मनपा के पशु चिकित्सा अधिकारी पर रिश्वत मांगने का आरोप

भ्रष्टाचार निरोधक विभाग ने किया गिरफ्तार

प्रतिनिधि/दि.17मनपा के पशु चिकित्सा अधिकारी पर रिश्वत मांगने का आरोप
* भ्रष्टाचार निरोधक विभाग ने किया गिरफ्तार
अमरावती/दि.17 – अमरावती मनपा के प्रभारी पशु चिकित्सा अधिकारी सचिन छगनप्पा बोंद्रे के खिलाफ रिश्वत मांगने के आरोप में भ्रष्टाचार निरोधक विभाग ने मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है. यह कार्रवाई मंगलवार की रात की गई. इस कार्रवाई से मनपा प्रशासन में हडकंप मच गया है.
जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता ने 8 जून को भ्रष्टाचार निरोधक विभाग, अमरावती के समक्ष शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत में आरोप लगाया गया कि अमरावती मनपा परिक्षेत्र में कुत्तों के प्रजनन नियंत्रण, नसबंदी एवं टीकाकरण कार्यक्रम का ठेका पूरा करने के बाद किए गए कार्यों के भुगतान को मंजूरी देने के लिए पशु चिकित्सा अधिकारी सचिन बोंद्रे ने कुल 25 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी. इसके प्रथम चरण में 2 लाख रुपये देने की मांग की गई थी. शिकायत के आधार पर एसीबी द्वारा 10 जून को सत्यापन कार्रवाई की गई. जांच के दौरान यह पाया गया कि आरोपी अधिकारी ने भुगतान स्वीकृत करने के बदले पहले 2 लाख रुपये की मांग की थी, जिसे बाद में बातचीत के दौरान घटाकर 1 लाख रुपये कर दिया गया. इसके बाद 11 जून को एसीबी के दल ने जाल बिछाया. कार्रवाई के दौरान आरोपी अधिकारी अपने शासकीय वाहन का उपयोग किए बिना मनपा कार्यालय से बाहर आए और शिकायतकर्ता के दोपहिया वाहन पर बैठकर पंचवटी चौक की ओर रवाना हुए. हालांकि रास्ते में उन्हें शिकायतकर्ता पर संदेह हो गया और उन्होंने रिश्वत की रकम स्वीकार नहीं की. बाद में वे बीच रास्ते में वाहन से उतर गए और सरकारी वाहन बुलाकर वहां से चले गए. लेकिन सचिन बोंद्रे द्वारा रिश्वत मांगने की पुष्टि होने के आधार पर एसीबी के दल ने उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है.
यह कार्रवाई भ्रष्टाचार निरोधक विभाग अमरावती के पुलिस अधीक्षक बापू बांगर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सचिंद्र शिंदे, उप पुलिस अधीक्षक सुनील किनगे, पुलिस निरीक्षक नीलिमा सातव, पुलिस निरीक्षक रवींद्र सहारे तथा अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों के मार्गदर्शन में की गई. भ्रष्टाचार निरोधक विभाग ने अमरावती, अकोला, वाशिम, यवतमाल और बुलढाणा जिलों के नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई सरकारी अधिकारी, कर्मचारी अथवा उसके माध्यम से कोई व्यक्ति किसी सरकारी कार्य के लिए वैधानिक शुल्क के अतिरिक्त रिश्वत की मांग करता है, तो इसकी सूचना तत्काल एसीबी को दें. शिकायत प्राप्त होने पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी.

 

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