अमरावती में उष्माघात से दो की मौत
अन्य 5 मौते भी उष्माघात से होने की संभावना

* 24 घंटों में 7 मौतों से शहर में हडकंप
अमरावती/दि.26– विगत एक सप्ताह से अमरावती शहर सहित जिले का तापमान 45 से 47 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा है और पूरा जिला भीषण ग्रीष्म लहर की चपेट में है. इस भीषण ग्रीष्म लहर ने 24 मई को शहर में जबर्दस्त हाहाकार मचा दिया. जब मात्र 24 घंटे के भीतर शहर के अलग- अलग क्षेत्रों में करीब 7 लोगों की मौत होने की जानकारी सामने आयी. जिसमें से दो मौते हीट स्ट्रोक यानी उष्माघात से होने की बात पुलिस द्बारा दर्ज की गई. वहीं शेष 5 लोगों की मौत ही तेज धूप का झटका लगने की वजह से ही होने की संभावना जताई जा रही है.
जानकारी के मुताबिक स्थानीय किशोर नगर निवासी 75 वर्षीय पुंडलिकराव किसनजी वानखडे की विगत 24 मई को तीव्र उष्माघात के चलते सुबह साढे दस बजे मौत हो गई. वहीं दूसरी घटना कुम्हारवाडा परिसर के अंकुर नगर के सामने यहां पर एक वृध्द महिला का शव टीन की छत रहनेवाले उसके घर के कमरे से बरामद हुआ. तीव्र उष्णता की वजह से उक्त महिला का शव फूल कर काला ही पड गया था. राजापेठ पुलिस ने इस मामले में आकस्मिक मृत्यु की बात दर्ज की है.
वहीं दूसरी ओर फ्रेजरपुरा पुलिस थाना क्षेत्र अंतर्गत मंगलधाम पुल के पास 24 मई को दोपहर 2.30 बजे के आसपास 50 वर्षीय अज्ञात व्यक्ति का शव बरामद हुआ. इसके अलावा वलगांव रोड से इतवारा मार्ग पर फिरोजा पार्क के सामने कारला गांव निवासी मनोहर मारोतराव वैद्य (60) नामक व्यक्ति का शव बरामद हुआ. जबकि जिला सामान्य अस्पताल में 37 वर्षीय अज्ञात युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई. इसके साथ ही रेलवे स्टेशन के पास सूर्योदय चौक की दीवार से लगकर एक अज्ञात व्यक्ति लावारिस स्थिति में मृत पडा पाया गया. वहीं रविनगर परिसर निवासी दिनेश रघुनाथ कोल्हे (42) का शव गुलशन मार्केट स्थित एक दुकान के पास पडा मिला. इन पांचों घटनाओं मेें मौत की अधिकृत वजह अब तक स्पष्ट नहीं हुई है. लेकिन संभावना जताई जा रही है कि तेज धूप व भीषण गर्मी में घूमते की वजह से संबंधितों की मौत हुई है.
उल्लेखनीय है कि इससे पहले 23 मई को भी शहर पुलिस आयुक्तालय के 10 पुलिस थाना क्षेत्रों में करीब 8 आकस्मिक मौतों की जानकारी दर्ज हुई है. जिनमें दो लावारिस शवों का भी समावेश था. स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक इस समय शहर सहित जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकतम तापमान 45 से 47 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा है. इसके चलते बेघर व लावारिस लोगों के साथ- साथ तेज धूप में घूमनेवाले लोगबाग उष्माघात का शिकार हो रहे है.





