अल-हिलाल कॉलनी से हटाया जाए अस्थायी कंपोस्ट डिपो
एमआईएम शहर अध्यक्ष हाजी इरफान खान ने उठाई मांग

मनपा को कानूनी नोटिस देकर दिया 15 दिन का अल्टीमेटम
तीव्र जनांदोलन करने एवं हाईकोर्ट जाने की चेतावनी भी दी
अमरावती/दि.3 – स्थानीय अल-हिलाल कॉलोनी स्थित मनपा की खुली जमीन पर कचरा जमा करने और उसे अस्थायी कंपोस्ट डिपो के रूप में इस्तेमाल किए जाने के विरोध में एआईएमआईएम के अमरावती शहर अध्यक्ष हाजी इरफान खान हाजी उस्मान खान ने मनपा आयुक्त को कानूनी नोटिस भेजा है. नोटिस में संबंधित जमीन से कचरे का ढेर हटाने, भविष्य में उसका उपयोग कंपोस्ट डिपो के रूप में बंद करने तथा इसी जमीन में से एक एकड़ क्षेत्र महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड को बिजली उपकेंद्र के लिए उपलब्ध कराने की मांग की गई है.
एमआयएम शहराध्यक्ष हाजी इरफान द्वारा एड. एन. आर. शाह के जरीए मनपा को दी गई कानूनी नोटिस के अनुसार, अल-हिलाल कॉलोनी में अल-अजीज फंक्शन हॉल के सामने अमरावती-वालगांव मार्ग से लगी मनपा की खुली जमीन है. इसके आसपास अस्पताल, स्कूल और सार्वजनिक उपयोग के अन्य केंद्र हैं. नोटिस में दावा किया गया है कि इस जमीन से होकर विद्यार्थी, मरीज और वरिष्ठ नागरिक आवागमन करते हैं. यहां कचरा जमा होने से आसपास के नागरिकों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है तथा आवारा कुत्तों का जमावड़ा बढ़ने से विद्यार्थियों और वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा का भी मुद्दा पैदा हुआ है.
* दिसंबर 2025 में दिए आश्वासन का हवाला
नोटिस में कहा गया है कि इन समस्याओं को लेकर एआईएमआईएम की ओर से 3, 9 और 17 दिसंबर 2025 को मनपा के समक्ष शिकायत एवं निवेदन प्रस्तुत किए गए थे. इसके बाद मनपा की ओर से 10 दिसंबर 2025 के पत्र क्रमांक एएमसी/सैनिटेशन/1061/2025 के माध्यम से कथित रूप से आश्वासन दिया गया था कि उक्त जमीन का उपयोग कंपोस्ट डिपो के लिए नहीं किया जाएगा और वहां जमा कचरा हटाकर जमीन को स्वच्छ रखा जाएगा. नोटिस में यह भी दावा किया गया है कि मनपा ने इसी पत्र में उक्त खुली जमीन में से एक एकड़ क्षेत्र महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी को बिजली उपकेंद्र के लिए देने और उसका सीमांकन किए जाने की जानकारी दी थी. इन आश्वासनों के बाद एआईएमआईएम ने अपना आंदोलन रोक दिया था.
* नौ माह बाद भी स्थिति नहीं बदली, नोटिस में आरोप
हाजी इरफान खान की ओर से भेजे गए कानूनी नोटिस में आरोप लगाया गया है कि नौ माह से अधिक समय बीतने के बावजूद मनपा ने अपने कथित आश्वासन का पालन नहीं किया. नोटिस में इसे सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए मनपा से तत्काल कार्रवाई की मांग की गई है. नोटिस के अनुसार, पश्चिमी अमरावती क्षेत्र में बिजली के अधिक भार के कारण नियमित बिजली कटौती की समस्या सामने आती है. ऐसे में बिजली उपकेंद्र के लिए प्रस्तावित एक एकड़ जमीन उपलब्ध कराने की मांग भी दोहराई गई है.
* 15 दिन में कार्रवाई नहीं तो हाईकोर्ट जाने की चेतावनी
कानूनी नोटिस में मनपा आयुक्त से नोटिस प्राप्त होने के 15 दिनों के भीतर संबंधित जमीन से कचरा हटाने, उसे कंपोस्ट डिपो के रूप में इस्तेमाल करना बंद करने तथा एक एकड़ जमीन एमएसईडीसीएल को बिजली उपकेंद्र के लिए उपलब्ध कराने की मांग की गई है. नोटिस में चेतावनी दी गई है कि निर्धारित अवधि में कार्रवाई नहीं होने पर एआईएमआईएम शहर अध्यक्ष की ओर से बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ का दरवाजा खटखटाया जाएगा. नोटिस में आगे की कानूनी कार्रवाई से उत्पन्न होने वाले खर्च और परिणामों के लिए मनपा को जिम्मेदार ठहराने की बात कही गई है.





