भोकरबर्डी हादसे में जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करें
पीड़ित परिवार को तत्काल मुआवजा देने की उठी मांग

* युवा स्वाभिमान पार्टी ने महावितरण के अधीक्षक अभियंता व मुख्य अभियंता को सौंपा ज्ञापन
अमरावती/दि.8 – युवा स्वाभिमान पार्टी ने धारणी तहसील के भोकरबर्डी गांव में 5 जुलाई को बिजली का खंभा गिरने से दंपति और दो बैलों की मौत के मामले में महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी के अधीक्षक अभियंता और मुख्य अभियंता को ज्ञापन सौंपकर दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तथा मृतकों के परिजनों को तत्काल मुआवजा देने की मांग की है.
ज्ञापन में कहा गया है कि 5 जुलाई को भोकरबर्डी निवासी अमरसिंग बाबू जांबेकर (55) और उनकी पत्नी मुन्नीबाई जांबेकर (50) बैलगाड़ी से जा रहे थे. इसी दौरान अचानक बिजली का खंभा गिर गया, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई. हादसे में बैलगाड़ी से जुड़े दोनों बैल भी मारे गए. इस घटना से आदिवासी परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और पूरे क्षेत्र में भारी आक्रोश व्याप्त है. युवा स्वाभिमान पार्टी का आरोप है कि यह केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि बिजली व्यवस्था के रखरखाव में गंभीर लापरवाही का परिणाम है. यदि बिजली के खंभों और विद्युत लाइनों का समय-समय पर निरीक्षण, रखरखाव और आवश्यक मरम्मत की गई होती तो इस तरह की दर्दनाक घटना टाली जा सकती थी.
पार्टी ने मांग की है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कर दोषियों की जिम्मेदारी तय की जाए. साथ ही संबंधित उप अभियंता सहित इस घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों को तत्काल निलंबित कर उनके खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई के साथ आवश्यक कानूनी कार्रवाई भी की जाए. ज्ञापन में यह भी मांग की गई है कि मृतक दंपति के आश्रितों को शासन और महावितरण के नियमों के अनुसार तत्काल उचित आर्थिक मुआवजा दिया जाए. इसके अलावा हादसे में मारे गए दोनों बैलों का भी नियमानुसार मुआवजा दिया जाए तथा प्रभावित आदिवासी परिवार के पुनर्वास और आजीविका के लिए आवश्यक शासकीय सहायता उपलब्ध कराई जाए.
युवा स्वाभिमान पार्टी ने चेतावनी दी है कि यह मामला अत्यंत गंभीर है. पीड़ित आदिवासी परिवार को न्याय दिलाने के लिए महावितरण प्रशासन तत्काल प्रभाव से आवश्यक कार्रवाई करे. इस अवसर पर पार्टी के मार्गदर्शक सुनील राणा, जिला अध्यक्ष प्रकाश साबले, संजय भारसाकले, देवानंद राठोड, मंगेश इंगोले पाटील, जीवन सरदार, आशीष कावरे, अजय अब्रुक, सुशील गुल्हाने, गोविंद तायवाडे, अक्षय समरित, लोहकरे, मधुकर ढवले, सूरज बारबुद्धे, शेखर विघे, गजानन ईसल, कैलास बारबुद्धे, एकनाथ बारबुद्धे, विनोद बारबुद्धे, प्रमाण बारबुद्धे, प्रवीण बारबुद्धे, गौरव पंडित, कुलदीप बोबडे, कैलास मोरे, रोहन मोरे, प्रमोद तभाने, बंडू सूखदेवे, विनोद तायडे, प्रमोद तायडे, नरेश मनोहरे, मनोहर अंबाडकर, भारत मोरे, रामराव वाघमारे, जीतेंद्र चौखंडे, दिवाकर सगने, नंदकुमार मेमनकर, देवानंद ठाकरे सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे.





