एशियाई खेलों में भारत के प्रदर्शन की समीक्षा करेगा खेल मंत्रालय
निशानेबाजी और बैडमिंटन में निराशाजनक प्रदर्शन पर रहेगा विशेष ध्यान

अनुभवी खिलाड़ियों को मिली सहायता और खर्च के अनुरूप नतीजों पर भी उठेंगे सवाल
नई दिल्ली/दि.9 – हाल ही में जापान के आइची-नागोया में संपन्न एशियाई खेलों में भारत के प्रदर्शन की समीक्षा खेल मंत्रालय 13 अक्टूबर को करेगा. केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया के नेतृत्व में होने वाली इस दिनभर की बैठक में राष्ट्रीय खेल महासंघों के पदाधिकारी शामिल होंगे. निशानेबाजी, बैडमिंटन और एथलेटिक्स में अनुभवी खिलाड़ियों के अपेक्षा से कमजोर प्रदर्शन पर विशेष चर्चा होने की संभावना है.
हांगझोऊ में पिछली एशियाई खेल प्रतियोगिता में 106 पदक जीतकर रिकॉर्ड बनाने वाले भारत को इस बार 21 स्वर्ण सहित कुल 85 पदकों से संतोष करना पड़ा. मंत्रालय इस प्रदर्शन के साथ खिलाड़ियों को दी जा रही आर्थिक सहायता की भी समीक्षा करेगा. खास तौर पर यह देखा जाएगा कि प्रशिक्षण, चोटों के प्रबंधन और अन्य सुविधाओं पर सार्वजनिक धन खर्च करने के बावजूद अपेक्षित परिणाम क्यों नहीं मिल रहे हैं.
* टॉप्स के 89 अनुभवी खिलाड़ी पदक से चूके
मंत्रालय के अनुसार, लक्ष्य ओलंपिक पोडियम योजना (टॉप्स) के तहत सहायता प्राप्त करने वाले 23 खेलों के 89 अनुभवी खिलाड़ी पदक जीतने में सफल नहीं हो सके. इसके अलावा सात खेलों में भारत पिछली प्रतियोगिता में जीते गए स्वर्ण पदक बरकरार नहीं रख पाया. ऐसे में खिलाड़ियों पर किए जा रहे खर्च और उनके प्रदर्शन के बीच तालमेल का आकलन किया जाएगा. बैडमिंटन में भारत को केवल पुरुष टीम स्पर्धा के कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा. पुरुष युगल के मौजूदा चैंपियन सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी पहले ही दौर में हारकर बाहर हो गई. निशानेबाजी में भी निराशा हाथ लगी. दो बार की ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर इस बार बिना पदक के स्वदेश लौटीं.
* एथलेटिक्स में भी घटा स्वर्ण पदकों का आंकड़ा
एथलेटिक्स में भारत के स्वर्ण पदकों की संख्या छह से घटकर एक रह गई. ज्योति याराजी और प्रवीण चित्रवेल जैसे प्रमुख खिलाड़ियों की चोटों के साथ अविनाश साबले का 5000 मीटर दौड़ में हिस्सा नहीं लेना भी चर्चा का विषय रहेगा. प्रतियोगिता से पहले या उसके दौरान खिलाड़ियों की चोटों की जानकारी सामने आने के तरीके पर भी मंत्रालय ने नाराजगी जताई है.
* पदार्पण करने वाले 310 खिलाड़ियों ने जगाई उम्मीद
निराशाजनक प्रदर्शन के बीच एशियाई खेलों में पहली बार हिस्सा लेने वाले भारतीय खिलाड़ियों ने उम्मीद जगाई. ऐसे 310 खिलाड़ियों ने कुल 41 पदक जीते. तीरंदाजी में महाराष्ट्र की 17 वर्षीय कुमकुम मोहोड ने दो स्वर्ण और एक रजत पदक जीतकर विशेष पहचान बनाई. उन्होंने व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने के साथ भारत के लिए ओलंपिक कोटा भी हासिल किया. भारतीय तीरंदाजों ने दक्षिण कोरिया की चुनौती का सामना करते हुए कुल नौ पदक अपने नाम किए.
मंत्रालय की समीक्षा बैठक में खिलाड़ियों को दिए जा रहे प्रशिक्षण, चोटों के उपचार एवं प्रबंधन और अन्य सुविधाओं पर होने वाले खर्च का भी आकलन किया जाएगा. उद्देश्य यह समझना होगा कि उपलब्ध संसाधनों का उपयोग किस तरह अधिक प्रभावी बनाया जाए और आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत के प्रदर्शन को कैसे बेहतर किया जा सके.





