अमरावती में कांग्रेस का ‘रघुपति राघव राजाराम’ सत्याग्रह
अयोध्या राम मंदिर में कथित दान और भूमि अनियमितता मामला

* पूर्व पालकमंत्री डॉ. सुनील देशमुख के नेतृत्व में कठोरा के श्रीराम मंदिर में आंदोलन
अमरावती/दि.13- अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर में दानराशि के कथित दुरुपयोग और भूमि खरीद में कथित अनियमितताओं के विरोध में शनिवार को अमरावती में पूर्व पालकमंत्री डॉ. सुनील देशमुख के नेतृत्व में युवक कांग्रेस और जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से ‘रघुपति राघव राजाराम’ सत्याग्रह आयोजित किया गया. यह प्रतीकात्मक आंदोलन कठोरा रोड स्थित सौरभ कॉलोनी के श्रीराम मंदिर परिसर में हुआ.
कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं ने श्रीराम की आरती कर श्रद्धालुओं की भावनाओं से जुड़े मुद्दे पर निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की. आंदोलनकारियों ने कथित दान घोटाले और भूमि खरीद में हुई अनियमितताओं की जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की. इस अवसर पर डॉ. सुनील देशमुख ने केंद्र सरकार और संबंधित ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि राम मंदिर के नाम पर श्रद्धालुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ हुआ है. उन्होंने कहा कि कथित दान और भूमि खरीद मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को सजा मिलनी चाहिए तथा श्रद्धालुओं के दान की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए.
डॉ. देशमुख ने आरोप लगाया कि वर्ष 2021 में सामने आए कथित भूमि खरीद प्रकरण और जून 2026 में सामने आए कथित दान प्रकरण में अब तक बड़े जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं हुई है. उन्होंने कहा कि यह आंदोलन राजनीतिक नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं की आस्था की रक्षा के लिए है. सत्याग्रह में बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, युवक कांग्रेस कार्यकर्ता, महिला कांग्रेस प्रतिनिधि तथा स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे. आंदोलन के दौरान दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर नारेबाजी भी की गई. आंदोलन में शहराध्यक्ष बबलू शेखावत, मनपा के विपक्ष नेता विलास इंगोले, प्रदेश प्रवक्ता एड. दिलीप एडतकर, पार्षद मिलिंद चिमोटे, प्रदेश उपाध्यक्ष भैया पवार, प्रदेश महासचिव किशोर बोरकर, युकां विधानसभा अध्यक्ष वैभव देशमुख, महिला अध्यक्षा जयश्री वानखडे, पार्षद प्रशांत महल्ले, अनीता काले, लुभना तन्वीर, मुन्न नवाब, राजश्री जठाले, पूजारी रामराव मैदानकर, निरीक्षण अविनाश पांडे, युकां जिला उपाध्यक्ष नितिन काले, सुजाता झाडे, पूर्व महापौर अशोक डोंगरे, सतीश मेटांगे, प्रदीप बनारसे, डॉ. दिनेश गवली, प्रदीप अरबट, दिनेश मेश्राम, विजय बर्वे, गजानन रडके, सतीश काले, मंगेश ठाकरे, भैया साहब निचल, विजय वानखडे, गजानन जाधव, समीर जवंजाल, मुकेश गिरी, अरुण रामेकर, गौतम नाईक, विक्की उर्फ मयूर शेवने, गणेश ढोरे, राहुल साबले, सारंग दामोदर, आशीष यादव, कुणाल गावंडे, शुभम बांबल, धनंजय बोबडे, अजय कुबडे, ओम कुबडे, प्रमिला निंभोरकर, सविता काकडे, अस्मिता कठाने, सारिका देशमुख, योगिता झगडे, प्रकाश बहाले, सुभाष निचत, विनायक देशमुख, सोपानराव इंगोले, पुरुषोत्तम बारबुद्धे, रमेशपंत तराल, श्यामबाबा निचित, एड. अचल कोल्हे, वासुदेव केने, गजानन मनोहरे, गजानन व्यवहारे, प्रशांत महल्ले, प्रा. अनिल देशमुख, शीतल देशमुख, किरण चांदवडकर, दिनेश जांबुलकर, गजानन वानखडे, प्रफुल्ल इंगोले, सुरेश बंड, मनोहर दुर्गे, नारायण भुसारी, जोगेंद्र तोमर, दिनेश मेश्राम, दिनेश खासने, चंद्रशेखर भोंगाडे, सागर धानोरकर, सुनील कथलकर, शुभम भुयार, नाना धोटे, करण खेरडे, ओम भाकरे, विनायक डिके, श्रीकृष्ण घोंगडे, देवेंद्र मुनघाटे, अरुण डवरे, आयुष रडके, सारंग दामोदर, शशिकांत महाले, तुराब पटेल समेत बडी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी व कार्यकर्ता शामिल हुए थे.





