भीषण गर्मी में गहराया बिजली संकट
मांग में रिकॉर्डतोड वृद्धि, उत्पादन आधे से भी कम, लोग परेशान

अमरावती/दि.29– महाराष्ट्र में भीषण गर्मी के बीच बिजली संकट गहराने लगा है. अप्रैल खत्म होने से पहले ही राज्य में बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है, जबकि उत्पादन क्षमता बुरी तरह प्रभावित हुई है. हालात ऐसे हैं कि बिजली की मांग 32 हजार मेगावॉट के पार पहुंच गई है, लेकिन उत्पादन आधे से भी कम रह गया है. बढ़ती गर्मी, बिजली की ट्रिपिंग और घटते उत्पादन ने आम नागरिकों की परेशानी बढ़ा दी है.
ऊर्जा विभाग के आंकड़ों के अनुसार राज्य में मंगलवार को बिजली की मांग करीब 29,551 मेगावॉट दर्ज की गई, जबकि कुल उत्पादन केवल 17,898 मेगावॉट रहा. इससे बिजली आपूर्ति व्यवस्था पर भारी दबाव बना हुआ है. सबसे बड़ी चिंता यह है कि महाजेनको के ताप विद्युत केंद्रों से अपेक्षित उत्पादन नहीं हो पा रहा है. महाजेनको के थर्मल पावर प्लांटों से केवल 6,084 मेगावॉट बिजली उत्पादन हो रहा है. स्थिति इसलिए और गंभीर हो गई है क्योंकि राज्य के तीन बड़े ताप विद्युत केंद्रों की इकाइयां बंद पड़ी हैं. कोराडी की 660 मेगावॉट, नाशिक की 210 मेगावॉट और चंद्रपुर की 500 मेगावॉट क्षमता वाली इकाइयां फिलहाल बंद हैं. इससे बिजली उत्पादन पर सीधा असर पड़ा है.
भीषण गर्मी, पानी की कमी और बिजली उत्पादन में गिरावट के चलते महाराष्ट्र में ऊर्जा संकट गहराने लगा है. आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ने की आशंका के बीच बिजली आपूर्ति व्यवस्था पर दबाव और बढ़ सकता है.
* जलविद्युत परियोजनाओं पर भी गर्मी का असर
दूसरी ओर, भीषण गर्मी और जलसंकट का असर जलविद्युत परियोजनाओं पर भी दिखाई दे रहा है. पानी की कमी के कारण 2,580.2 मेगावॉट क्षमता वाले जलविद्युत प्रकल्पों से केवल 214 मेगावॉट बिजली उत्पादन हो रहा है, जबकि चार परियोजनियां पूरी तरह बंद हैं. उरण गैस परियोजना भी गैस की कमी से जूझ रही है. 432 मेगावॉट क्षमता वाले इस प्रकल्प से केवल 268 मेगावॉट बिजली उत्पादन हो पा रहा है.
* पूरे राज्य में बढी ‘ट्रिपिंग’ की शिकायतें
राज्यभर में ‘ट्रिपिंग’ की शिकायतें भी तेजी से बढ़ रही हैं. कई शहरों और ग्रामीण इलाकों में बार-बार बिजली गुल होने से नागरिकों को भीषण गर्मी में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. पंखे, कूलर और एसी बंद होने से लोगों का जीना मुश्किल हो गया है.
* कहीं कोई लोडशेडिंग नहीं
इसी बीच महावितरण ने दावा किया है कि फिलहाल राज्य में लोडशेडिंग नहीं की जाएगी. कंपनी का कहना है कि बढ़ती मांग पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर अल्पकालिक बिजली खरीदकर आपूर्ति संतुलित की जाएगी. बावजूद इसके, लगातार बढ़ती मांग और घटते उत्पादन ने आने वाले दिनों के लिए चिंता बढ़ा दी है. गर्मी के कारण बिजली संकट के साथ स्वास्थ्य संकट भी गहराता जा रहा है.
* गर्मी के चलते उष्माघात के मरीज बढे
राज्य में अब तक 55 उष्माघात के मरीज दर्ज किए जा चुके हैं. स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जनवरी और फरवरी में 17 मरीज मिले थे, जबकि दो मौतों की भी जानकारी दर्ज हुई है. हालांकि इन मौतों का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है.
* किस विद्युत केंद्र में कितनी बिजली का उत्पादन (मेगावैट)
बिजली केंद्र क्षमता उत्पादन
कोराडी 2190 969
खापरखेडा 1340 1050
पारस 500 347
परली 750 443
नाशिक 630 175
भुसावल 1870 1107
जलविद्युत 2580 214





