मोर्शी में आवास योजना पर स्वाभिमानी किसान संगठन का प्रदर्शन का ऐलान

लंबित आवास और किस्तें जारी करने की मांग

मोर्शी /दि.27- स्वाभिमानी किसान संगठन, अमरावती ने मोर्शी तहसील में आवास योजना के क्रियान्वयन में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को ज्ञापन सौंपा है. संगठन ने वर्ष 2022 से लंबित आवास प्रस्तावों को तत्काल मंजूरी देने और स्वीकृत लाभार्थियों की दूसरी व तीसरी किस्त जल्द जारी करने की मांग की है.
संगठन के जिला अध्यक्ष अमित अशोकराव अढाऊ ने आरोप लगाया कि मोर्शी तहसील में आवास योजना पूरी तरह चरमरा गई है और गरीब लाभार्थियों के साथ अन्याय हो रहा है. ज्ञापन के अनुसार, वर्ष 2022-23 से भूमिहीन, खेत मजदूर, विधवा एवं अन्य पात्र लोगों के सैकड़ों आवास प्रस्ताव ग्राम पंचायत और पंचायत समिति स्तर पर लंबित हैं, जबकि नियमों को दरकिनार कर संपन्न लोगों के पक्के मकानों को मंजूरी दी जा रही है. इसके लिए 5 हजार से 10 हजार तक रिश्वत मांगने के आरोप भी लगाए गए हैं. ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि जिन लाभार्थियों को पहली किस्त मिल चुकी है, उन्होंने मकान की नींव और दीवारों का निर्माण पूरा कर जियो-टैगिंग और फोटो अपलोड की प्रक्रिया भी पूरी कर ली है. इसके बावजूद दूसरी किस्त 70,000 और तीसरी किस्त 30,000 कई महीनों से जारी नहीं की गई है. इससे अधूरे मकान बारिश में खराब हो रहे हैं और गरीब परिवार कर्ज लेकर भी झोपड़ियों में रहने को मजबूर हैं.
* संगठन की प्रमुख मांगें
वर्ष 2022 से लंबित सभी पात्र आवास प्रस्तावों को 15 दिनों के भीतर मंजूरी दी जाए, जियो-टैगिंग पूरी कर चुके लाभार्थियों के खातों में 7 दिनों के भीतर दूसरी और तीसरी किस्त जमा की जाए, अपात्र लोगों को आवास स्वीकृत करने के मामलों की ग्राम पंचायतवार जांच कर दोषी अधिकारियों और ग्राम सेवकों पर कार्रवाई की जाए, तहसील के स्वीकृत, लंबित और प्रतीक्षारत लाभार्थियों की सूची प्रत्येक ग्राम पंचायत में सार्वजनिक की जाए. स्वाभिमानी किसान संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि 8 दिनों के भीतर मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो संगठन बेघर और किस्तों से वंचित परिवारों के साथ अमरावती में पालकमंत्री कार्यालय के सामने बेघर अधिकार-झोपड़ी आंदोलन करेगा.

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