नाना पाटेकर का निधन प्राकृतिक कारणों से
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से हुआ खुलासा

खून का थक्का जमने से आया था दिल का दौरा
पणजी/ दि. 12 – दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर की मृत्यु हृदय की मुख्य धमनी में रक्त का थक्का जमने के कारण आए दिल के दौरे से हुई थी. गोवा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (जीएमसीएच) के एक वरिष्ठ चिकित्सक ने रविवार को शवविच्छेदन रिपोर्ट के निष्कर्षों की जानकारी देते हुए बताया कि रिपोर्ट में मृत्यु का कारण प्राकृतिक बताया गया है.
चिकित्सक के अनुसार, नाना पाटेकर के हृदय की बाईं मुख्य कोरोनरी धमनी में रक्त का थक्का जम गया था. यह धमनी हृदय के बड़े हिस्से तक रक्त पहुंचाती है. धमनी में वसा जमा होने के कारण पहले से अवरोध उत्पन्न हुआ था. इसके बाद रक्त का थक्का बनने से रक्त प्रवाह बाधित हुआ और अचानक दिल का दौरा पड़ा, जिससे उनका निधन हो गया.
* घर में बेहोश मिले थे नाना पाटेकर
बता दें कि नाना पाटेकर 8 अक्तूबर की सुबह गोवा स्थित अपने घर में बेहोश हो गए थे. उन्हें तत्काल एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां सुबह 5 बजकर 10 मिनट पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था. उस समय डॉक्टरों ने प्रारंभिक तौर पर दिल का दौरा पड़ने को मृत्यु का संभावित कारण बताया था. अब शवविच्छेदन रिपोर्ट में भी हृदय की मुख्य धमनी में रक्त का थक्का जमने से आए दिल के दौरे को मृत्यु का कारण बताया गया है. रिपोर्ट के अनुसार, उनका निधन प्राकृतिक कारणों से हुआ.





