अभिजीत दीपके की हिरासत पर देशभर में उबाल

मुंबई में तुषार गांधी भी रोके गए, सीजेपी के दिल्ली आंदोलन से पहले महाराष्ट्र में पुलिस की कार्रवाई

* मां की आंखों से छलके आंसू, पिता ने सरकार पर लोकतंत्र दबाने का आरोप लगाया
* हिरासत में बंद अभिजीत की 85 वर्षीय दादी का इसी बीच निधन
मुंंबई/छ.संभाजीनगर/दि.10 – मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया रोकने की मांग को लेकर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके द्वारा दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित आंदोलन से पहले ही महाराष्ट्र से लेकर राजधानी तक राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है. दिल्ली पहुंचते ही अभिजीत दीपके को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद उनके माता-पिता ने सरकार और पुलिस की कार्रवाई पर तीखे सवाल उठाए. उनकी मां मीडिया के सामने भावुक हो गईं और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े, जबकि पिता भगवान दीपके ने लोकतांत्रिक अधिकारों को दबाने का आरोप लगाया. इसी बीच, हिंगोली जिले के पैतृक गांव संतुक पिंपरी में अभिजीत की 85 वर्षीय दादी सावित्रीबाई शंकर दीपके का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया. उधर, दिल्ली के आंदोलन के समर्थन में मुंबई के ऑगस्ट क्रांति मैदान जा रहे महात्मा गांधी के पड़पोते तुषार गांधी और ‘हम भारत के लोग’ संगठन की उपाध्यक्ष गुड्डी एस. एल. को भी पुलिस ने हिरासत में लिया. इन घटनाओं ने शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन के अधिकार और पुलिस की कार्रवाई को लेकर बहस तेज कर दी है.
* विमान उतरते ही अभिजीत को हिरासत में लेने का दावा
सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके शनिवार सुबह दिल्ली में आंदोलन में शामिल होने पहुंचे थे. रिपोर्टों के अनुसार, उनका विमान दिल्ली हवाई अड्डे पर उतरते ही पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया और बाद में अज्ञात स्थान पर ले गई. सीजेपी से जुड़े सौरव दास और आशुतोष रांका को भी दिल्ली हवाई अड्डे पर हिरासत में लिए जाने की खबरें सामने आईं. आंदोलन के समर्थन में यूट्यूबर ध्रुव राठी को भी हिरासत में लिए जाने का उल्लेख रिपोर्टों में किया गया है.
आंदोलन का उद्देश्य मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और एसआईआर प्रक्रिया रोकने की मांग उठाना था. सीजेपी तथा विभिन्न विद्यार्थी संगठनों ने इसके लिए दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की योजना बनाई थी. रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस ने आंदोलन की अनुमति नहीं दी. महाराष्ट्र से दिल्ली जाने की तैयारी कर रहे 200 से अधिक कार्यकर्ताओं को नोटिस देने और हिरासत में लेने का दावा भी सामने आया है.
* मेरा बेटा पाकिस्तानी है क्या? मां का सवाल
अभिजीत को हिरासत में लिए जाने की खबर से उनकी मां बेहद व्यथित नजर आईं. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या उनका बेटा पाकिस्तानी है, जो उसके साथ ऐसा व्यवहार किया जा रहा है? उनका कहना था कि अभिजीत अपने निजी स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि गरीब परिवारों के बच्चों और विद्यार्थियों के भविष्य के लिए आवाज उठा रहा था. वह वहां जाकर दंगा करने वाला था क्या? उन्होंने कार्रवाई को अन्यायपूर्ण बताते हुए कहा कि विद्यार्थियों के अधिकारों के लिए आवाज उठाने वाले शिक्षित युवाओं को हिरासत में लिया जाता है, जबकि हाथों में लाठियां लेकर हिंसा से जुड़ी रील बनाने वालों पर वैसी कार्रवाई नजर नहीं आती. मां ने बताया कि अभिजीत के घर से निकलते समय उन्हें उसकी गिरफ्तारी की आशंका थी. उन्होंने बेटे को सावधान भी किया था, लेकिन अभिजीत ने उन्हें चिंता न करने और जो होगा, अच्छे के लिए होगा, कहकर समझाया था.
