मुथूट फिनकॉर्प घोटाले में आरोपियों की संख्या बढ़कर हुई तीन
शाखा प्रबंधक शुभम वासेवाय के दो सहयोगी भी गिरफ्तार

* लगभग साढ़े तीन किलो सोने की हेराफेरी की आशंका
* ऑडिट रिपोर्ट अब तक नहीं सौंपने से बढ़ा संदेह
* पुलिस ने 7 से 8 कर्मचारियों से की पूछताछ
* शाखा कार्यालय सील, बाहर पुलिस पहरा
* कंपनी ने ग्राहकों से धैर्य बनाए रखने की अपील की
अमरावती /दि.7 – शहर के एसटी डिपो मार्ग स्थित विमाको टॉवर में संचालित मुथूट फिनकॉर्प शाखा में सामने आए बहुचर्चित गोल्ड लोन और वित्तीय घोटाले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए और चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं. अब तक केवल शाखा प्रबंधक शुभम वासेवाय पर केंद्रित दिखाई दे रहा मामला अब एक संगठित रैकेट का रूप लेता नजर आ रहा है. पुलिस ने इस प्रकरण में दो और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिससे गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर तीन हो गई है.
कोतवाली पुलिस ने शाखा प्रबंधक शुभम वासेवाय (30) के अलावा सूरज अनिल खैरकर (32, छांगानी नगर) तथा धीरज पंचमराव सिरसाट (28, निंभा, तहसील भातकुली) को भी गिरफ्तार किया है. पुलिस सूत्रों के अनुसार दोनों आरोपियों की भूमिका वित्तीय लेन-देन और गोल्ड लोन खातों से जुड़ी अनियमितताओं में संदिग्ध पाई गई है. तीनों आरोपियों से अलग-अलग स्तर पर पूछताछ की जा रही है.
* 47 लाख और 700 ग्राम से बढ़कर साढ़े तीन किलो सोने तक पहुंची आशंका
प्रारंभिक जांच में जहां लगभग 47 लाख रुपये नकद और 700 ग्राम सोने की हेराफेरी की बात सामने आई थी, वहीं अब जांच अधिकारियों को आशंका है कि मामला इससे कहीं बड़ा हो सकता है. पुलिस सूत्रों के अनुसार शाखा में करीब साढ़े तीन किलो सोने की अफरा-तफरी होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता. जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि गोल्ड लोन लेने वाले ग्राहकों द्वारा गिरवी रखे गए सोने में से केवल ऋण राशि के बराबर हिस्से को रिकॉर्ड में दर्शाया जाता था, जबकि उसके अतिरिक्त मौजूद सोने के हिस्से में कथित रूप से हेराफेरी की जाती थी. यदि यह आशंका सही साबित होती है तो यह केवल नकद गबन का मामला नहीं, बल्कि सुनियोजित तरीके से ग्राहकों के बहुमूल्य आभूषणों के दुरुपयोग और अपहरण का गंभीर आर्थिक अपराध साबित हो सकता है.
* ऑडिट रिपोर्ट नहीं मिलने से बढ़ी जांच की जटिलता
मामले की जांच कर रही पुलिस ने मुथूट फिनकॉर्प प्रबंधन को लिखित रूप से शाखा की वर्तमान और पूर्व ऑडिट रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था. हालांकि पुलिस अधिकारियों के अनुसार कंपनी ने अब तक न तो नई ऑडिट रिपोर्ट और न ही पुरानी ऑडिट रिपोर्ट जांच एजेंसी को सौंपी है. ऑडिट रिपोर्ट के अभाव में घोटाले की वास्तविक सीमा का निर्धारण कठिन हो रहा है. जांच अधिकारियों का मानना है कि यदि कंपनी के रिकॉर्ड और ऑडिट दस्तावेज समय पर उपलब्ध हो जाएं तो यह स्पष्ट हो सकेगा कि अनियमितताएं कब से चल रही थीं, कितने खाते प्रभावित हुए और कुल कितनी राशि तथा कितना सोना गायब हुआ.
