सुनील राणा भी विधान परिषद का चुनाव लडने के मूड में

महायुति के तहत अमरावती सीट युवा स्वाभिमान हेतु छोडने की मांग

* वायएसपी के जनप्रतिनिधियों व पदाधिकारियों ने सुनील राणा का नाम बढाया आगे
अमरावती/दि.21- अमरावती स्थानीय स्वायत्त निकाय निर्वाचन क्षेत्र से विधान परिषद की सीट हेतु आगामी 18 जून को होने जा रहे चुनाव के मद्देनजर इस समय जबरदस्त राजनीतिक गहमा-गहमी मची हुई हैं. जिसके तहत जहा एक ओर राज्य के सत्ताधारी दल भाजपा के स्थानीय प्रमुख नेताओं के बीच खुद को विधानपरिषद के चुनाव हेतु भाजपा की टिकट मिलने के लिए जबरदस्त प्रतिस्पर्धा चल रही हैं, वहीं दूसरी ओर भाजपा के साथ महायुति में शामिल युवा स्वाभिमान पार्टी ने विधान परिषद की अमरावती सीट पर दावा करते हुए यह सीट महायुति के तहत युवा स्वाभिमान पार्टी हेतु छोडे जाने की मांग की है. साथ ही युवा स्वाभिमान पार्टी की ओर से पार्टी के मार्गदर्शक सुनील राणा को प्रत्याशी बनाए जाने का प्रस्ताव भी पार्टी अध्यक्ष एवं विधायक रवि राणा के सामने रखा हैं. खास बात यह भी है कि खुद सुनील राणा भी मौका मिलने पर महायुति की ओर से विधान परिषद का चुनाव लडने के लिए तैयार हैं.
बता दें कि अमरावती स्वायत्त निकाय क्षेत्र से विधान परिषद के चुनाव में हमेशा ही भाजपा व कांग्रेस के बीच परंपरागत विलंत होती आई हैं तथा विगत 4 चुनावों में भाजपा ने लगातार जीत हासिल करते हुए इस निर्वाचन क्षेत्र में अपना दबदबा कायम किया हैं. ऐसे में पूरी उम्मीद है कि इस बार भी अमरावती स्वायत्त निकाय निर्वाचन क्षेत्र में होने जा रहे विधान परिषद के चुनाव हेतु भाजपा द्बारा अपने किसी ‘हैवीवेट’ प्रत्याशी को चुनावी आखाडे में उतारा जाएगा. जिसमें पूर्व मंत्री प्रवीण पोटे पाटिल एवं भाजपा शहराध्यक्ष डॉ. नितीन धांडे को प्रमुख दावेदार माना जा रहा हैं. जिनके बीच खुद को पार्टी का टिकट मिलने हेतु अच्छी खासी व जबरदस्त प्रतिस्पर्धा भी चल रही हैं. वही इस बीच महायुति का घटक दल रहनेवाली युवा स्वाभिमान पार्टी के स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं पदाधिकारियों ने इस बार विधान परिषद की अमरावती की सीट महायुति के तहत युवा स्वाभिमान पार्टी के कोटे में छोडे जाने तथा युवा स्वाभिमान पार्टी के सुनील राणा को महायुती की ओर से विधानपरिषद हेतु प्रत्याशी बनाए जाने की मांग बुलंद कर दी हैं.
जानकारी के मुताबिक गत रोज ही युवा स्वाभिमान पार्टी की राष्ट्रीय कोअर कमिटी की बैठक में यह मुद्दा उठा तथा पार्टी अध्यक्ष व विधायक रवि राणा के सामने कोअर कमिटी के सदस्योंं ने अपनी इस मांग को लेकर लिखीत तौर पर प्रस्ताव भी पारित किया. जिसके तहत यह मांग भी उठाई गई कि विधायक रवि राणा द्बारा विधान परिषद की अमरावती सीट महायुति का घटक दल रहने के नाते युवा स्वाभिमान पार्टी के लिए छोडे जाने की मांग मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस व भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष रविंद्र चव्हाण के समक्ष उठाई जाए. ऐसे में अब यह देखना दिलचस्प होगा की इस मामले में युवा स्वाभिमान पार्टी के मुखिया व विधायक रवि राणा द्बारा क्या कदम उठाए जाते है.
* पार्टी के आदेश के साथ ही युति धर्म का होगा पालन
इस बारे में जानकारी एवं प्रतिक्रिया हेतु संपर्क किए जाने पर युवा स्वाभिमान पार्टी के मार्गदर्शक सुनील राणा द्बारा बताया गया कि यदि उनकी पार्टी का उन्हें आदेश मिलता है तो वे निश्चित तौर पर विधान परिषद का चुनाव लड सकते है. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि चुंकि युवा स्वाभिमान पार्टी भी भाजपा के साथ महायुति का घटक दल हैं. अत: पार्टी द्बारा राज्य की 17 सीटों में से एक सीट पर दावा किए जाने में कुछ भी गलत नहीं हैं. इसके अलावा सुनील राणा ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि भाजपा द्बारा अमरावती सीट को अपने पास रखते हुए किसी अन्य प्रत्याशी को चुनावी मैदान में उतारा जाता है तो उस स्थिति में वे बगावत करने या निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लडने जैसा कोई कदम नहीं उठाएंगे. बल्कि उस स्थिति में युवा स्वाभिमान पार्टी द्बारा युति धर्म का पालन किया जाएगा. ठिक उसी तर्ज पर यदि भाजपा द्बारा यह सीट युवा स्वाभिमान पार्टी हेतु छोडा जाता है तो उस स्थिति में भाजपा नेताओं एवं जनप्रतिनिधियो द्बारा भी युती धर्म का पालन किए जाने की उम्मीद रहेगी.

