राणा दंपत्ति हुए मुंबई की अदालत में पेश

हनुमान चालीसा और राजद्रोह मामले में लगाई हाजरी

* न्यायिक प्रक्रिया में पूरा सहयोग देने की बात कही
* अब 24 अगस्त को होगी मामले की अगली सुनवाई
* उच्च न्यायालय में भी याचिका दायर करने का भी किया दावा
मुंबई/ दि. 5- हनुमान चालीसा प्रकरण तथा उससे जुड़े राजद्रोह सहित विभिन्न आरोपों वाले मामले की सुनवाई के लिए भाजपा नेत्री एवं पूर्व सांसद नवनीत राणा तथा विधायक रवि राणा बुधवार को मुंबई जिला एवं सत्र न्यायालय में उपस्थित हुए. इस दौरान दोनों नेताओं ने न्यायालयीन प्रक्रिया में पूर्ण सहयोग करने की बात दोहराते हुए भारतीय न्याय व्यवस्था पर अपना पूरा विश्वास व्यक्त किया.
सुनवाई के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए विधायक रवि राणा ने बताया कि मामले की अगली सुनवाई 24 अगस्त 2026 को निर्धारित की गई है. उन्होंने कहा कि इस मामले में न्याय प्राप्त करने के लिए उच्च न्यायालय का भी दरवाजा खटखटाया जाएगा और जल्द ही संबंधित याचिका दायर की जाएगी. विधायक रवि राणा ने कहा कि उनका न्यायपालिका पर पूरा विश्वास है और न्यायालय जो भी निर्णय देगा, उसका सम्मान किया जाएगा. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे कानूनी दायरे में रहकर अपना पक्ष रखते रहेंगे.
* 2022 के हनुमान चालीसा विवाद से जुड़ा है मामला
गौरतलब है कि यह मामला वर्ष 2022 में उस समय चर्चा में आया था, जब तत्कालीन सांसद नवनीत राणा और विधायक रवि राणा ने तत्कालीन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के मुंबई स्थित निवास ‘मातोश्री’ के बाहर हनुमान चालीसा पाठ करने की घोषणा की थी. इस घोषणा के बाद तत्कालीन राज्य सरकार ने राणा दंपती के खिलाफ राजद्रोह सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था. बाद में दोनों को गिरफ्तार भी किया गया था और उन्हें लगभग 14 दिनों तक न्यायिक हिरासत में रहना पड़ा था. इस घटनाक्रम ने उस समय राज्य और राष्ट्रीय राजनीति में व्यापक चर्चा को जन्म दिया था. इसी प्रकरण की आगे की सुनवाई के लिए बुधवार को दोनों नेता न्यायालय में उपस्थित हुए. उन्होंने कहा कि वे न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करते हैं और कानूनी तरीके से अपनी लड़ाई जारी रखेंगे.
* 24 अगस्त की सुनवाई पर टिकी निगाहें
मुंबई जिला एवं सत्र न्यायालय में इस मामले की अगली सुनवाई 24 अगस्त 2026 को होगी. ऐसे में राजनीतिक और कानूनी हलकों की नजरें अब आगामी सुनवाई पर टिक गई हैं. राणा दंपती की ओर से यह भी संकेत दिया गया कि मामले के विभिन्न कानूनी पहलुओं को लेकर उच्च न्यायालय में राहत की मांग की जाएगी. इसके लिए आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. उल्लेखनीय है कि हनुमान चालीसा प्रकरण महाराष्ट्र की राजनीति के चर्चित मामलों में से एक रहा है और इसकी प्रत्येक सुनवाई पर राजनीतिक दलों तथा आम लोगों की विशेष नजर बनी हुई है.

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