कॉफी मूल्यवर्धन योजना के लिए मंजूर करें निधि

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने जिलाधिकारी येरेकर को लिखा पत्र

 कहा – चिखलदरा में आदिवासी किसान बडे पैमाने पर करते हैं कॉफी की खेती
अमरावती/दि.30– केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने अमरावती जिले के जिलाधिकारी आशीष येरेकर को पत्रो लिखकर चिखलदरा में तैयार की जानेवाली कॉफी की खेती के लिए स्थानीय आदिवासियों को निधि उपलब्ध कराने की मांग की है. जिसमें जिलाधिकारी को लिखे गए पत्र में उन्होंने कहा कि, अमरावती जिले का चिखलदरा एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है. यह क्षेत्र आदिवासी बहुल होने के साथ-साथ मेलघाट क्षेत्र अपनी ऐतिहासिक धरोहर एवं प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध है.
चिखलदरा पर्यटन के साथ-साथ कॉफी उत्पादन के लिए विशेष पहचान रखता है. स्थानीय नागरिकों को रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से भारत सरकार के एमएसएमई विभाग अंतर्गत स्फूर्ती क्लस्टर की स्थापना की गई है. जिसके माध्यम से लगभग 600 आदिवासी महिलाओं को रोजगार से जोडा गया है. स्फूर्ती क्लस्टर के प्रोत्साहन से आदिवासी किसान बडे पैमाने पर कॉफी की खेती कर रहे है.
केंद्रीय मंत्री गडकरी ने पत्र में आगे कहा कि, ब्रिटीशकाल में चिखलदरा क्षेत्र में लगभग 60 से 70 हेक्टेअर भूमि पर कॉफी के बाग लगाए गए थे. कॉफी से कॉफी सोप, कॉफी शैम्पू, कॉफी हेअरडाई, कॉफी जेल, फेस पैक जैसे कॉस्मेटिक उत्पादों के साथ-साथ चॉकलेट, इंस्टंट कॉफी, कोल्ड कॉफी, ग्रीन कॉफी उत्पादों का निर्माण किया जा सकता है. इससे स्थानीय स्तर पर बडे पैमाने पर स्थायी रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे. अंतत: किसान समूह के रोजगार सृजन हेतु प्रत्येक गांव को 30 लाख के अनुसार 90 लाख रुपए की निधि कॉफी मूल्यवर्धन परियोजना के लिए मंजूर की जाए.

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