* हमारा भी क्लेम भी तो बनता है
युवा स्वाभिमान पार्टी से प्रभाग क्रमांक 19 साई नगर के पार्षद रहनेवाले उपमहापौर सचिन भेंंडे ने इस बारे में प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि महायुति का घटक दल होने के नाते अमरावती स्वायत्त निकाय क्षेत्र से विधान परिषद की सीट पर युवा स्वाभिमान पार्टी का भी क्लेम बनता है. जिसे ध्यान में रखते हुए हमने अपनी पार्टी के नेता विधायक रवि राणा के सामने अपनी भावनाएं रखी है तथा पार्टी के मार्गदर्शक रहनेवाले सुनील राणा को विधान परिषद चुनाव हेतु महायुति की ओर से प्रत्याशी बनाने की मांग की जा रही है.

* हमारी पार्टी को भी मौका मिले
युवा स्वाभिमान पार्टी के शहराध्यक्ष व मनपा के स्वीकृत पार्षद संजय हिंगासपुरे ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि लोकसभा व विधानसभा के चुनाव में युवा स्वाभिमान पार्टी ने युति धर्म का पालन करते हुए भाजपा के लिए पूरी ताकद के साथ काम किया था. ऐसे में अब विधान परिषद के चुनाव में भाजपा ने हमारी पार्टी के बारे में भी सोचना चाहिए. हिंगासपुरे ने यह भी स्पष्ट किया कि अभी महायुति की ओर से प्रत्याशी के तौर पर किसी का नाम तय नहीं हुआ हैं. जो भी प्रत्याशी रहेगा, उसके पक्ष में युति धर्म का पालन किया जाएगा.

* हमने अपनी ओर से प्रस्ताव रखा, नेतृत्व लेगा निर्णय
महानगरपालिका में युवा स्वाभिमान पार्टी के गट नेता ज्ञानेश्वर उर्फ नाना आमले ने कहा कि युवा स्वाभिमान पार्टी से वास्ता रखनेवाले जनप्रतिनिधियों एव पदाधिकारियों ने पार्टी नेतृत्व के सामने अपनी भावनाएं रख दी हैं. जिसके बाद अब अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व को लेना हैं.

* कोर कमिटी में रखा प्रस्ताव, नेता लेंगे निर्णय
युवा स्वाभिमान पार्टी की ओर से प्रभाग क्रमांक 20 सुतगिरणी-सामरा नगर की पार्षद रहनेवाली सुमति ढोके ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि गत रोज हुई पार्टी की कोअर कमिटी में पदाधिकारियों द्बारा अपनी ओर से सुनील राणा को विधान परिषद चुनाव हेतु प्रत्याशी बनाए जाने की मांग उठाई गई हैं. जिसके बारे में अब आगे का निर्णय पार्टी अध्यक्ष व विधायक रवि राणा को लेना हैं.

* हमारी ओर से तैयारी पूरी, जीत के लिए लगाएंगे दम
युवा स्वाभिमान पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं राणा दम्पति के स्वीय सहायक विरोद गुहे ने इस बारे में अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि युवा स्वाभिमान पार्टी द्बारा अपने मार्गदर्शक सुनील राणा को विधान परिषद का चुनाव लडाने की पूरी तैयारी की गई हैं. साथ ही उनकी जीत के लिए पूरा दम भी लगाया जाएगा. साथ ही युवा स्वाभिमान पार्टी द्बारा युती धर्म का पालन भी किया जाएगा.

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