स्कूलों में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता की जिम्मेदारी स्कूलों की
एफएसएसएआई में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन अनिवार्य

* 100 रुपये शुल्क के बाद सात दिन में मिलेगा प्रमाणपत्र
अमरावती/दि.28– प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के तहत जिले के 2,377 स्कूलों के करीब 2 लाख 20 हजार 565 विद्यार्थियों को मिलने वाले पोषण आहार को अब अधिक सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण बनाने की दिशा में कदम उठाया गया है. योजना के तहत भोजन तैयार करने वाले स्कूलों और संबंधित संस्थाओं का फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया में पंजीयन अनिवार्य कर दिया गया है. ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए 100 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है और पंजीयन के बाद सात दिनों के भीतर प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा.
राज्य के स्कूलों में विद्यार्थियों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाता है. अब यदि यह भोजन स्कूल प्रबंधन समितियों, महिला बचत समूहों, स्वयं सहायता समूहों या गैर-सरकारी संगठनों के माध्यम से तैयार या वितरित किया जा रहा है, तो संबंधित संस्था के पास वैध एफएसएसएआई रजिस्ट्रेशन अथवा लाइसेंस है या नहीं, इसकी जांच करना स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी होगी. खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने इस संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं.
* स्कूल परिसर के 50 मीटर के दायरे में जंक फूड पर रोक
विद्यार्थियों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए स्कूल परिसर के 50 मीटर के दायरे में तले हुए, जंक फूड और अन्य अस्वास्थ्यकर खाद्य पदार्थों की बिक्री पर प्रतिबंध रहेगा. इसका उद्देश्य बच्चों को कम उम्र से ही स्वस्थ खान-पान की आदतों के प्रति जागरूक करना है.
* गड़बड़ी मिलने पर होगी कार्रवाई
मध्याह्न भोजन अथवा पोषण आहार की गुणवत्ता में किसी प्रकार की कमी पाए जाने पर अभिभावक और नागरिक शिकायत कर सकें, इसके लिए हेल्पलाइन और शिकायत निवारण व्यवस्था लागू की जाएगी. भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता या वितरण में लापरवाही सामने आने पर संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
* ‘ईट राइट स्कूल’ पहल पर जोर
विद्यार्थियों में संतुलित और पौष्टिक आहार की आदत विकसित करने के लिए स्कूलों में ‘ईट राइट स्कूल’ पहल को प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा. प्रशासन की ओर से स्कूलों को विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए नियमित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए हैं. इनमें पौष्टिक भोजन, स्वच्छता और स्वस्थ खान-पान के महत्व की जानकारी दी जाएगी.
* स्कूल प्रबंधन की होगी मुख्य जिम्मेदारी
– भोजन तैयार करने या उपलब्ध कराने वाली संस्था, बचत समूह, स्वयं सहायता समूह अथवा एनजीओ के पास खाद्य सुरक्षा कानून के तहत वैध लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन होना आवश्यक होगा.
– खाद्य आपूर्तिकर्ता का लाइसेंस वैध है या नहीं तथा विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण भोजन मिल रहा है या नहीं, यह सुनिश्चित करने की मुख्य जिम्मेदारी स्कूल प्रबंधन समिति और प्रधानाचार्य की होगी.
* विद्यार्थियों को मिलेगा सुरक्षित भोजन
एफएसएसएआई पंजीयन अनिवार्य किए जाने से भोजन की स्वच्छता, गुणवत्ता और इस्तेमाल होने वाली सामग्री की निगरानी मजबूत होने की उम्मीद है. इससे विद्यार्थियों को मिलने वाले भोजन में गंदगी, मिलावट अथवा गुणवत्ता संबंधी लापरवाही की घटनाओं पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी.





