समृद्धि महामार्ग पर खुशियों का सफर बना आखिरी यात्रा

नवदुर्गा की प्रतिमा लेकर लौट रहे सिंदी मेघे के सात लोगों की मौत

* हादसे के बाद सामने आई हाईवे की खतरनाक तस्वीर
* सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
धामणगांव रेलवे/दि.3- श्रीक्षेत्र शेगांव से नवदुर्गा के दर्शन और प्रतिमा लेकर खुशी-खुशी गांव लौट रहे सिंदी मेघे के सात लोगों ने शायद सपने में भी नहीं सोचा होगा कि यह यात्रा उनकी जिंदगी की आखिरी यात्रा साबित होगी. गुरुवार आधी रात के बाद समृद्धि महामार्ग पर चैनल नंबर 97 के पास हुए भीषण हादसे ने सात परिवारों को हमेशा के लिए गहरे दुख में डाल दिया. हादसे के बाद अब समृद्धि महामार्ग की सुरक्षा व्यवस्था और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.
वर्धा जिले के सिंदी मेघे स्थित सोमनाथ लेआउट में पिछले सात वर्षों से नवदुर्गा उत्सव मंडल की परंपरा चली आ रही है. हर वर्ष की तरह इस बार भी मंडल के कार्यकर्ता शेगांव गए थे. वहां से नवदुर्गा की प्रतिमा लेकर वे उत्साह और भक्ति के साथ गांव की ओर रवाना हुए थे. किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही घंटों बाद यह खुशी मातम में बदल जाएगी.
* धीमी गति से चल रही थी ट्रॉली
बताया गया कि शेगांव से सिंदी मेघे तक का करीब 90 किलोमीटर का सफर सामान्य परिस्थितियों में लगभग डेढ़ घंटे में पूरा हो सकता था. लेकिन नवदुर्गा की बड़ी प्रतिमा लेकर चलने के कारण वाहन की गति काफी कम रखी गई थी. ट्रॉली पर प्रतिमा को सुरक्षित रखने के लिए कई कार्यकर्ता आसपास मौजूद थे. यात्रा के दौरान सभी भक्ति और उत्साह में डूबे हुए थे. इसी दौरान समृद्धि महामार्ग के नागपुर कॉरिडोर पर तळणी गांव के समीप तेज रफ्तार से आ रहे एक भारी ट्रक ने धीमी गति से चल रही ट्रॉली को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी. टक्कर इतनी भीषण थी कि पिकअप वाहन के पीछे लगी ट्रॉली बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला.
* सोशल मीडिया की खुशी बनी आखिरी पोस्ट
शेगांव से नवदुर्गा की प्रतिमा लेकर रवाना होने के दौरान मंडल के कार्यकर्ताओं ने यात्रा के कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किए थे. प्रतिमा गांव की ओर रवाना होने के बाद उत्साह में एक संदेश भी साझा किया गया था. उस समय किसी ने नहीं सोचा था कि कुछ देर बाद यही पोस्ट उन लोगों की जिंदगी की आखिरी याद बन जाएगी.
* 73 किलोमीटर के हिस्से में सात ब्लैक स्पॉट
इस हादसे के बाद धामणगांव रेलवे, चांदूर रेलवे और नांदगांव खंडेश्वर के बीच समृद्धि महामार्ग के करीब 73 किलोमीटर के हिस्से में दुर्घटनाओं का मुद्दा फिर चर्चा में आ गया है. उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस हिस्से में सात दुर्घटना संभावित क्षेत्र चिन्हित किए गए हैं. यहां अब तक बड़ी संख्या में सड़क हादसे हो चुके हैं और कई लोगों की जान जा चुकी है. सबसे ज्यादा दुर्घटनाओं वाले क्षेत्रों में चैनल नंबर 97, जो मंगरुल दस्तगीर पुलिस थाना क्षेत्र में आता है, का भी उल्लेख किया जाता है. इस क्षेत्र में पहले भी गंभीर हादसे होने के कारण इसकी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठते रहे हैं.
* धीमे वाहनों के लिए सुरक्षा इंतजाम कितने पर्याप्त?
समृद्धि महामार्ग पर सामान्य यातायात तेज गति से चलता है. ऐसे में किसी कारण से धीमी गति से चलने वाले वाहन, ट्रैक्टर, ट्रॉली या अन्य वाहनों के लिए पर्याप्त चेतावनी और सुरक्षा व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है. नवदुर्गा प्रतिमा लेकर लौट रही ट्रॉली की गति काफी कम थी. इसके बावजूद पीछे से आ रहे भारी वाहन की टक्कर से इतना बड़ा हादसा होना इस बात की ओर भी ध्यान खींचता है कि धीमी गति वाले वाहनों की सुरक्षा के लिए मौजूदा व्यवस्था कितनी प्रभावी है. हादसे के बाद अब स्थानीय नागरिकों और वाहन चालकों की ओर से दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त संकेतक, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, चेतावनी बोर्ड और धीमी गति वाले वाहनों की सुरक्षा के लिए ठोस उपाय किए जाने की मांग उठने की संभावना है.
* सात परिवारों में पसरा मातम
नवदुर्गा की प्रतिमा लेकर खुशी-खुशी निकले कार्यकर्ताओं की यात्रा कुछ ही घंटों में सात परिवारों के लिए कभी न भरने वाला दुख बन गई. हादसे की खबर गांव तक पहुंचते ही सिंदी मेघे में मातम पसर गया. जिन लोगों के साथ कुछ घंटे पहले तक उत्सव और भक्ति की खुशियां साझा की जा रही थीं, उन्हीं के शवों की खबर ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया. यह हादसा केवल सात लोगों की मौत की घटना नहीं, बल्कि समृद्धि महामार्ग पर यातायात सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर चेतावनी बनकर सामने आया है. अब देखना होगा कि इस दर्दनाक हादसे के बाद दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन और महामार्ग प्रबंधन क्या ठोस कदम उठाता है.

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