विदर्भ में बारिश का कहर
अमरावती जिले में सिपना, मेघा नदी को बाढ

* मेलघाट के कई गांवों का संपर्क टूटा
* अमरावती में 60 मिमी बरसे मेघ, पूर्णा बांध के तीन गेट खोले
* सावन के पहले ही दिन वरुणदेव प्रसन्न
* अनेक गांवों में जलजमाव, अप्रिय घटना का समाचार नहीं
* शुक्रवार शाम तक रेड अलर्ट
* शिरजगांव कसबा में मेघा नदी में बाढ, मोर्शी में संतरा बर्बाद
अमरावती/दि.30 – आखिरकार सावन माह के पहले ही दिन जलदेवता अमरावती जिले और परिसर पर मेहरबान हुए. आज दोपहर तक पिछले 24 घंटे में 50 मिमी से अधिक औसत बारिश हो जाने का अंदाज मौसम विशेषज्ञ व्यक्त कर रहे थे. उधर पूर्णा बांध के तीन गेट खोलने पडे है. कैचमेंट एरिया में हुई भारी बरसात के कारण बांध लबालब हो जाने के बाद गेट खोलने का निर्णय लिया गया. उधर मेलघाट के सिपना नदी में बाढ आ जाने और रात से ही जारी बारिश की झडी के कारण 25 से अधिक गांवों का संपर्क टूट गया है. बैतूल रोड पर सबेरे यातायात अवरुद्ध हो गया था. शिरजगांव कसबा में भी मेघा नदी उफान पर आ गई है. मोर्शी में भारी बारिश से संतरा बगीचों को बडा नुकसान पहुंचने की खबर है. कई गांवों में जलजमाव की खबर के बीच जान-माल के नुकसान का दोपहर तक समाचार नहीं होने की जानकारी आपदा प्रबंधन के रामेकर ने अमरावती मंडल से चर्चा दौरान दी.
* मेलघाट में यातायात बाधित
मेलघाट में भारी बारिश से कोहराम मचा है. भैसदेही-बैतूल जानेवाले पुल से उफनती सिपना नदी का पानी बहने से सबेरे कई घंटों तक यातायात बाधित रहा. यह पुल भी काफी वर्ष पुराना होने से जर्जर अवस्था में रहने के कारण दोनों ओर के वाहन चालकों ने पानी विसर्ग का इंतजार करना ही मुनासीब समझा. पूर्वान्ह 11.30 बजे तक बारिश का जोर कम होने के बाद इस मार्ग से यातायात शुरु हो गया था. उधर धारणी और चिखलदरा के दो दर्जन से अधिक गांव संपर्कहीन हो गए. उनमें धारणमहू, हरदोली, चटवाबोड, चेथर, केकदाबोड, ढाकरमल, उकूपाटी, निरगुटी, काटकुंभ, बुलुमगांव, बोटीलावा, जीराढाणा, बैरागड, कसाईखेडा, कुटंगा, रंगुबेली, सावनखेडा, कामदा कुंड, बेनीखेडा, टांकणढाणा आदि गांवों का समावेश रहा.
* मेघा भी उफान पर
शिरजगांव कसबा से प्राप्त समाचार के अनुसार मेघा नदी में बाढ आ जाने से परिसर के 35 गांवों का संपर्क कट गया था. कई भागों में जलजमाव के समाचार मिले है. बारिश के कारण खेतों में पानी भर गया है. जिससे तुअर, सोयाबीन की बुआई खतरे में आ जाने का भी अंदेशा व्यक्त किया जा रहा है.

