कर्जमाफी के मुद्दे पर विधान परिषद में भिड़े प्रवीण दरेकर और बच्चू कडू
दरेकर ने बच्चु कडू को आवाज नीचे करने कहा

* बच्चु कडू से दस गुना ज्यादा जोर से बोलने का दिया चैलेंज
मुंबई/दि.24- महाराष्ट्र विधान परिषद के पावस सत्र के दौरान किसानों की कर्जमाफी के मुद्दे पर सदन में उस समय तीखी नोकझोंक देखने को मिली, जब भाजपा विधायक प्रवीण दरेकर और शिंदे गुटवाली शिवसेना के विधायक बच्चू कडू आमने-सामने आ गए. दोनों नेताओं के बीच हुई तीखी बहस से कुछ समय के लिए सदन का माहौल गरमा गया.
कर्जमाफी के विषय पर चर्चा के दौरान सरकार की ओर से मंत्री बाबासाहेब पाटील जवाब दे रहे थे. अपने वक्तव्य में उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने किसानों की कर्जमाफी किसी चुनाव को ध्यान में रखकर नहीं की है, बल्कि किसानों को राहत देने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है. इसी दौरान बच्चू कडू ने मंत्री के भाषण के बीच हस्तक्षेप करते हुए अपने सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि विपक्ष और अन्य सदस्यों द्वारा रखे गए मुद्दों का स्पष्ट जवाब मिलना चाहिए तथा उनके प्रश्नों की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए.
मंत्री के जवाब के दौरान लगातार हस्तक्षेप किए जाने पर प्रवीण दरेकर ने कड़ी आपत्ति जताई. उन्होंने सभापति से कहा कि सदन की परंपराओं का पालन होना चाहिए और जब कोई मंत्री जवाब दे रहा हो तो उसे पूरा बोलने दिया जाना चाहिए. दरेकर ने कहा कि बार-बार बीच में टोका जाना सदन की गरिमा के अनुरूप नहीं है और इससे कार्यवाही प्रभावित होती है.
इसके बाद बच्चू कडू द्वारा पुनः हस्तक्षेप किए जाने पर दरेकर का स्वर और तीखा हो गया. उन्होंने कहा, आपको सवालों के जवाब चाहिए या सिर्फ यह दिखाना है कि आप बोल रहे हैं? बहस के दौरान दरेकर ने बच्चू कडू से कहा, आप आवाज ऊंची मत कीजिए. मैं आपसे 10 गुना ज्यादा जोर से बोल सकता हूं. सदन में दादागिरी नहीं चलेगी. आपकी शैली से सदन का कामकाज नहीं चल सकता. दरेकर की इस टिप्पणी के बाद कुछ समय के लिए सदन में तनावपूर्ण स्थिति बन गई और दोनों नेताओं के बीच तीखी शब्दों की अदला-बदली हुई.
किसानों की कर्जमाफी को लेकर पहले से ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं. इसी मुद्दे पर अब सत्तापक्ष से जुडे दो विधायकों के बीच हुई यह तीखी नोकझोंक अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई है. सदन में हुई इस बहस ने एक बार फिर किसानों के मुद्दे और कर्जमाफी की राजनीति को केंद्र में ला दिया है.