टेक्सस्टाइल पार्क में वस्त्रोद्योग के लिए सीधे भूखंड का वितरण
ई-निविदा की बजाए ‘डायरेक्ट अलॉटमेंट’ का निर्णय

अमरावती/दि.30– महाराष्ट्र औद्योगिक विकास महामंडल (एमआईडीसी) ने केंद्र सरकार की मंजूरी से नांदगांव पेठ में निर्मित पीएम मित्रा टेक्सस्टाइल पार्क में स्थित वस्त्रोद्योग के लिए आरक्षित भूखंड अब सीधे पद्धती से वितरण करने का निर्णय लिया है. औद्योगिकीकरण अधिक गति देने के लिए और राज्य में बडे प्रमाण पर रोजगार निर्मिती करने के लिए यह निर्णय लिया गया है, ऐसा महाराष्ट्र औद्योगिक विकास महामंडल (एमआईडीसी) द्वारा कहा जा रहा है. पीएम मित्रा टेक्सस्टाइल पार्क में निवेशकों को आकर्षित करने के लिए महाराष्ट्र औद्योगिक विकास महामंडल (एमआईडीसी) ने भूखंड के दामों में छूट की घोषणा की है.
यहां पर औद्योगिक भूखंड का नियमित दर 1,221 रुपए प्रति चौरस मीटर निश्चित किया गया है. फिर भी 30 जून 2026 के पहले आवेदन करनेवाली कंपनियों को 50 प्रतिशत की छूट सहित 590 रुपए प्रति चौरस मीटर इस सहुलियत की दर से भूखंड वितरण किया जानेवाला है. अमरावती को एक बडा टेक्सस्टाइल हब बनाने के लिए यह निर्णय लिया गया है. ई-निविदा की कठिन प्रक्रिया को टालकर सीधी पद्धती में आवेदन मांगने से भूखंड का वितरण अधिक आसान होगा और रोजगार निर्मिती का टारगेट जल्द हासिल करते आएगा, ऐसा विश्वास व्यक्त किया गया है.
इस टेक्सस्टाइल पार्क में उद्योगों के लिए सभी सुविधाओं से अपडेट मूलभूत सुविधा उपलब्ध करा दी जा रही है. जिसमें प्रमुख रुप से रास्ते, निकासी का पानी का बहाव व क्रॉस ड्रेनेज व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट और 24 घंटे जलापूर्ति, सोलर पॉवर प्लांट और सामान्य स्टीम सुविधा, सीईटीपी और दो एमएलडी क्षमता का एसटीपी, कामगारों के रहने की सुविधा और प्रशिक्षण केंद्र, प्लग एंड युनिट्स और प्रशासकीय कार्यालय का समावेश है.
* मिलाप में नए प्रवर्ग का समावेश
एमआईडीसी ने 17 अक्तूबर 2025 को लागू किए हुए मिलाप भूखंड वितरण नीति में अब बदलाव कर नए प्रवर्ग का समावेश किया है. इस अंतर्गत पीएम मित्रा टेक्सस्टाइल पार्क अमरावती इस नए प्रवर्ग अंतर्गत केवल वस्त्रोद्योग और वस्त्रोद्योग से संबंधित उपकरणों का उत्पादन करनेवाले युनिट्स ही आवेदन कर सकते हैं. सीधी पद्धती से आवेदन प्राप्त होने के बाद भू-वितरण समिति प्रस्तावित प्रकल्प का मूल्यांकन करेंगी. इसमें कंपनी का कुल निवेश, नया व नाविण्यपूर्ण तंत्रज्ञान, रोजगार निर्मिती की क्षमता, पर्यावरणीय शाश्वतता और राज्य की आर्थिक नीति से रहनेवाली सुसंगतता इन बातों को परखकर ही निर्णय लिया जाएगा. इस समिति का निर्णय सभी आवेदनकर्ताओं को बंधनकारक रहेगा.





