अमरावती में फेरीवालों की होगी डिजिटल पहचान

‘वन क्लिक बारकोड सिस्टम’ से मिलेगी पूरी जानकारी

अमरावती /दि.4– शहर में यातायात व्यवस्था सुधारने, नागरिकों की सुरक्षा बढ़ाने और फेरीवालों की पारदर्शी पहचान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अमरावती महानगरपालिका क्षेत्र में ‘वन क्लिक बारकोड सिस्टम’ लागू करने की तैयारी शुरू हो गई है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के मार्गदर्शन में विधायक प्रवीण पोटे पाटिल ने मनपा आयुक्त को इस संबंध में नीति तैयार कर जल्द अमल करने के लिए लिखित निर्देश दिए हैं.
विधायक प्रवीण पोटे पाटिल ने कहा कि शहर में हजारों फेरीवाले, ठेला संचालक और स्ट्रीट फूड विक्रेता अपनी आजीविका चलाते हैं, लेकिन कई स्थानों पर अनियोजित तरीके से व्यवसाय करने के कारण यातायात बाधित होता है और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे में ऐसी व्यवस्था विकसित की जानी चाहिए, जिससे फेरीवालों का रोजगार भी सुरक्षित रहे और नागरिकों को सुगम व सुरक्षित यातायात मिल सके.

* कैसे काम करेगा ‘वन क्लिक बारकोड सिस्टम’
प्रस्तावित व्यवस्था के तहत प्रत्येक अधिकृत फेरीवाले का डिजिटल पंजीकरण किया जाएगा. उनके नाम, पता, आधार विवरण, मोबाइल नंबर, लाइसेंस और अन्य आवश्यक जानकारी को ऑनलाइन डेटाबेस में दर्ज किया जाएगा. हर फेरीवाले के ठेले या वाहन के सामने एक यूनिक बारकोड वाला स्टिकर लगाया जाएगा. नागरिक अपने मोबाइल फोन से इस बारकोड को स्कैन कर संबंधित विक्रेता की जानकारी तुरंत देख सकेंगे. खाद्य सामग्री बेचने वाले विक्रेताओं के मामले में ग्राहकों को उपयोग किए जा रहे कच्चे माल और अन्य आवश्यक जानकारी भी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी.

* अवैध फेरीवालों पर लगेगी रोक
इस प्रणाली के लागू होने के बाद शहर के सभी अधिकृत फेरीवालों का एकीकृत डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध होगा. इससे बिना अनुमति व्यवसाय करने वाले फेरीवालों की पहचान आसान होगी और अवैध अतिक्रमण पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा.

* 7 अगस्त को होगी महत्वपूर्ण बैठक
इस प्रस्ताव को अंतिम रूप देने के लिए 7 अगस्त को अमरावती महानगरपालिका में बैठक आयोजित की जाएगी. बैठक में सांसद डॉ. अनिल बोंडे, विधायक प्रवीण पोटे पाटिल, महापौर श्रीचंद तेजवानी, मनपा आयुक्त डॉ. मंगेश गोंदावले, जनप्रतिनिधि, नगरसेवक और संबंधित अधिकारी उपस्थित रहेंगे. विधायक प्रवीण पोटे पाटिल ने कहा कि नागरिकों के हित और शहर के विकास से कोई समझौता नहीं किया जाएगा. फेरीवालों का रोजगार सुरक्षित रहना चाहिए, लेकिन इसके लिए उनका सही और पारदर्शी डेटा होना आज की आवश्यकता है.

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