गोपाल नगर रेलवे अंडरपास है गुणवत्ता और दूरदृष्टि के लिहाज से बेहतर

क्षेत्र के पूर्व पार्षद सुनील काले ने अकोली अंडरपास से तुलना के बीच रखा पक्ष

* बेहतर नियोजन, तकनीकी निगरानी और जनप्रतिनिधियों की सक्रियता को दिया प्रकल्प का श्रेय
अमरावती/दि.1- अमरावती महानगरपालिका के पूर्व सभागृह नेता एवं पूर्व विपक्ष नेता सुनील काले ने गोपाल नगर रेलवे अंडरपास परियोजना को शहर के सर्वश्रेष्ठ नियोजित और गुणवत्तापूर्ण विकास कार्यों में से एक बताते हुए कहा है कि यह प्रकल्प सुनियोजित योजना, प्रशासनिक समन्वय, तकनीकी गुणवत्ता और जनप्रतिनिधियों की सतत निगरानी का उत्कृष्ट उदाहरण है. उन्होंने कहा कि यदि विकास कार्यों की शुरुआत से लेकर पूर्णता तक जिम्मेदारी और दूरदृष्टि के साथ काम किया जाए तो नागरिकों को दीर्घकालीन और सुरक्षित सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं.
पूर्व पार्षद सुनील काले ने एक बयान जारी कर बताया कि जब वे प्रभाग क्रमांक 20 (सूतगिरणी) के नगरसेवक और अमरावती महानगरपालिका के सभागृह नेता थे, तब गोपाल नगर रेलवे अंडरपास परियोजना के प्रत्येक चरण पर उन्होंने स्वयं निगरानी रखी. महा रेल के अधिकारियों, मनपा के तत्कालीन शहर अभियंता पवार साहब तथा संबंधित तकनीकी अधिकारियों के साथ आयोजित सभी नियोजन बैठकों में वे नियमित रूप से उपस्थित रहे और नागरिकों के हितों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक सुझाव तथा मार्गदर्शन देते रहे.
* स्वीकृत नक्शे के अनुसार हुआ निर्माण
पूर्व पार्षद सुनील काले ने बताया कि महा रेल और अमरावती महानगरपालिका के समन्वय से अंडरपास का अंतिम नक्शा तैयार किया गया था और उसी स्वीकृत डिजाइन के अनुरूप निर्माण कार्य पूरा कराया गया. परियोजना का उद्घाटन 11 सितंबर 2022 को किया गया था. उद्घाटन के समय स्वीकृत नक्शा और परियोजना की प्रमुख विशेषताओं की जानकारी सोशल मीडिया और व्हाट्सएप के माध्यम से नागरिकों तक पहुंचाई गई थी, ताकि लोगों को परियोजना की वास्तविक संरचना और सुविधाओं की जानकारी मिल सके.
* आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है अंडरपास
पूर्व पार्षद सुनील काले के अनुसार गोपाल नगर रेलवे अंडरपास के निर्माण में केवल आवागमन की सुविधा ही नहीं, बल्कि भविष्य की आवश्यकताओं और मानसून की चुनौतियों को भी ध्यान में रखा गया था. इसी कारण परियोजना में कई आधुनिक और तकनीकी सुविधाओं को शामिल किया गया. अंडरपास में दोनों ओर चौड़ी सड़कें बनाई गई हैं तथा इसकी ऊंचाई लगभग साढ़े चार मीटर रखी गई है, जिससे बड़े वाहनों की आवाजाही भी सुगम हो सके. बारिश के मौसम में जलभराव की समस्या न हो, इसके लिए सेंसरयुक्त दो आधुनिक विद्युत पंप लगाए गए हैं, जो पानी के स्तर के अनुसार स्वतः संचालित होकर पानी की निकासी सुनिश्चित करते हैं. इसके अलावा उच्च गुणवत्ता वाले कंक्रीट का उपयोग, आधुनिक प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा सुविधाएं और जलनिकासी तंत्र को भी विशेष प्राथमिकता दी गई. उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया गया और प्रत्येक तकनीकी मानक का पालन सुनिश्चित किया गया.
