युवती को कैद कर दो नराधमों ने किया लैंगिक अत्याचार

नौकरी का प्रलोभन देकर दो महिलाओं ने ही फंसाया अपने जाल में

* महादेवखोरी परिसर की घटना, दो महिला समेत चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज
* नराधमों के चंगुल से भागकर पूरी रात अपनी जान बचाने भटकती रही पीडिता
अमरावती/दि.3 – शहर में महिला सुरक्षा का प्रश्न फिर से निर्माण हो गया है. नौकरी की तलाश करने वाली एक 18 वर्षीय युवती को जाल में फंसाकर उस पर अत्याचार किये जाने की सनसनीखेज घटना उजागर हुई है. इस प्रकरण में फे्रजरपुरा थाने में दो महिलाओं समेत चार लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता व एट्रासिटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है. 2 जून को सुबह यह घटना उजागर हुई. इस प्रकरण में दो महिला व दो पुरुष आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है.
जानकारी के मुताबिक पीडित युवती नौकरी की तलाश में रहते उसकी पहचान सायमा (26) नामक महिला से हुई थी. अमरावती में काम की तलाश में रहते एक जगह पर कुछ युवकों की नजर संदेहास्पद लगने से पीडिता का सायमा के साथ विवाद हो गया था. इस कारण पीडिता सायमा की सहेली रीतू (25) के पास रहने चली गई थी. 1 जून की रात रीतू पीडिता को चायनीज खाने के बहाने बाहर ले गई. वहां उसने सायमा को बुलाकर पीडिता को उसके साथ जाने को कहा था. पीडिता ने इंकार किया तब उसे जान से मारने की धमकी देकर जबरदस्ती दुपहिया पर बैठाया गया. सायमा ने तब पीडिता को चाकू का भय भी दिखाया. पश्चात सायमा के साथ आए दो युवकों के साथ पीडिता को जबरदस्ती ले जाया गया. पीडिता को महादेव खोरी परिसर के एक मकान में ले जाया गया. वहां सायमा ने उसे लाथों घुसों से पीटा. तब उसके साथ वाले दो युवक वहां मौजूद थे. पश्चात पीडिता द्वारा चीख पुकार न करने के लिए सायमा ने उसके गले पर चाकू लगा रखा था. कुछ देर बाद सायमा यह गोलू उर्फ साहिल अंभोरे (26) और करण मनोहर (27) नामक दोनों युवकों के कब्जे में पीडिता को लेकर रात भर उसके साथ रहने की बात कहकर चली गई. पश्चात इन दोनों युवकों ने पीडिता को धमकी देकर उस पर अत्याचार किया. वे कुछ घंटे बाद चले गये, तब पीडिता पीछे के दरवाजे से किसी तरह अपनी जान बचाकर भाग निकली. 1 जून की रात 8 बजे से 2 जून को तडके 4 बजे के दौरान यह पूरा घटनाक्रम घटित हुआ. क्राइम ब्रांच के निरीक्षक संदीप चव्हाण के नेतृत्व में दोनों आरोपी युवकों को गिरफ्तार किया गया. पूरी रात परिसर में घुम रही पीडिता को सुबह नागरिकों ने राजापेठ पुलिस स्टेशन पहुंचाया. वहां से उसे तत्काल उपचार व वैद्यकीय जांच के लिए जिला अस्पताल में भर्ती किया गया. फ्रेजरपुरा पुलिस ने 2 जून की शाम 5 बजे के दौरान आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 70 (1), 115 (2), 140 (3) 351 (3) तथा एट्रासिटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है. दो महिलाओं ने ही पीडिता को नराधमों के हवाले किया रहने से उन पर भी पुलिस ने मामला दर्ज कर कब्जे में ले लिया. लेकिन महिलाओं द्वारा इस तरह पीडिता के साथ किये जाने से नागरिकों में तीव्र रोष व्याप्त है.
* इस तरह भागी पीडिता आरोपियों के चंगुल से
संदिग्ध आरोपी वहां से बीयर लाने के लिए बाहर निकले, तब मौका देखकर पीडिता पीछे के दरवाजे से भाग निकली और खुद की जान बचाने के लिए पूरी रात परिसर में भटकती रही. 2 जून को तडके 4 बजे कुछ नागरिकों की सहायता से पीडिता राजापेठ पुलिस स्टेशन पहुंची. पुलिस ने पीडिता की अवस्था देख उसे तत्काल जिला अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती किया. पश्चात मामला दर्ज कर आरोपियों को दबोच लिया गया. मामले की जांच फ्रेजरपुरा पुलिस आगे कर रही है.

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