* पिता भगवान दीपके ने सरकार पर साधा निशाना
अभिजीत के पिता भगवान दीपके ने केंद्र और राज्य सरकार की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि भारतीय संविधान नागरिकों को शांतिपूर्ण आंदोलन करने और सत्ता से सवाल पूछने का अधिकार देता है. उनके अनुसार, आंदोलन की अनुमति नहीं मिलने का हवाला देकर लोगों की आवाज दबाना उचित नहीं है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर लोकतंत्र के प्रति असहिष्णुता के आरोप लगाए. मौजूदा स्थिति की तुलना 1975 के आपातकाल से करते हुए उन्होंने दावा किया कि लोकतांत्रिक अधिकारों पर दबाव बनाया जा रहा है. उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि जिनके खिलाफ जनता विरोध कर रही है, उन्हीं से विरोध की अनुमति मांगने की अपेक्षा करना कितना उचित है.
* दादी के निधन से परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
अभिजीत के पुलिस हिरासत में रहने के दौरान ही उनके परिवार को एक और बड़ा आघात लगा. हिंगोली जिले के पैतृक गांव संतुक पिंपरी में उनकी दादी सावित्रीबाई शंकर दीपके (85) का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया. वह पिछले कई महीनों से बीमार थीं और अस्पताल में उनका उपचार चल रहा था. शनिवार सुबह उनके निधन की खबर सामने आई. परिजनों के अंतिम संस्कार के लिए संतुक पिंपरी रवाना होने की जानकारी सामने आई. ऐसे में अभिजीत को महाराष्ट्र लौटने की आवश्यकता पड़ने पर पुलिस उन्हें कब रिहा करेगी, यह सवाल भी खड़ा हुआ है.
* मुंबई में तुषार गांधी और गुड्डी एस. एल. भी हिरासत में
दिल्ली के आंदोलन के समर्थन में मुंबई में भी शांतिपूर्ण प्रदर्शन की तैयारी थी. राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के पड़पोते तुषार गांधी ने शनिवार दोपहर 3.30 बजे ऐतिहासिक ऑगस्ट क्रांति मैदान में प्रदर्शन का आह्वान किया था. लेकिन मैदान पहुंचने से पहले ही पुलिस ने उन्हें रोक लिया. उनके साथ ‘हम भारत के लोग’ संगठन की उपाध्यक्ष गुड्डी एस. एल. को भी हिरासत में लिया गया. रिपोर्टों के अनुसार, तुषार गांधी को बांद्रा स्थित नेशनल कॉलेज परिसर के पास रोका गया. इसके बाद उन्हें बांद्रा, सांताक्रूज और जुहू पुलिस थानों में ले जाए जाने की जानकारी सामने आई. बाद में उन्हें अंधेरी पश्चिम के डी. एन. नगर पुलिस थाने में रखे जाने की खबर आई. गुड्डी एस. एल. को एमआईडीसी पुलिस थाने ले जाया गया. तुषार गांधी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट कर दावा किया कि पुलिस उन्हें हिरासत में लेकर अज्ञात स्थान पर ले गई. दूसरी ओर, मुंबई पुलिस का कहना था कि उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया, बल्कि एहतियाती कार्रवाई के तहत हिरासत में लिया गया है.
मुंबई पुलिस के अनुसार, ऑगस्ट क्रांति मैदान में प्रदर्शन के लिए न तो लिखित अनुमति मांगी गई थी और न ही अनुमति दी गई थी. इसके विपरीत, गुड्डी एस. एल. ने दावा किया कि तुषार गांधी के शहर से बाहर रहने के दौरान ईमेल के जरिए अनुमति मांगी गई थी, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला.
* कांग्रेस ने पुलिस कार्रवाई को बताया दमनकारी
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विजय वडेट्टीवार ने तुषार गांधी को हिरासत में लिए जाने की आलोचना करते हुए सवाल उठाया कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध की आवाज को दबाने की जरूरत क्यों पड़ रही है. उन्होंने महात्मा गांधी के सत्याग्रह का उल्लेख करते हुए कहा कि लोकतंत्र में विरोध की आवाज सुनी जानी चाहिए, न कि उसे दबाया जाना चाहिए.

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