20 राज्यों के साइबर फ्रॉड से जुड़े म्यूल अकाउंट रैकेट का भंडाफोड़

मास्टरमाइंड समेत तीन गिरफ्तार, साइबर पुलिस की कार्रवाई

अमरावती /दि.6- अमरावती शहर साइबर पुलिस ने साइबर अपराधियों की मदद करने वाले एक अंतरराज्यीय म्यूल अकाउंट रैकेट का पर्दाफाश करते हुए मुख्य आरोपी सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. जांच में सामने आया कि देश के 20 राज्यों में हुए साइबर फ्रॉड की रकम अमरावती के एक बैंक खाते में जमा की जा रही थी. इस खाते के माध्यम से करीब 71 लाख रुपये का वित्तीय लेन-देन किया गया. गिरफ्तार आरोपियों के नाम वर्धा निवासी आकाश जयसिंघानी, अमरावती के राहुल नगर निवासी रवि गडलिंग और शेख अमीन शेख लतीफ है.
साइबर पुलिस द्वारा म्यूल अकाउंट हॉटस्पॉट के तकनीकी विश्लेषण के दौरान बैंक ऑफ इंडिया, अमरावती के एक खाते में संदिग्ध लेन-देन का पता चला. केवाईसी दस्तावेजों और बैंक रिकॉर्ड की जांच में यह खाता शेख अमीन शेख लतीफ के नाम पर पाया गया. जांच में खुलासा हुआ कि साइबर ठगी से प्राप्त रकम पहले इसी खाते में जमा होती थी और बाद में विभिन्न बैंक खातों तथा अन्य माध्यमों से आगे ट्रांसफर की जाती थी. प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि इस खाते का उपयोग साइबर फ्रॉड, ऑनलाइन गेमिंग और क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े लेन-देन के लिए म्यूल अकाउंट के रूप में किया जा रहा था. इस मामले में साइबर पुलिस ने बीएनएस की संबंधित धाराओं एवं सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66(डी) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की. तकनीकी जांच में पता चला कि शेख अमीन ने यह बैंक खाता रुपये लेकर अमरावती के राहुल नगर निवासी रवि विश्वनाथ गडलिंग को उपलब्ध कराया था. आगे की जांच में रवि गडलिंग द्वारा यह खाता वर्धा के रामनगर निवासी आकाश दीपक जयसिंघानी को सौंपने का खुलासा हुआ.
वरिष्ठ अधिकारियों की अनुमति और पुलिस उपायुक्त (साइबर) अनिकेत कासार के मार्गदर्शन में पुलिस निरीक्षक महेंद्र अंभोरे की टीम ने वर्धा में कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी आकाश जयसिंघानी को गिरफ्तार किया. उसके कब्जे से चार सिम कार्ड, विभिन्न बैंक खातों से संबंधित दस्तावेज तथा दो मोबाइल फोन बरामद किए गए. पुलिस ने इस मामले में शेख अमीन शेख लतीफ, रवि विश्वनाथ गडलिंग और आकाश दीपक जयसिंघानी को गिरफ्तार कर पुलिस रिमांड पर लिया है. मामले की आगे जांच जारी है और इस रैकेट से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है. यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त राकेश ओला तथा पुलिस उपायुक्त प्रांजलि सोनवणे के मार्गदर्शन में साइबर पुलिस की टीम ने की.
* नागरिकों से अपील
साइबर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार के कमीशन या लालच में आकर अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, यूपीआई अथवा बैंकिंग जानकारी किसी अन्य व्यक्ति को न दें. म्यूल अकाउंट उपलब्ध कराना कानूनन अपराध है. यदि कोई व्यक्ति बैंक खाते खरीदने या म्यूल अकाउंट के लिए एजेंट के रूप में कार्य करता दिखाई दे, तो इसकी सूचना तत्काल अमरावती शहर साइबर पुलिस को दें. किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर संपर्क करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें.

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