मेलघाट में 4 हजार विद्यार्थियों की होगी सिकलसेल जांच
एमईसीएल के सीएसआर फंड से हेल्थ चेकअप व न्यूट्रिशन अभियान शुरू

बिजुधावड़ी आश्रमशाला से हुई शुरुआत
अमरावती/दि.30 – आदिवासी बहुल और दुर्गम मेलघाट क्षेत्र में बच्चों को सिकलसेल बीमारी से बचाने तथा कुपोषण की समस्या दूर करने के उद्देश्य से मिनरल एक्सप्लोरेशन एंड कंसल्टेंसी लिमिटेड, खान मंत्रालय, भारत सरकार के उपक्रम के सीएसआर फंड से विशेष स्वास्थ्य जांच एवं पोषण अभियान शुरू किया गया है. परिवर्तन समाज विकास समिति के माध्यम से चलाए जा रहे इस अभियान के तहत मेलघाट के विभिन्न आश्रमशाला के करीब 4 हजार विद्यार्थियों और अन्य लोगों की नि:शुल्क सिकल सेल जांच की जाएगी.
अभियान की शुरुआत धारणी तहसील के बिजुधावड़ी स्थित सरकारी आदिवासी आश्रमशाला से की गई. पहले ही दिन आश्रमशाला के सैकड़ों विद्यार्थियों की स्वास्थ्य जांच कर रक्त के नमूने लिए गए. परिवर्तन समाज विकास समिति की विशेषज्ञ मेडिकल टीम ने आधुनिक उपकरणों की मदद से विद्यार्थियों की सिकलसेल संबंधी जांच की.
* कैरियर और मरीजों की होगी अलग पहचान
जांच के दौरान विद्यार्थियों में सिकल सेल कैरियर और सिकलसेल मरीज की पहचान की जा रही है. राष्ट्रीय अभियान के अनुरूप जांच के बाद विद्यार्थियों को उनकी स्थिति के अनुसार रंगीन स्टेटस कार्ड भी वितरित किए जा रहे हैं. इससे भविष्य में मरीजों की पहचान, उपचार और फॉलोअप में मदद मिलेगी. अभियान के तहत केवल जांच तक ही सीमित नहीं रहा जाएगा, बल्कि सिकलसेल कैरियर एवं मरीजों को आवश्यक समुपदेशन और मार्गदर्शन भी दिया जाएगा. विशेष रूप से विवाह पूर्व सिकल सेल मैचिंग के संबंध में भी जागरूक किया जाएगा, ताकि बीमारी की अगली पीढ़ी में रोकथाम के लिए आवश्यक सावधानी बरती जा सके.
* गंभीर मरीजों को तत्काल रेफरल और दवाएं
परिवर्तन समाज विकास समिति की मोबाइल मेडिकल टीम द्वारा जांच के दौरान गंभीर स्थिति वाले मरीजों की पहचान कर उन्हें उपजिला अस्पताल धारणी और चिखलदरा में नि:शुल्क रेफरल सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी. जरूरतमंद मरीजों को आवश्यक दवाएं भी उपलब्ध कराने की व्यवस्था अभियान में शामिल है.
* दूरस्थ आदिवासी क्षेत्र तक पहुंचेगी मोबाइल मेडिकल टीम
बिजुधावड़ी आश्रमशाला में अभियान की शुरुआत के बाद परिवर्तन समाज विकास समिति की मोबाइल मेडिकल टीम निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मेलघाट के अन्य आश्रमशाला में पहुंचेगी. प्रत्येक विद्यार्थी का डिजिटल पंजीयन और व्यवस्थित रक्त जांच की जाएगी. अभियान का लक्ष्य करीब 4 हजार बच्चों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाकर सिकलसेल की समय पर पहचान और आवश्यक उपचार व मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है.
* एमईसीएल के सामाजिक दायित्व की सराहना
मेलघाट के दुर्गम और पहाड़ी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को बच्चों के करीब पहुंचाने की इस पहल के लिए स्थानीय स्तर पर एमईसीएल के सीएसआर प्रयासों की सराहना की गई. आदिवासी बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण को लेकर इस तरह की पहल से दूरदराज के विद्यार्थियों को जांच एवं स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उनके स्कूल स्तर पर ही मिलने की उम्मीद है. अभियान के सफल संचालन में एकात्मिक आदिवासी विकास परियोजना, धारणी के प्रोजेक्ट ऑफिसर के प्रशासनिक सहयोग की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही. आश्रमशाला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और फील्ड टीम के बीच समन्वय स्थापित करने के साथ आवश्यक प्रशासनिक अनुमति और सहयोग उपलब्ध कराया गया, जिससे अभियान को तत्काल शुरू किया जा सका.