पूर्णा बांध के तीन गेट खोले गये
चांदूर बाजार – लगातार हो रही बारिश के कारण पूर्णा मध्यम प्रकल्प में जलस्तर बढ़ने पर गुरुवार सुबह प्रकल्प से पानी छोड़ा गया. प्रकल्प प्रशासन ने नदी किनारे बसे गांवों को सतर्क रहने की चेतावनी जारी की है. प्रकल्प के बाढ नियंत्रण कक्ष के अनुसार 30 जुलाई को सुबह 9 बजे जलाशय का जलस्तर 450.09 मीटर दर्ज किया गया. जलाशय में 27.1124 दलघमी उपयोगी जलसंचय उपलब्ध है, जो कुल क्षमता का 76.65 प्रतिशत है. इसके चलते सुबह 10 बजे प्रकल्प के तीन गेट 10 सेंटीमीटर से बढ़ाकर 20 सेंटीमीटर तक खोल दिए गए, जिससे नदी में 48.01 घनमीटर प्रति सेकंड की दर से पानी छोड़ा जा रहा है. प्रकल्प प्रशासन ने संबंधित विभागों को आवश्यक सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं. साथ ही नदी किनारे बसे गांवों के लोगों से अपील की गई है कि वे सतर्क रहें, नदी और नालों के पास जाने से बचें तथा प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें.

मोर्शी तहसील में मूसलाधार बारिश से संतरा फसल को भारी नुकसान
मोर्शी – अमरावती जिले की मोर्शी तहसील में पिछले दो दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने संतरा उत्पादक किसानों की चिंता बढ़ा दी है. लगातार वर्षा और तेज हवाओं के कारण संतरे के बागों में बड़े पैमाने पर फलों का गिरना शुरू हो गया है. कई स्थानों पर पेड़ों की डालियां भी टूट गई हैं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान होने की आशंका है. मोर्शी तहसील के हिवरखेड़, दापोरी, यावली, घोडदेव, सालबर्डी, पाला, मायवाड़ी, भाईपुर सहित कई गांवों के संतरा बागों में पानी भर गया है. जलभराव के कारण फलों की गुणवत्ता प्रभावित होने के साथ-साथ पेड़ों में रोग लगने का खतरा भी बढ़ गया है. किसानों का कहना है कि इस समय फसल तैयार होने की अवस्था में थी, लेकिन लगातार बारिश ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया. संतरा बागों की देखभाल पर किसानों ने खाद, दवाइयों, सिंचाई और मजदूरी पर लाखों रुपये खर्च किए हैं. ऐसे में फलों के गिरने और उत्पादन प्रभावित होने से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है. किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों का तत्काल सर्वेक्षण कर नुकसान का पंचनामा कराया जाए और शासन की ओर से शीघ्र आर्थिक सहायता प्रदान की जाए. किसानों का कहना है कि समय पर मुआवजा नहीं मिला तो उनकी आर्थिक स्थिति और अधिक खराब हो सकती है.
* अमरावती जिले के बारिश के आंकडे (पिछले 24 घंटे में)
धारणी 22.5 मिमी.
चिखलदरा 79.4 मिमी.
अमरावती 30.5 मिमी.
भातकुली 24.5 मिमी.
नांदगांव खंडे. 52.2 मिमी.
चांदुर रेलवे 16.4 मिमी.
तिवसा 11.1 मिमी.
मोर्शी 20.0 मिमी.
वरुड 18.6 मिमी.
दर्यापुर 18.5 मिमी.
अंजनगांव 37.9 मिमी.
अचलपुर 31.6 मिमी.
धामणगांव 10.4 मिमी.
* अमरावती संभाग के बारिश के आंकडे (पिछले 24 घंटे में)
बुलढाणा 10.7 मिमी.
अकोला 15.5 मिमी.
अमरावती 29.4 मिमी.
वाशिम 13.5 मिमी.
यवतमाल 33.6 मिमी.
* अमरावती में अतिवृष्टि की आशंका
मौसम विभाग ने बताया कि, अमरावती के साथ ही वाशिम, वर्धा, अकोला, चंद्रपुर, नागपुर, यवतमाल में भारी से मध्यम बरसात हुई है. अगले 24 घंटे के लिए रेड अलर्ट जारी रखते हुए मौसम विशेषज्ञ प्रवीण कुमार ने बताया कि, छत्तीसगढ और मध्य प्रदेश पर बना उच्च दबाव का क्षेत्र सक्रिय हो जाने से अमरावती में कुछ जगह पर 200 मिमी तक बरसात अर्थात अतिवृष्टि हो सकती है.





