साइकिल चलाएं, सेहत और मित्र बनाएं

महिला साइकिलिस्ट डॉ. सुरिता डफले का कहना

* विश्व साइकिल डे पर अमरावती वासियों से आवाहन
* हमारा असोसिएशन नहीं, बल्कि परिवार है
अमरावती/दि.4- अमरावती की गिनती की महिला साइकिलिस्ट डॉ. सुरिता अजय डफले ने विश्व साइकिल डे पर अमरावती के लोगों से साइकिल चलाने, सेहत बनाने, फिटनेस रखने और पर्यावरण संरक्षण में योगदान करने का आवाहन किया. आपने कहा कि, प्रसन्नता और गर्व की बात है कि, अमरावती के डॉक्टर्स, प्रोफेशनल्स, यहां आनेवाले पुलिस अधिकारी सभी साइकिलिंग अपना रहे हैं. बडे चाव से रेंडोनियरिंग (लंबी दूरी की साइकिलिंग) भी करते हैं. अमरावती साइकिल असो. के 300 के लगभग सभासद परिवार की तरह रहते हैं. अत: वे चाहती है कि, अधिकाधिक लोग साइकिलिंग अपनाएं. अमरावती मंडल से खास बातचीत में पेशे से पैथॉलॉजिस्ट डॉ. डफले ने गत दशकभर के अपने साइकिलिंग अनुभव के साथ ही अमरावती असो. की विशेषताएं बतलाई.
* तीन महिलाओं से प्रारंभ
डॉ. सुरिता ने बताया कि, वे पैथॉलॉजिस्ट होने से उनका अधिकांश समय लैब में गुजरता. ऐसे में सबेरे के समय वे मालटेकडी पैदल जाती थी. जिससे कई बार वाहनों का भय लगता. ऐसे में साइकिल से जाना प्रारंभ किया. इससे कम समय में अधिक व्यायाम हो जाने का आभास हुआ. उस समय वे डॉ. मोहना कुलकर्णी और नीता कक्कड ही साइकिल चलाती थी. यह बात वर्ष 2016 की है. आज लगातार साइकिलिंग का ट्रेंड बढ रहा है. तीन महिलाओं से प्रारंभ हुआ सफर 150 से अधिक महिलाओं को जोड चुका है.
* डॉक्टर, वकील, इंजीनियर जुडे
डॉ. सुरिता ने बताया कि, साइकिलिंग का अनुभव शानदार होने से लोग जुडतें गए और कारवां बढता गया. पेशे से वकील, सीए, इंजीनियर यहां तक कि, पुलिस अधिकारी भी साइकिल चलाने का चाव रखने लगे. अमरावती में असो. की स्थापना अध्यक्ष डॉ. चंद्रशेखर कुलकर्णी और सचिव डॉ. अतुल कलमकर के प्रयासों से हुई. अनेकानेक बिझनेसमैन भी जुडे. लोगों में साइकिल चलाने का ट्रेंड बढने का एक कारण असो. का पारिवारिक और अत्यंत सहयोगपूर्ण वातावरण भी रहा. असो. एक परिवार जैसा आपस में व्यवहार करने से स्नेहभाव बढने लगा. इसी कारण आज सैकडों सभासद न केवल जुडे हैं, बल्कि नियमित साइकिल चलाते हैं. संपूर्ण वर्ष साईकिल चलाने के लक्ष्य लेकर चलते हैं. चुनौतियों के लिए सदैव तैयार रहते हैं.
* 400 किमी तक एक दिन में
डॉ. सुरिता डफले ने बताया कि, अमरावती के साइकिल असो. के मेंबरान 200, 300, 400 किमी की रेंडोनियरिंग अर्थात लंबी दूरी की साइकिल यात्रा कर चुके हैं. पूरे वर्ष टारगेट लेकर चलते हैं. राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर के आयोजनों में सहभागी हुए है. अमरावती असो. का राज्य असो. से जुडाव है. काफी लोग 50-60 किमी की साइकिलिंग करते हैं. गौरव की बात है कि, असो. के अधिकांश सदस्य आयु के 40 प्लस वर्ष के रहने के साथ साइकिलिंग का चाव पूर्ण कर रहे हैं.
* सहयोग की भावना सर्वोपरि
डॉ. डफले के अनुसार असो. के सदस्य साइकिल चलाने वाले सभी की मदद के लिए सदैव तत्पर रहते हैं. सहयोग की यह भावना सर्वोपरि रखी गई है. इसके कारण निर्धारित समय में दिए गए किलोमीटर के टारगेट को पूर्ण करने की होड रहती है और यह स्वस्थ स्पर्धा सभी को आपस में जोडकर रखती हैं. डॉ. सुरिता डफले शहर के प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. अजय डफले की पत्नी है. उनके परिवार में पुत्र डॉ. अमित, पुत्री आर्किटेक्ट अपूर्वा और पुत्रवधु डॉ. श्रद्धा डफले है. डॉ. अमित डफले गैस्ट्रो इंट्रोलॉजिस्ट है. जबकि आर्किटेक्ट अपूर्वा ने आईआईटी खडकपुर से पदवी प्राप्त की है. डॉ. सुरिता ने पुन: अमरावती के लोगों से साइकिल चलाने का आवाहन किया

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