ओबीसी संगठनों को मोर्चा नहीं निकालना चाहिए, कानून-व्यवस्था बिगड़ना उचित नहीं

मंत्री बावनकुले की ओबीसी संगठनों से आंदोलन और मोर्चे टालने की अपील

* कहा – ओबीसी और मराठा समाज पर किसी प्रकार का अन्याय नहीं होगा, दोनों समुदाय भाईचारे के साथ रहें
नागपुर/दि.15 -महाराष्ट्र में आरक्षण को लेकर बढ़ती राजनीतिक और सामाजिक हलचलों के बीच राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने ओबीसी संगठनों से आंदोलन और मोर्चे टालने की अपील की है. उन्होंने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है और किसी भी प्रकार के आंदोलन से समाजों के बीच तनाव पैदा होना उचित नहीं है.
शुक्रवार को नागपुर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मंत्री बावनकुले ने कहा कि सरकार ओबीसी और मराठा दोनों समाजों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है. किसी भी समाज पर अन्याय न हो, इसके लिए सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है. ऐसे में आंदोलन और मोर्चों के माध्यम से वातावरण को तनावपूर्ण बनाने से बचना चाहिए.
* ओबीसी और मराठा समाज में टकराव का कोई कारण नहीं
मंत्री बावनकुले ने स्पष्ट कहा कि ओबीसी समाज और मराठा समाज के बीच संघर्ष की कोई आवश्यकता नहीं है. दोनों समुदाय राज्य के सामाजिक ताने-बाने के महत्वपूर्ण हिस्से हैं और भाईचारे के साथ रहते आए हैं. उन्होंने कहा कि सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि न तो ओबीसी समाज के अधिकारों को नुकसान पहुंचे और न ही मराठा समाज के साथ अन्याय हो. राज्य सरकार की पूरी कोशिश है कि सभी निर्णय संवैधानिक और कानूनी दायरे में रहकर लिए जाएं.
* पात्र लोगों को ही दिए गए कुणबी प्रमाणपत्र
कुणबी प्रमाणपत्रों के मुद्दे पर विपक्ष और विभिन्न संगठनों की ओर से उठाए जा रहे सवालों के बीच मंत्री बावनकुले ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि अब तक करीब 22 लाख पात्र व्यक्तियों को कुणबी प्रमाणपत्र जारी किए गए हैं. उन्होंने बताया कि केवल उन्हीं लोगों को प्रमाणपत्र दिए गए हैं जिनके पास मूल कुणबी दस्तावेज उपलब्ध हैं और जिनका नाम संबंधित वंशावली अभिलेखों में दर्ज है. इस प्रक्रिया में सभी नियमों और कानूनी प्रावधानों का पालन किया गया है.
* सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील
राजस्व मंत्री बावनकुले ने कहा कि समाजों के बीच अविश्वास और टकराव का माहौल किसी के हित में नहीं है. उन्होंने सभी संगठनों से संयम बरतने और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की. उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार किसी भी वर्ग के साथ भेदभाव नहीं करेगी और सभी समुदायों के अधिकारों की रक्षा करेगी.
* लंबित राजस्व मामलों के निपटारे के लिए लोकअदालत
इस अवसर पर मंत्री बावनकुले ने यह भी घोषणा की कि राज्य में वर्षों से लंबित पड़े राजस्व संबंधी मामलों के त्वरित निपटारे के लिए राजस्व विभाग ने ‘महात्मा फुले लोकतांत्रिक लोकअदालत’ आयोजित करने का निर्णय लिया है. उन्होंने कहा कि भूमि, नामांतरण, वारसा, सीमाविवाद और अन्य राजस्व मामलों से जुड़े लंबित प्रकरणों को तेजी से निपटाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा. इससे आम नागरिकों को राहत मिलेगी और प्रशासनिक प्रक्रिया अधिक प्रभावी बन सकेगी.
राज्य में आरक्षण और सामाजिक प्रतिनिधित्व के मुद्दों पर चल रही बहस के बीच मंत्री बावनकुले का यह बयान महत्वपूर्ण माना जा रहा है. उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि सरकार सामाजिक संतुलन, कानून-व्यवस्था और सभी वर्गों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है.

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