‘विदर्भ का राजा’ के विसर्जन की तैयारियां शुरू

मोसीकॉल परिसर के विशालकाय कुएं की शुरू की गई सफाई

कुएं में जमा कचरे व गंदे पानी को बाहर निकालकर भरा जा रहा साफ पानी
जल शुद्धिकरण के साथ ही मोसीकॉल कारखाना परिसर स्थित झाड-झंखाड हटाए जा रहे
विसर्जन स्थल के पास एलईडी स्क्रीन व 2500 क्षमता वाली दर्शकदीर्घा निर्माण का कार्य युद्धस्तर पर
न्यू आजाद मंडल के मुखिया व मनपा पार्षद दिनेश बूब की देखरेख के तहत चल रही व्यवस्थाएं
1 अक्तू. को निकलेगी विदर्भ का राजा की शाही सवारी, 21 फीट ऊंची गणेश प्रतिमा का होगा जल्लोषपूणर्र् विसर्जन
अमरावती/दि.29 – अमरावती सहित पूरे विदर्भ के गणेशभक्तों की आस्था का केंद्र बने ‘विदर्भ का राजा’ के विसर्जन की तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच गई हैं. स्थानीय खापर्डे बगीचा परिसर स्थित न्यू आजाद गणेशोत्सव मंडल के प्रमुख कर्ताधर्ता एवं मनपा पार्षद दिनेश बूब की देखरेख में मोसीकॉल कारखाना परिसर स्थित विशालकाय कुएं की विशेष सफाई और विसर्जन व्यवस्था का कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया है. इसी कुएं में मंडल में विराजमान 21 फीट ऊंची भव्य गणेश प्रतिमा का विधिवत विसर्जन किया जाएगा. हर वर्ष की तरह इस बार भी विसर्जन से पहले कुएं की संपूर्ण सफाई, जल शुद्धिकरण और जलपूजन की परंपरा निभाई जा रही है. मंगलवार सुबह से ही श्रमिकों और मंडल के स्वयंसेवकों ने कुएं में जमा कचरा निकालने तथा दूषित एवं अशुद्ध जल की निकासी का कार्य प्रारंभ कर दिया. इसके बाद कुएं में स्वच्छ जल भरकर विधिवत जलपूजन किया जाएगा. जलपूजन के पश्चात ही ‘विदर्भ का राजा’ की प्रतिमा का विसर्जन किया जाएगा.
बता दे कि, न्यू आजाद गणेशोत्सव मंडल परिसर से गुरुवार, 1 अक्तूबर को दोपहर 2 बजे विसर्जन शोभायात्रा का शुभारंभ होगा. पारंपरिक ढोल-ताशों, भजन-कीर्तन और गणपति बप्पा मोरया के जयघोष के बीच निकलने वाली यह शोभायात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरेगी. यह शोभायात्रा इर्विन चौक, मालवीय चौक, जयस्तंभ चौक, राजकमल चौक, श्याम चौक, वसंत चौक, दीपक चौक, होटल आदर्श चौक और चौधरी चौक मार्ग से होती हुई रात लगभग 10 बजे मोसीकॉल कारखाना परिसर पहुंचेगी. यहां श्रद्धालुओं की उपस्थिति में गणपति बप्पा को भावभीनी विदाई दी जाएगी.
ज्ञात रहे कि, ‘विदर्भ का राजा’ के विसर्जन समारोह में हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं. इस बार भी हजारों गणेशभक्तों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए विसर्जन स्थल के समीप लगभग 2,500 लोगों की क्षमता वाली विशाल दर्शकदीर्घा तैयार की जा रही है. इससे श्रद्धालु सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से विसर्जन समारोह का दर्शन कर सकेंगे. मंडल की ओर से विसर्जन स्थल पर प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं की भी विशेष व्यवस्था की जा रही है. श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए स्वयंसेवकों की अलग-अलग टीमों का गठन किया गया है.
मंडल पदाधिकारियों ने अमरावती तथा विदर्भ के गणेशभक्तों से 1 अक्टूबर को बड़ी संख्या में उपस्थित होकर ‘विदर्भ का राजा’ की भव्य विसर्जन शोभायात्रा और अंतिम दर्शन का लाभ लेने का आह्वान किया है.

* परंपरा, आस्था और अनुशासन का संगम होगा साकार
न्यू आजाद गणेशोत्सव मंडल के प्रमुख कर्ताधर्ता एवं मनपा पार्षद दिनेश बूब ने दैनिक ‘अमरावती मंडल’ से बातचीत करते हुए बताया कि, न्यू आजाद मंडल एवं ‘विदर्भ का राजा’ की गणना विदर्भ के सबसे ख्यातिप्राप्त सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडलों में की जाती है. प्रतिवर्ष हजारों श्रद्धालु ‘विदर्भ का राजा’ के दर्शन के लिए पहुंचते हैं और विसर्जन शोभायात्रा में सहभागी बनते हैं. मंडल द्वारा वर्षों से निभाई जा रही परंपरा के अनुसार कुएं की सफाई और जलपूजन के बाद ही प्रतिमा विसर्जन किया जाता है. इसी परंपरा को कायम रखते हुए इस वर्ष भी धार्मिक विधि-विधान और पर्यावरणीय स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जा रहा है. साथ ही प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी ‘विदर्भ का राजा’ की विसर्जन यात्रा को भव्य-दिव्य बनाने का पूरा नियोजन किया गया है तथा ‘अगले बरस तू जल्दी आ’ की प्रार्थना करते हुए ‘विदर्भ का राजा’ को भावभीनी एवं शाही विदाई दी जाएगी.

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