* पूरे स्टाफ पर जांच एजेंसियों की नजर
पुलिस ने शाखा में कार्यरत 7 से 8 कर्मचारियों से विस्तृत पूछताछ की है. कर्मचारियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं तथा यह पता लगाया जा रहा है कि शाखा के भीतर लेन-देन की प्रक्रिया कैसे संचालित होती थी और किस स्तर पर निगरानी की कमी रही. सूत्रों के अनुसार जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि क्या यह कथित घोटाला केवल कुछ व्यक्तियों तक सीमित था या फिर इसमें अन्य कर्मचारियों की भी प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष भूमिका रही है. पुलिस फिलहाल किसी भी संभावना को खारिज नहीं कर रही है.
* सील है शाखा, बाहर पुलिस का कड़ा पहरा
मामले के उजागर होने के बाद वीमाको टॉवर स्थित मुथूट फिनकॉर्प शाखा कार्यालय को सील कर दिया गया है. शाखा के बाहर पुलिस का कड़ा बंदोबस्त तैनात किया गया है, क्योंकि अपने गिरवी रखे गए सोने और जमा रकम को लेकर बड़ी संख्या में ग्राहक लगातार कार्यालय पहुंच रहे हैं. ग्राहकों में चिंता और असमंजस की स्थिति बनी हुई है. कई लोगों को आशंका है कि उनका सोना और धन वापस मिलेगा या नहीं. इसी पृष्ठभूमि में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्यालय परिसर में पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है.
* कंपनी ने जारी किया आश्वासन
बढ़ती चिंता के बीच मुथूट फिनकॉर्प प्रबंधन की ओर से शाखा कार्यालय के बाहर एक सार्वजनिक सूचना चस्पा की गई है. इस नोटिस में ग्राहकों से शांति और संयम बनाए रखने की अपील की गई है. साथ ही यह आश्वासन भी दिया गया है कि ग्राहकों का सोना सुरक्षित है और किसी का भी सोना डूबने नहीं दिया जाएगा. कंपनी ने ग्राहकों से जांच प्रक्रिया पूरी होने तक सहयोग करने का अनुरोध किया है. हालांकि कई ग्राहक तब तक आश्वस्त होने को तैयार नहीं हैं, जब तक उन्हें उनके आभूषण और लेन-देन संबंधी स्पष्ट जानकारी प्राप्त नहीं हो जाती.
* संगठित रैकेट की आशंका
जांच की दिशा और सामने आ रहे तथ्यों को देखते हुए पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यह मामला सामान्य गबन या व्यक्तिगत धोखाधड़ी से कहीं अधिक गंभीर हो सकता है. लगातार बढ़ती शिकायतें, कई कर्मचारियों से पूछताछ, अतिरिक्त गिरफ्तारियां और संभावित रूप से कई किलो सोने की हेराफेरी की आशंका इस ओर संकेत कर रही है कि यह एक सुनियोजित और संगठित आर्थिक घोटाला हो सकता है.
* जांच पर टिकी सभी की निगाहें
अब सभी की निगाहें पुलिस जांच, फोरेंसिक विश्लेषण और कंपनी की लंबित ऑडिट रिपोर्ट पर टिकी हैं. माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं तथा आरोपियों की संख्या बढ़ने से भी इनकार नहीं किया जा सकता. यदि साढ़े तीन किलो सोने की हेराफेरी की आशंका सही साबित होती है, तो यह अमरावती के हाल के वर्षों के सबसे बड़े वित्तीय और गोल्ड लोन घोटालों में से एक साबित हो सकता है.
मुत्थूूट फायनांस की अमरावती शाखा में कितने ग्राहकों के साथ कितने रूपयों की धोखाधडी व जालसाजी हुई है. इसका खुलासा कंपनी की ऑडिट रिपोर्ट मिलने के बाद ही हो सकेगा. ऐसे में हम फिलहाल मुत्थूट फिनकॉर्प कंपनी की ओर से ऑडिट रिपोर्ट मिलने का इंतजार कर रहे है. जिसे लेकर कंपनी से लगातार पत्रव्यवहार किया जा रहा है.
– श्याम घुगे,
शहर पुलिस उपायुक्त
* मुत्थूट फिनकॉर्प की अमरावती शाखा में कार्यरत रहनेवाले प्रत्येक कर्मचारी से पुछताछ की जाएगी और मामले से जुडे सभी पहलुओं की बडी बारिकी से पडताल की जा रही है.
रोशन सिरसाट,
थाना प्रभारी, City Kotwali Police Station





