राष्ट्रनिर्माण के यज्ञ में हव्याप्रमं की समिधाएं आज भी प्रज्वलित
भाजपा के प्रदेश सचिव जयंत डेहनकर का प्रतिपादन

* हव्याप्र मंडल में 80वां स्वतंत्रता दिवस उत्साह के साथ मनाया गया
* एम्बुलेंस का लोकार्पण और ‘मल्लखांब का सफर’ अंतरराष्ट्रीय डॉक्यूमेंट्री का प्रदर्शन
अमरावती/दि.17 – हजारों वर्षों की गुलामी के अंधकार से स्वयं को सक्षम बनाते हुए भारत स्वतंत्रता की शताब्दी की ओर अग्रसर है. देश की स्वतंत्रता के यज्ञकुंड में असंख्य नररत्नों ने अपने जीवन की ‘समिधा’ अर्पित की. आज देश स्वतंत्र है, लेकिन इस स्वतंत्रता की रक्षा करते हुए राष्ट्र को विकास की ऊंचाइयों तक ले जाने की जिम्मेदारी प्रत्येक नागरिक की है. राष्ट्रहित में कार्य करने वाली संस्थाओं में श्री हनुमान व्यायाम प्रसारक मंडल युवाओं को राष्ट्रनिर्माण के लिए सक्षम बनाने वाला एक ‘आदर्श गुरुकुल’ है. मंडल के संस्थापक स्व. अंबादासपंत और अनंतराव वैद्य से शुरू हुई राष्ट्रसेवा की परंपरा आज पद्मश्री प्रभाकरराव वैद्य, डॉ. श्रीकांत चेंडके, डॉ. माधुरी चेंडके और प्रा. प्रणव चेंडके के माध्यम से निरंतर आगे बढ़ रही है. राष्ट्रनिर्माण के इस यज्ञ में श्री हव्याप्र मंडल की समिधाएं आज भी प्रज्वलित हैं. प्रत्येक विद्यार्थी इस प्रेरणा को आत्मसात कर देशहित में कार्य करे, ऐसा आह्वान भाजपा के प्रदेश महासचिव जयंत डेहनकर ने किया.
देशभक्ति और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देने वाले श्री हनुमान व्यायाम प्रसारक मंडल में 80वां स्वतंत्रता दिवस विभिन्न उपक्रमों के साथ उत्साहपूर्ण वातावरण में मनाया गया. मंडल के प्रधान सचिव पद्मश्री प्रभाकरराव वैद्य की अध्यक्षता में डीसीपीई महाविद्यालय के विशाल प्रांगण में ध्वजारोहण समारोह आयोजित किया गया. प्रमुख अतिथि के रूप में उपस्थित जयंत डेहनकर ने विद्यार्थियों का प्रेरणादायी मार्गदर्शन किया. इस अवसर पर मंच पर मनपा की अतिरिक्त आयुक्त शिल्पा नाईक, मुख्य लेखाधिकारी शिल्पा पवार, सुप्रसिद्ध अस्थिरोग विशेषज्ञ डॉ. चंद्रशेखर कुलकर्णी, मंडल के उपाध्यक्ष डॉ. श्रीकांत चेंडके, सचिव प्रा. डॉ. माधुरीताई चेंडके, कोषाध्यक्ष तथा डीसीपीई महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. श्रीनिवास देशपांडे, डॉ. अरुण खोडस्कर, अभियांत्रिकी महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आर. एस. दालू, डॉ. संजय तिरथकर, प्रा. दीपा कान्हेगावकर, प्रा. प्रणव चेंडके सहित अन्य मान्यवर उपस्थित थे.
डीसीपीई महाविद्यालय के एनसीसी कैडेट्स ने पथसंचलन करते हुए मान्यवरों को मंच तक पहुंचाया. डॉ. श्रीकांत चेंडके, डॉ. माधुरी चेंडके और डॉ. श्रीनिवास देशपांडे ने मान्यवरों का स्वागत किया. इसके बाद जयंत डेहनकर, अतिरिक्त आयुक्त शिल्पा नाईक और मुख्य लेखाधिकारी शिल्पा पवार के हाथों ध्वजारोहण किया गया. राष्ट्रवंदना, वंदे मातरम् और महाराष्ट्र गीत की प्रस्तुति से पूरा वातावरण देशभक्तिमय हो गया. समारोह का भावनात्मक और प्रेरणादायी क्षण वह रहा, जब मैदान में उपस्थित पद्मश्री प्रभाकरराव वैद्य से मान्यवरों ने भेंट कर उनका आशीर्वाद लिया. उनकी दीर्घकालीन राष्ट्रसेवा तथा हव्याप्र मंडल की गौरवशाली कार्यपरंपरा का इस अवसर पर विशेष रूप से उल्लेख किया गया.
इस अवसर पर मंडल के सचिव डॉ. विकास कोलेश्वर, सचिव रवींद्र खांडेकर, पूर्व प्रा. संजय मराठे, डॉ. उत्तमचंद ठाकूर, प्रा. विलास दलाल, प्रा. जयानी गोडसे, प्रा. सुनील जोशी, डॉ. सूर्यकांत पाटील, डॉ. किशोर फुले, डॉ. जयंत पांढरीकर सहित सभी मान्यवरों के हाथों क्यू.ई.सी. बुलेटिन एवं ‘फ्लेम’ का अनावरण किया गया. कार्यक्रम का संचालन परीक्षा नियंत्रक डॉ. विजय पांडे ने किया. अतिथियों का परिचय एवं आभार प्रदर्शन प्रा. आशिष हटेकर ने किया. मंडल के विभिन्न विभागों के प्रमुख, प्राध्यापक, कर्मचारी एवं विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित थे.
‘मल्लखांब का सफर’ ने दिखाई वैश्विक यात्रा
स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह के बाद मंडल के अंतरराष्ट्रीय समन्वयक प्रा. प्रणव चेंडके की प्रमुख भूमिका में निर्मित ‘मल्लखांब का सफर’ नामक अंतरराष्ट्रीय डॉक्यूमेंट्री का स्व. सोमेश्वर पुसतकर सभागृह में प्रदर्शन किया गया.





