* अचानक ही आलिशान जिंदगी जीने लगा था शुभम वासेवाय
स्थानीय लोगों के अनुसार पिछले कुछ समय से शुभम की जीवनशैली में अचानक बड़ा बदलाव दिखाई देने लगा था. वह महंगे सोने के आभूषण पहनने लगा था, नई कार में घूमता था और आलीशान जीवनशैली जी रहा था. हालांकि पुलिस को अब तक उसके खिलाफ किसी पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी नहीं मिली है.
* 13 से बढ़कर 30 से अधिक हुई शिकायतें
घोटाले के उजागर होने के बाद पहले दिन 13 ग्राहकों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी. इसके बाद शिकायतों का सिलसिला लगातार जारी है और अब यह संख्या 30 से अधिक पहुंच चुकी है. पुलिस का मानना है कि कई और पीड़ित सामने आ सकते हैं. शिकायतों के अनुसार कुछ ग्राहकों ने लोन की पूरी राशि जमा कर दी थी, लेकिन उन्हें उनके आभूषण वापस नहीं मिले. वहीं कुछ लोगों से नकद राशि लेकर कंप्यूटरीकृत रसीद के स्थान पर हस्तलिखित रसीदें दी गईं. कई ग्राहकों को आज-कल में सोना वापस मिलेगा कहकर लंबे समय तक टालने की भी शिकायतें सामने आई हैं.
* स्ट्रॉन्गरूम खुलने के बाद सामने आएगी असली तस्वीर
घोटाले की वास्तविक सीमा का पता लगाने के लिए कंपनी की आंतरिक ऑडिट टीम अमरावती पहुंची है. कंपनी ने ऑडिट प्रक्रिया के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय घटना से बचने के लिए पुलिस सुरक्षा भी मांगी है. गुरुवार को पुलिस सुरक्षा के बीच शाखा के स्ट्रॉन्गरूम को खोला जाएगा और उसमें रखे गए सोने, दस्तावेजों तथा अन्य संपत्तियों की गणना की जाएगी. अधिकारियों का कहना है कि इसी प्रक्रिया के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि वास्तव में कितना सोना और कितनी नकद राशि गायब है तथा कितने ग्राहक प्रभावित हुए हैं.
* आर्थिक अपराध शाखा भी कर सकती है जांच
एसीपी संजय खताले ने बताया कि मामला केवल व्यक्तिगत धोखाधड़ी का नहीं बल्कि बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता से जुड़ा प्रतीत होता है. इसलिए आर्थिक अपराध शाखा के अधिकारियों से भी चर्चा की जा रही है. ऑडिट रिपोर्ट और स्ट्रॉन्गरूम की गणना के बाद मामले में अन्य धाराएं जोड़ी जा सकती हैं तथा कंपनी स्तर पर भी अलग से शिकायत दर्ज कराई जाएगी.
फिलहाल पुलिस शुभम वासेवाय से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि उसने यह कथित घोटाला अकेले किया या इसमें अन्य कर्मचारियों अथवा बाहरी लोगों की भी भूमिका रही है. शहर में चर्चित बने इस मामले पर अब सभी की नजरें स्ट्रॉन्गरूम की गणना और ऑडिट रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं, जिससे घोटाले की वास्तविक तस्वीर सामने आने की उम्मीद है.

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