बाघ के पैरों के निशान दिखने से मची खलबली
गांववासियों में भय का वातावरण

* मोथाखेडा के बाद गोलाई गांव में दहशत का माहौल
धारणी/दि.29– मेलघाट के धारणी तहसील अंतर्गत आनेवाले मेलघाट वन्यजीव विभाग के धुलघाट रेलवे वन परिक्षेत्र के अतिदुर्गम गोलाई गांव में वन्य प्राणी के पैरों के निशान पाए जाने से गांववासियों में भय का वातावरण निर्माण हो गया है. विशेष यह है कि, बाघ के पैरों के यह निशान चतुराजी बहुउद्देशीय शिक्षा संस्था संचालित माध्यमिक विद्यालय के परिसर में पाए जाने से विद्यार्थी, शिक्षक तथा पालकों में चिंता का वातावरण व्याप्त है.
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बीते 3-4 दिनों से गोलाई बीट के जंगल परिसर से वन्य प्राणियों का संचार गांव की दिशा में हो रहा है, ऐसा दिखाई दे रहा है. गुरुवार सुबह विद्यालय परिसर में विविध स्थानों पर बडे साइज के पैरों के निशान दिखाई दिए. निशानों की जानकारी मिलते ही परिसर में एक ही खलबली मच गई. गांववासियों में शुरुआत में यह निशान बाघ के है, ऐसी चर्चा रंगी हुई थी. उसके बाद वन विभाग के कर्मचारियों ने घटनास्थल पर भेंट देकर प्राथमिक निरीक्षण किया. वन विभाग के अधिकारियों की जानकारी के अनुसार, पाए गए पैरों के निशान बाघ के है, ऐसा प्राथमिक अंदाज व्यक्त किया गया है.
इसके पहले 26 अगस्त को मोथाखेडा परिसर में बाघ का दर्शन होने की नोंद हुई थी. उसके बाद सिर्फ एक ही दिन में 27 अगस्त को गोलाई स्थित विद्यालय परिसर में बाघ के पैरों के निशान पाए जाने से वन्य प्राणी गांव की सीमा में आ रहे है, ऐसी संभावना अधिक मजबूत हुई है. मेलघाट वन्यजीव विभाग के धुलघाट रेलवे वन परिक्षेत्र ने नागरिकों को सतर्क रहने का आवाहन किया है. अकेले ने जंगल की दिशा में जाने का टालें, रात के समय में अनावश्यक संचार न करें, साथ ही कोई भी वन्य प्राणी दिखने पर तत्काल संपर्क करें, ऐसा आवाहन किया गया है. वन विभाग द्वारा परिसर पर बारिकी से निगाहें रखी जा रही है. अगली हलचलों पर लगातार निरीक्षण शुरु है, ऐसी जानकारी दी गई है.
* नागरिकों ने सतर्क रहें
मोथाखेडा, गोलाई गांव से सटकर तेंदुआ और वाघ का संचार है, ऐसा प्राथमिक जांच के बाद सामने आया है. नागरिकों ने सतर्क रहकर गांवों अथवा अन्य वन्यप्राणी के बारे में कोई भी हलचल दिखने पर वन विभाग से तत्काल संपर्क करें.





