साफ सफाई कर्मचारियों ने विविध मांगाेंं को लेकर मनपा में हंगामा किया
दस्तावेजों की जांच के बाद मिलेगा पैसा
* मनपा आयुक्त डॉ. मंगेश गोदावले ने दिया आश्वासन
अमरावती /दि.26– बीते गुरूवार को फिर एक बार साफ सफाई कर्मचारियों ने अपनी विविध मांगों को लेकर मनपा में जमकर हंगामा मचाया. कर्मचारियों की मांग थी कि कंपनी द्बारा दिए जानेवाले ईपीएफ में बडा घोटाला किया गया है. बताया जाता है कि कोणार्क में साफसफाई को लेकर 1100 से अधिक कर्मचारी कार्यरत है. उनके वेतन से कटौती के बावजूद पिछले 8 माह से उनका ईपीएफ नहीं भरा गया है. ऐसे में अदालत ने दिए गए फैसले के चलते अगर कंपनी काम छोडकर चली जाती है तो उनका भुगतान कौन करेगा. इस बात को लेकर कर्मचारियों गुरूवार को हंगामा मचाया. ऐसे में मनपा आयुक्त ने कर्मचारी संगठन से कहा कि नियमों के मुताबिक जिन कर्मचारियों के दस्तावेज पूर्ण है. उन्हें ईपीएफ मिलेगा ही फिलहाल कर्मचारियों के संपूर्ण दस्तावेजों की जांच पडताल की जा रही है. रही बात बिना दस्तावेज की तो ऐसे कर्मचारियों की ईपीएफ सेवा उपलब्ध नहीं होगी. दूसरी ओर महापौर ने कहा कि शहर की साफसफाई की जिम्मेदारी कोणार्क को सौंपी गई है. ठेकेदार के संदर्भ में क्या फैसला किया जाना है. यह मनपा प्रशासन तय करेगा. अगर कर्मचारियों का ईपीएफ या वेतन बकाया रहता है तो वह देने की जिम्मेदारी महापौर के रूप में वे स्वयं लेंगे. सभी कर्मचारियों का बकाया भुगतान निश्चित तौर पर किया जायेगा. ऐसा आश्वासन उन्होंने दिया. गुरूवार को मनपा के परिसर में हंगामा तथा आंदोलन करनेवाले साफ सफाई कर्मचारियों से स्वयं मनपा आयुक्त मुख्य प्रवेशद्बार पर खडे कर्मचारियों से स्वयं आकर मिले. इस समय विपक्ष नेता विलास इंगोले, पार्षद रतन डेंडूले उपस्थित थे. मनपा आयुक्त के समझाने के बाद मामला शांत हुआ.
* कर्मचारियों के लिए लगाया जायेगा कैम्प
आयुक्त डॉ. मंगेश गोंदावले ने कर्मचारियों से कहा कि जिस किसी कर्मचारियों का ईपीएफ की समस्या आ रही है. ऐसे कर्मचारियों के सबसे पहले दस्तावेज जांचे जायेंगे. जिस किसी ने दस्तावेज अब तक जमा नहीं किए है. उनके लिए अलग से एक कैम्प कंपनी को लेने के आदेश दिए जायेंगे. जहां कर्मचारियों द्बारा अपने दस्तावेज कंपनी को प्रस्तुत करेंगे. उसकी जांच होने के बाद सभी को ईपीएफ की सेवा दी जायेगी.





