वैज्ञानिक दृष्टिकोण निर्माण करने से ही अंधश्रद्धा निर्मूलन संभव

विजय डवरे का प्रतिपादन

अमरावती/दि.6 – समाज में व्याप्त अंधश्रद्धा दूर करने के लिए केवल भाषण और प्रबोधन न करते हुए प्रत्यक्ष रुप में वैज्ञानिक दृष्टिकोन निर्माण करने से ही अंधश्रद्धा निर्मूलन का कार्य संभव होगा. चमत्कार प्रशिक्षण के माध्यम से विद्यार्थी, महिला और नागरिकों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण निर्माण करें, ऐसा प्रतिपादन महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के जिला प्रधान सचिव विजय डवरे ने किया.
स्थानीय गुरुदेव सेवाश्रम राधा नगर में महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति की शहर शाखा की ओर से चमत्कार प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया था. इस अवसर पर वे बोल रहे थे. कार्यशाला में महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के जिला उपाध्यक्ष तथा प्रशिक्षक प्रमोद कोलमकर ने विविध चमत्कारों के प्रयोग प्रत्यक्ष रुप में दिखाए. प्रयोग में वैज्ञानिक तत्व, मानवीय मन की भूमिका तथा चमत्कार के नाम पर धोखाधडी को लेकर सविस्तर जानकारी दी.
कार्यक्रम का संचालन समिति के बडनेरा शाखा कार्याध्यक्ष दिलीप लांडे ने किया व आभार अमरावती शाखा के कार्याध्यक्ष सचिन खोब्रागडे ने माना. इस समय महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के सोशल मीडिया कार्यवाह प्रवीण गुल्हाने प्रमुख रुप से उपस्थित थे. कार्यशाला को सफल बनाने प्रफुल्ल मंदा श्रीधर, दिलीप लांडे, मंजू वासनिक, प्रतिभा खापरे, सचिन खोब्रागडे, गजेंद्र लोणारे, नरेंद्र तायवाडे, संजय खापरे, ओमप्रकाश सुखदेवे, रहमत शहा, आशीष देशमुख ने अथक प्रयास किए.

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