मो. शफीक के परिजनों ने की मनपा अधिकारियों से मुलाकात

कोणार्क कंपनी से की उपचार का खर्च व मुआवजा दिलवाने की मांग

* मामला कचरा डिपो में सुपरवायजर पर फावडे से हमले का
अमरावती/दि.4- बडनेरा थाना क्षेत्र के रिंग रोड स्थित कचरा डिपो में कोणार्क कंपनी में कार्यरत सुपरवायजर मो. शफीक मो. युनूस के सिर पर फावडे से हमला कर उसे जख्मी कर देने के मामले में अब पीडित के परिजनों ने मनपा अधिकारियों से मुलाकात कर कोणार्क कंपनी से पीडित के उपचार में लगनेवाले खर्च व आर्थिक मदद देने की मांग की है. इस समय पीडित का भतीजा मो. समीर मो. नासीर, इंडियन युनियन मुस्लिम लीग के एजाज बेग व एमआईएम पार्षद सै. रसीद अली मौजूद थे.
उल्लेखनीय है कि, मो. शफीक मो. युनूस (65) रिंग रोड स्थित कोणार्क कंपनी के कचरा डिपो में सुपरवायजर के तौर पर कार्यरत है. उन पर कचरा डिपो में घंटागाडी चालक ने फावडे से वार कर उन्हें घायल कर दिया था. मो. शफीक फिलहाल रिम्स अस्पताल में भर्ती है और उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है. इंडियन युनियन मुस्लिम लीग के एजाज बेग ने कहा कि, बुधवार 3 जून को पीडित के परिजनों के साथ मिलकर मनपा के प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात कर कोणार्क कंपनी से पीडित को उपचार के लिए खर्च व आर्थिक मदद करने की मांग की गई है.
एजाज बेग ने कहा कि, पीडित और आरोपी दोनों एक ही कंपनी में काम करते थे और काम के दौरान ही यह वारदात हुई है. पीडित की आर्थिक हालत काफी कमजोर है. ऐसे में उपचार का महंगा खर्च उठाने में वह असमर्थ है. काम के दौरान हुए हमले के कारण कंपनी को पीडित के उपचार का खर्च उठाना चाहिए और पीडित को आर्थिक मदद भी करनी चाहिए. एजाज बेग ने यह भी आरोप लगाया है कि, कंपनी में सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं थी. इसके साथ ही काम करनेवाली जगह पर न तो फायर ब्रिगेड की व्यवस्था थी और न ही सीसीटीवी कैमरे लगाए गए. इसके अलावा कोणार्क कंपनी ने अपने कर्मचारियों को किसी भी प्रकार की सुरक्षा कीट भी नहीं दी. वहीं कंपनी ने अपने कर्मचारियों का पुलिस वेरिफिकेशन करवाए बिना उन्हें काम पर रखा था. ऐसे में इस घटना के लिए कंपनी ही जिम्मेदार है. कोणार्क कंपनी को मनपा प्रशासन बचाने का प्रयास करते हुए दिखाई दे रहा है.

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