ट्रक की टक्कर से पुलिसकर्मी का बेटा घायल
दो मौत के बाद भी नहीं जागा प्रशासन, फिर नो-एंट्री में घुसा रेती से भरा ट्रक

* महेंद्र कालोनी में आक्रोशित भीड से तनाव
अमरावती/दि.21– महेंद्र कालोनी में रविवार सुुबह करीब 9.30 बजे नो-एंट्री में रेत से भरे ट्रक की आवाजाही ने एक और हादसे को जन्म दे दिया. साइकिल से जा रहा एक बालक ट्रक की चपेट में आकर गंभीर रुप से घायल हो गया. घायल बालक शहर पुलिस विभाग में कार्यरत कर्मचारी का बेटा बताया गया है. नागरिकों ने तत्काल उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका उपचार जारी है. 28 जुलाई को नो-एंट्री में दाखिल रेत से भरे ट्रक की चपेट में आने से गौरी-हर्षा की मौत हुई थी. उस दर्दनाक हादसे के बाद भारी वाहनों की शहर में आवाजाही पर सख्ती की उम्मीद थी. इसके बावजूद रेत से लदे ट्रकों का शहर में बेखौफ प्रवेश जारी है. महेंद्र कालोनी की घटना ने यातायात व्यवस्था और नो-एंट्री के पालन पर फिर गंभीर सवाल खडे कर दिए है.
जानकारी के मुताबिक रेत से भरे ट्रक रेत के अड्डे पर खाली करने के लिए जा रहा था. इसी दौरान सीआईडी में कार्यरत हेड कांस्टेबल अजय पाथरे का साइकिल सवार बेटा ट्रक की चपेट में आ गया. हादसे में उसे गंभीर चोटें आई. घटना की सूचना मिलते ही पुललिस मौके पर पहुंची और जाुंच शुरु की.
* भारी वाहनों की नियमित आवाजाही से खतरा
महेंद्र कालोनी के इस मार्ग से रेत से भरे भारी वाहनों की नियमित आवाजाही होने की बात सामने आयी है. लडका इस संजोग से विपरित दिशा में जमीन पर गिरने से वह ट्रक के पहिए के नीचे आने से बाल-बाल बचा. इससे क्षेत्र के नागरिक की सुरक्षा पर सवाल खडे हो रहे हैं. हादसे के बाद बडी संख्या में नागरिक मौके पर जमा हो गए और आक्रोश व्यक्त किया. इससे कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बनी रही.
* ट्रक जब्त, चालक पर अपराध दर्ज
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर ट्रक जब्त कर थाने में खडा कर दिया. ट्रक चालक के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.
* सामने नंबर प्लेट नहीं, पीछे एमएच-02/एफजी-5164
हादसे में शामिल ट्रक पर पीछे केवल एमएच-02/एफजी-5164 नंबर की प्लेट लगी थी, जबकि सामने नंबर प्लेट नहीं थी. इस बात को लेकर मौके पर मौजूद नागरिकों में तीव्र आक्रोश दिखाई दिया. वाहन की नंबर प्लेट और नियमों के पालन को लेकर भी पुलिस जांच कर रही है.
* ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों पर सवाल
इसके बावजूद विद्यापीठ, बियाणी, गर्ल्स हाईस्कूल और इर्विन चौक में तैनात राजापेठ, गाडगे नगर और फ्रेजरपुरा यातायात विभाग के उन कर्मचारियों पर अब तक कार्रवाई नहीं हुई है, जो उस दिन दोपहर 3 बजे ड्यूटी पर तैनात थे. गौरी-हर्षा की मौत के बाद भी नो-एंट्री में भारी वाहन घुसने की घटना सामने आने से यातायात व्यवस्था की निगरानी और जवाबदेही पर एक बार फिर सवाल खडे हो गए हैं.
* गौरी-हर्षा की मौत प्रकरण में 8 यातायात कर्मियों की वेतन-वृद्धि रोकी
गौरी-हर्षा की मौत के बाद यह गंभीर सवाल उठा था कि, नो-एंट्री में दाखिल हुआ रेत से भरा ट्रक मासोद से राजापेठ उडानपुल तक आखिर कैसे पहुंच गया. मामले की जांच पुलिस आयुक्त ने डीसीपी प्रांजलि सोनवणे से कराई थी. जांच रिपोर्ट भी कई दिन पहले पुलिस आयुक्त के पास पहुंचने के बाद उन्होंने इस प्रकरण में 8 यातायात कर्मियों की एक वेतन-वृद्धि रोकने की कार्रवाई की. इस तरह दो महिलाओं की मृत्यु मामले में सिर्फ वेतन-वृद्धि रोकने तक कार्रवाई की खानापूर्ति कर दी गई.





