तीसरी, चौथी और छठी कक्षा के विद्यार्थियों के लिए नए विषय अनिवार्य
शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू होगा बदलाव

* शारीरिक शिक्षा, कला, कार्य एवं व्यावसायिक शिक्षा की नई किताबें जरूरी
अमरावती/दि.27– राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप राज्य के स्कूल पाठ्यक्रम में किए गए बदलावों के तहत शैक्षणिक सत्र 2026-27 से कक्षा 3, 4 और 6 के विद्यार्थियों के लिए नए विषयों की पाठ्यपुस्तकों का उपयोग अनिवार्य किया गया है. यह बदलाव सभी प्रबंधन के सरकारी स्कूलों में लागू होगा.
* पाठ्यक्रम में किया गया बदलाव
शैक्षणिक सत्र 2026-27 से ग्रेड 2, 3, 4 और 6 के लिए नया पाठ्यक्रम लागू किया गया है. इसके तहत विद्यार्थियों को नियमित विषयों के साथ गतिविधि आधारित और कौशल विकास से जुड़े विषयों की शिक्षा दी जाएगी. कक्षा 3 और 4 के विद्यार्थियों के लिए शारीरिक शिक्षा एवं मनोरंजन, कला शिक्षा और व्यावसायिक शिक्षा की पाठ्यपुस्तकों का उपयोग करना जरूरी होगा. वहीं कक्षा 6 के विद्यार्थियों के लिए शारीरिक शिक्षा एवं मनोरंजन, कला शिक्षा, कार्य शिक्षा और व्यावसायिक शिक्षा से संबंधित किताबें अनिवार्य की गई हैं.
* सभी सरकारी स्कूलों में लागू
नया पाठ्यक्रम और संबंधित पाठ्यपुस्तकों का उपयोग सभी प्रबंधन के सरकारी स्कूलों में करना होगा. स्कूलों को विद्यार्थियों को निर्धारित विषयों की नियमित कक्षाएं लेने और पाठ्यपुस्तकों में दिए गए अध्ययन सामग्री तथा गतिविधियों को पढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं.
* हर सप्ताह पढ़ाई के लिए समय निर्धारित
नए समय-सारिणी के अनुसार कक्षा 3 से 5 तथा 6 से 8 के विद्यार्थियों के लिए इन गतिविधि एवं कौशल आधारित विषयों के लिए प्रति सप्ताह निर्धारित समय दिया जाएगा. इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में केवल किताबी ज्ञान के बजाय शारीरिक, कलात्मक, व्यावहारिक और व्यावसायिक कौशल विकसित करना है.
* गतिविधियों के जरिए होगा सीखना
नई पाठ्यपुस्तकों में विद्यार्थियों को शारीरिक शिक्षा एवं मनोरंजन, कला, कार्य और व्यावसायिक शिक्षा से संबंधित बुनियादी जानकारी दी जाएगी. शिक्षकों के अनुसार इन विषयों में विद्यार्थियों को विभिन्न गतिविधियों और उपक्रमों के माध्यम से व्यावहारिक अनुभव देने पर जोर रहेगा. शिक्षक राजेश सावरकर ने कहा कि नए पाठ्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को गतिविधियों के माध्यम से सीखने और विभिन्न कौशलों का प्रत्यक्ष अनुभव देने का है. इससे विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम का व्यावहारिक लाभ मिलेगा.





