2201 रुपए का सिलेंडर सीधे 3172 रुपए हुआ
कमर्शियल सिलेंडर के दाम में बेतहाशा वृद्धि

* होटल और कैटरिंग व्यवसाय की मुश्किल बढी
* पर्यायी इंधनों पर विचार- बिट्टू सलूजा
अमरावती/दि.1 – सरकार ने खाडी युद्ध के कारण हुए गैस किल्लत का पूरा ठीकरा व्यावसायिक सिलेंडर पर फोडते हुए आज मई माह के प्रथम दिवस सीधे 971 रुपए प्रति नग दाम बढा दिये. जिससे अमरावती में 2201 रुपए में मिलने वाला 19 किलो का सिलेंडर अब 3172 रुपए हो जाने की जानकारी डीलर्स ने दी. उन्होंने बताया कि, अभी भी दाम बढाने के बावजूद सिलेंडर पर राशनिंग जारी रहेगी, ऐसा लगता है. दूसरी ओर होटल संचालकों के साथ ही कैटरिंग सर्विस के संचालकों की मुश्किल बढ गई है. अमरावती होटल एसो. के अध्यक्ष बिट्टू सलूजा ने कहा कि, पर्यायी इंधन पर जोर देना होगा. उन्होंने यह भी आशंका जताया कि, होटल व्यवसाय पर महंगाई बढ जाएगी.
* अचानक बढे दाम
सरकार ने घरेलू एलपीजी के दामों से छेडछाड न करते हुए व्यावसायिक सिलेंडर के रेट में भारी भरकम बढोत्तरी कर दी. जिससे होटल संचालकों को अब महंगा सिलेंडर लेना होगा. फलस्वरुप अनेक होटल व्यवसायियों ने इस बढोत्तरी पर नाखुशी जतायी है. अमरावती मंडल से चर्चा में होटल, रेस्तरां संचालकों ने सरकार और प्रशासन से इस विषय में चर्चा करने की बात कही.
* रोज 1500 सिलेंडर की खपत
होटल व्यवसायियों ने अमरावती मंडल से चर्चा में दावा किया कि, रोज 1500 कमर्शियल सिलेंडर की अमरावती में गरज होती है. जिसमें भोजनालय के साथ ही कैटरर सर्विस और छोटे-बडे स्टॉल सभी का कन्जमशन है. एकदम से दाम बढने से एक ही दिन में अमरावती में सरकारी तेल कंपनियों को 15 लाख का फायदा हो जाने का दावा भी किया गया.
* राशनिंग जारी रहेगी
अमरावती के गैस सिलेंडर डीलर्स ने बताया कि, स्टॉक नहीं समान था. सरकारी कंपनियों ने कमर्शियल सिलेंडर पर राशनिंग चला रखी है. जिन होटल संचालकों के पास ऐसे कमर्शियल सिलेंडर है, उन्हें मुश्किल से 20-30 प्रतिशत आपूर्ति की जा रही है. कंपनियों ने अचानक हजार रुपए रेट बढा दिये. अभी सप्लाई के विषय में गाइड लाइन आना बाकी है.

* दो माह में 1500 रुपए महंगा
होटल एसो. के अध्यक्ष बिट्टू सलूजा ने सरकार के दरवृद्धि के निर्णय को गलत बताया. उन्होंने कहा कि, दो माह में दाम तीन बार बढाकर कमर्शियल सिलेंडर 1500 रुपए प्रति नग महंगा कर दिया गया है. अब होटल संचालकों को अपने मेनू के रेट बढाने विवश होना पडेगा. लगातार बढते दामों के बावजूद सिलेंडर की सप्लाई सरकार सुचारु रखे, तो भी काम चल सकता है. अभी तो पर्यायी इंधन के रुप में लकडी की भट्टी का उपयोग करना पड रहा है. उन्होंने संगठन पदाधिकारियों से चर्चा कर आगे के कदम उठाने की बात कही.
* कालाबाजारी बढने का अंदेशा
कमर्शियल सिलेंडर के रेट बढा दिये गये है. दो महीने में दाम दोगुना हो गये है. ऐसे में राशनिंग के कारण सिलेंडर की ब्लैक मार्केटींग बढने की पूरी आशंका है. जानकारों ने अमरावती मंडल से चर्चा में उपरोक्त दावा कर कहा कि, मार्च के आरंभ से चल रहे ब्लैक मार्केटींग के अब और बढने की पूरी संभावना है. पहले ही 3500-4000 रुपए दाम चुकाये जा रहे थे. अब तो 5 हजार चुकाने पडने की नौबत आएगी. दूसरी ओर घरेलू एलपीजी सिलेंडर का धडल्ले से उपयोग होने की भी आशंका बतायी गई.





