मुद्रांक शुल्क विभाग को अब तक 475 करोड की आमदनी
सालभर में 76 हजार, 831 दस्तावेजों का किया पंजीयन

* रेडीरेकनर की दर वृद्धि की आशंका से साल के अंतिम दिनों में बढी पंजीयन के लिए भीड
अमरावती/दि.3– हर साल की तरह इस साल भी मुद्रांक शुल्क विभाग को दस्तावेज पंजीयन, नकल व शोध, मुद्रांक शुल्क की अदायगी, खरीदी-विक्री व्यवहार, विवाह पंजीयन व मुत्यु पंजीयन जैसे विविध कार्य के माध्यम से राजस्व प्राप्त हुआ है. हर साल 1 अप्रैल को रेडीरेकनर के दरों में होने वाली वृद्धि के कारण इस बार भी मार्च के अंतिम दिनों में मुद्रांक शुल्क विभाग में ग्राहकों की भीड बढती दिखाई दी. इस साल मुद्रांक शुल्क विभाग ने 76 हजार 821 दस्तावेजों का पंजीयन किया, जो पिछले साल के मुकाबले 4 हजार 751 अधिक रहा.
मुद्रांक शुल्क विभाग का कामकाज शहर में तीन विभागों में विभाजीत किया गया है. जबकि जिले की 14 तहसील अंतर्गत भी तहसील कार्यालय परिसर में मुद्रांक शुल्क विभाग द्वारा हर दिन एवं साल के 365 दिन यह कार्यालय खुला रहे, ऐसी तत्कालीन जिलाधीश शैलेश नवाल ने व्यवस्था की थी. कोरोना काल में लोगों को सुविधा प्राप्त हो तथा विभाग में हर दिन बढने वाली भीड को नियंत्रित करने के लिए विभाग को शनिवार, रविवार के सालाना अवकाश की बजाय अन्य दिनों के अवकाश के साथ जिलाधीश कार्यालय परिसर के मुद्रांक शुल्क विभाग को शुरु रखा जाता है. दस्त के पंजीयन व अन्य दस्त के कामकाज के एवज में राजस्व प्राप्त होता है.
राजस्व विभाग के खनिकर्म विभाग के बाद मुद्रांक शुल्क विभाग को बडा आय का स्त्रोत कहा जाता है. जिसके कारण इस विभाग की गतिविधियों पर राजस्व विभाग की पैनी नजर रहती है. बता दें कि, शहरी मुद्रांक शुल्क विभाग में मार्च माह के अंतिम 6 दिनों में 1 हजार 173 दस्तावेजों का पंजीयन कराया गया. जिसके ऐवज में विभाग को 14 करोड रुपए तक की आमदनी हुई. सार्वजनिक अवकाश के दिन भी कार्यालय खुले रहने से इस विभाग का काम और दोगुना तेज गति से चला.
विशेष यह है कि, हर साल 1 अप्रैल को रेडीरेकनर की दरों में होने वाली वृद्धि से खरीदी-विक्री के व्यवहार पर असर पडता है. जिससे खरीददार को अधिक राजस्व खर्च करना पडता है. जिसके कारण हर कोई 31 मार्च से पूर्व ही खरीदी-विक्री के व्यवहार पूरे हो, ऐसा प्रयास कर रहे थे. ऐसे में सरकारी अवकाश के 4 दिनों में 896 दस्त पंजीकृत हुए. एक मात्र 31 मार्च के रात-दिन 12 बजे तक चले कामकाज के दिन विभाग ने 251 दस्तावेज का पंजीयन कर 154 करोड की आमदनी प्राप्त की है.
जिला निबंधक तथा मुद्रांक जिलाधिकारी अनिल औतकर के मार्गदर्शन में विभाग ने इस साल 475 करोड के लक्ष्य को प्राप्त करने का प्रयास किया. विभाग ने इस बार मार्च के अंत तक 425 करोड यानि 90 फीसदी की आमदनी प्राप्त की है. साल 2024-25 में मुद्रांक शुल्क विभाग को 455 करोड का लक्ष्य दिया गया था. लेकिन इस साल जिले के सभी विभागों द्वारा कुल 380 करोड की ही वसूली हो पायी थी. यानि 70 हजार 70 दस्तावेजों का पंजीयन कर विभाग ने 85 फीसदी का लक्ष्य पूरा किया था. लेकिन इस बार टारगेट को बढाते हुए 90 फीसदी लक्ष्य पूरा हुआ है. इस संख्या का सही आकलन 15 अप्रैल के बाद पूरा होगा. जिसमें संख्या बढने की संभावना है.
* अवकाश के दिन भी खुले रहे कार्यालय
राज्य के पंजीयन व मुद्रांक विभाग ने आर्थिक वर्ष का टारगेट पूरा करने के लिए अपने कार्यालय अवकाश के दिन भी खुले रखे. 26 मार्च रामनवमी, 28 मार्च शनिवार व 29 मार्च रविवार, 31 मार्च भगवान महावीर जयंती का अवकाश होने के बाद भी कार्यालय खुले रहे और रात 12 बजे तक काम चलता रहा.