* उद्घाटन से पहले दूर कराई गईं सभी कमियां
पूर्व सभागृह नेता सुनील काले ने बताया कि अंडरपास के उद्घाटन से पहले महा रेल को लिखित रूप से निर्देश देकर निर्माण कार्य में दिखाई देने वाली सभी त्रुटियों और तकनीकी कमियों को दूर करने को कहा गया था. उद्घाटन केवल औपचारिकता न रहे, बल्कि नागरिकों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण सुविधा मिले, इस उद्देश्य से प्रत्येक बिंदु की समीक्षा की गई थी. उन्होंने बताया कि उस समय यह भी स्पष्ट किया गया था कि एक पूर्ण मानसून बीतने के बाद यदि अंडरपास में किसी प्रकार की तकनीकी समस्या सामने आती है, जैसे कि लीकेज, एप्रोच रोड की खराबी, ड्रेनेज संबंधी समस्या या हाई-टेंशन विद्युत लाइनों से जुड़े मुद्दे, तो उसकी जिम्मेदारी महा रेल की होगी.
* त्रुटियां दूर होने के बाद ही मनपा ने संभालनी थी जिम्मेदारी
मनपा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष रह चुके सुनील काले ने कहा कि उस समय उन्होंने और तत्कालीन शहर अभियंता ने संयुक्त निरीक्षण कर महा रेल को लिखित पत्र भेजा था, जिसमें स्पष्ट उल्लेख किया गया था कि परियोजना में पाई जाने वाली सभी तकनीकी कमियों को दूर करने के बाद ही अंडरपास के रखरखाव और मरम्मत (मेंटेनेंस) की जिम्मेदारी अमरावती महानगरपालिका द्वारा स्वीकार की जाएगी. उनके अनुसार यह निर्णय इसलिए लिया गया था ताकि भविष्य में किसी भी तकनीकी खामी का बोझ नागरिकों या महानगरपालिका पर न पड़े और परियोजना पूरी तरह दोषमुक्त होकर जनता को समर्पित की जा सके.
* अकोली और गोपाल नगर अंडरपास की तुलना पर दिया बयान
हाल के दिनों में शहर के विभिन्न रेलवे अंडरपासों की गुणवत्ता और उपयोगिता को लेकर चर्चा के बीच पूर्व पार्षद सुनील काले ने कहा कि आज यदि गोपाल नगर और अकोली रेलवे अंडरपास की तुलना की जाए, तो यह स्पष्ट दिखाई देता है कि बेहतर योजना, तकनीकी सतर्कता, सतत निगरानी और जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भूमिका किसी भी परियोजना की सफलता का आधार होती है. उन्होंने कहा कि विकास कार्य केवल निधि उपलब्ध कराने से सफल नहीं होते, बल्कि उनकी योजना, क्रियान्वयन और बाद की निगरानी भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है. गोपाल नगर रेलवे अंडरपास इस बात का जीवंत उदाहरण है कि यदि प्रशासन, तकनीकी अधिकारी और जनप्रतिनिधि समन्वय के साथ काम करें तो नागरिकों को लंबे समय तक लाभ पहुंचाने वाले उत्कृष्ट प्रकल्प तैयार किए जा सकते हैं.
* गुणवत्तापूर्ण विकास का मॉडल
पूर्व पार्षद सुनील काले ने विश्वास व्यक्त किया कि गोपाल नगर रेलवे अंडरपास आने वाले वर्षों में भी शहर के लिए एक आदर्श विकास मॉडल के रूप में याद किया जाएगा. उन्होंने कहा कि शहर में बनने वाले अन्य अधोसंरचना प्रकल्पों में भी इसी प्रकार की पारदर्शिता, तकनीकी गुणवत्ता और दूरदृष्टि अपनाई जानी चाहिए, ताकि सार्वजनिक धन का सर्वोत्तम उपयोग हो और नागरिकों को टिकाऊ सुविधाएं प्राप्त हों.

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