लोकगायक अवधूत गांधी के भक्ति-शक्ति संगम कार्यक्रम से शिवशौर्य गाथा जागरण रहा भव्य

स्वराज्यरक्षक छत्रपति संभाजी महाराज की 369 वीं जयंती के अवसर पर हजारों शिव-शंभू भक्तों ने दी मानवंदना

* शंभूराजे के आदर्शों का स्मरण करते हुए समाज में एकता, साहस और राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत करने का संकल्प
* विधायक सुलभा खोडके, स्वराज्यरक्षक छत्रपति संभाजी महाराज स्मारक समिति एवं शोध प्रतिष्ठान का आयोजन
अमरावती/दि.15 – स्वराज्य के दूसरे छत्रपति, अपराजित योद्धा, स्वराज्य रक्षक, धर्मवीर छत्रपति संभाजी महाराज की 369वीं जयंती के उपलक्ष्य में छत्रपति संभाजी महाराज स्मारक समिति एवं शोध प्रतिष्ठान अमरावती की ओर से आयोजित मानवंदना कार्यक्रम और लोकगायक अवधूतजी गांधी के भक्ति-शक्ति संगम समारोह में अमरावतीकरों की हजारों की संख्या में बड़ी उपस्थिति रही इस अवसर पर समस्त शिव-शंभू प्रेमियों ने स्वराज्यरक्षक छत्रपति संभाजी महाराज को मानवंदना अर्पित कर उनके इतिहास, विचार, शौर्य, आदर्श और बलिदान का स्मरण किया.
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाराष्ट्र विधान परिषद सदस्य संजय खोडके ने की तथा प्रमुख अतिथि के रूप में अमरावती विधानसभा क्षेत्र की विधायक सौ. सुलभा संजय खोडके उपस्थित थीं. विशेष अतिथि के रूप में श्री अवधूतजी गांधी, शोध प्रतिष्ठान अमरावती के अध्यक्ष यश खोडके, स्मारक समिति के अध्यक्ष संकेत महल्ले, सचिव आकाश हिवसे, निमंत्रक ऋतुराज राऊत सहित अन्य मान्यवर उपस्थित थे.
इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए विधायक सुलभा खोडके ने कहा कि छत्रपति संभाजी महाराज केवल महाराष्ट्र ही नहीं बल्कि पूरे देश के गौरवशाली व्यक्तित्व हैं. उनके अतुलनीय बलिदान के कारण स्वराज्य और अधिक सशक्त हुआ तथा उनके शौर्य ने स्वराज्य रक्षा का सबसे बड़ा आदर्श समाज के सामने रखा है. संभाजी महाराज ने अत्यंत प्रतिकूल परिस्थितियों में भी स्वराज्य का ध्वज ऊंचा बनाए रखा स्वराज्य के लिए दिया गया उनका बलिदान इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा गया है. उनकी शौर्यगाथाएं आज भी युवा पीढ़ी को प्रेरणा देती हैं. छत्रपति संभाजी महाराज के इतिहास का संरक्षण, उनके विचारों और आदर्शों का स्मरण करते हुए समाज में एकता, साहस और राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत करने का संकल्प लेने का आवाहन उन्होंने किया.
इस दौरान महाराष्ट्र के दिवंगत उपमुख्यमंत्री लोकनेता अजितदादा पवार की स्मृति में दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई. मानवंदना कार्यक्रम के बाद महाराष्ट्र के सुप्रसिद्ध लोकगायक और कलाकार श्री अवधूतजी गांधी ने अपनी मधुर वाणी से भक्ति संगीत एवं शिव-शंभू की महिमा का वर्णन करने वाले संगीतमय कार्यक्रम की रंगारंग प्रस्तुति दी जिसमें अवधूत गांधी ने संतवाणी, भक्तिगीत, अभंग, भारूड, गोंधल जैसे लोकगायन प्रस्तुत कर पूरे परिसर को भक्तिमय बना दिया. इस रंगारंग कार्यक्रम के माध्यम से मराठा संस्कृति का दर्शन हुआ तथा वारकरी सेवा की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए शिवकालीन घटनाओं और प्रसंगों को उजागर किया गया श्री अवधूत गांधी द्वारा प्रस्तुत देह विठ्ठल.., ‘पावनखिंड’ फिल्म का ‘युगात मांडली’ तथा ‘शिवबा राजा’ जैसे वीररस से भरपूर गीतों की प्रस्तुति से कार्यक्रम में विशेष रंगत आ गई.
अवधूत गांधी के कार्यक्रम में तबले पर पांडुरंगजी पवार, हार्मोनियम पर अभय नालगे, पखावज पर राजेंद्र महाराज बघे, संबल वादन पर सोमनाथ तरटे, ढोलकी पर प्रतीक डोलस तथा ताल गायन में विजय सोनोने ने शानदार संगत दी, जिसे उपस्थित दर्शकों और रसिकों ने भरपूर सराहा. इसके साथ ही कार्यक्रम में जोरदार संबल वादन, तबला और ढोलकी की जुगलबंदी ने उपस्थित लोगों में जबरदस्त उत्साह भर दिया. आकर्षक रोशनी, प्रकाश व्यवस्था, सजावट और ढोल पथक भी कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण रहे कार्यक्रम का संचालन संदीप जुनघरे ने किया. इस अभूतपूर्व संगीतमय संध्या में अमरावतीकर जनता की हजारों की संख्या में उपस्थिति रही. स्वराज्यरक्षक छत्रपति संभाजी महाराज की जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित मानवंदना एवं भक्ति-शक्ति संगम समारोह में उपस्थित सभी मान्यवर अतिथियों, शिव-शंभू प्रेमियों तथा अमरावतीकर जनता का शोध प्रतिष्ठान के अध्यक्ष यश खोडके ने आभार व्यक्त किया.

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