कृषि मंडी सेस खत्म करने 2 अक्तूबर का अल्टीमेटम
संघर्ष की तैयारी : व्यापारियों ने राज्य सरकार को दी चेतावनी

अमरावती/दि.6 – महाराष्ट्र मंडियों में वसूले जाने वाले मार्केट सेस के खिलाफ एक बार फिर व्यापारियों ने विरोध का स्वर तेज कर दिया है. व्यापारी संगठनों ने 2 अक्टूबर तक मार्केट सेस खत्म करने की मांग की है. यदि सरकार ने नहीं माना तो *पूरे महाराष्ट्र में शांतिपूर्ण राज्यव्यापी असहयोग आंदोलन शुरू किया जाएगा. यह निर्णय कोल्हापुर ट्रेड ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज तथा कोल्हापुर ग्रेन मर्चेंट्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित राज्यव्यापी एपीएमसी व्यापारी सम्मेलन में सर्वसम्मति से पारित किया गया.
फेडरेशन ऑफ एसोसिएशन्स ऑफ महाराष्ट्र इंडस्ट्रीज ट्रेड एंड सर्विसेज के अध्यक्ष डॉ. दीपेन अग्रवाल ने कहा कि सरकार से एकजुटता से बातचीत, संवाद और जरूरत पड़ने पर लोकतांत्रिक व निर्णायक आंदोलन के लिए तैयारी की जाएगी. अगले 2 महीने इस समाधान के लिए दिए जाएंगे. पिछले कई वर्षों से व्यापारी मार्केट सेस खत्म करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन हर बार आश्वासन देकर मामला टाल दिया जाता है. अब व्यापारी आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं.
* अन्य मांगें
केसीसीआई के चेयरमैन मोहन गुगनानी ने कहा कि सरकार द्वारा कृषि उपज मंडी समितियों को आटा, सूजी, खाद्य तेल, दालें और ड्राई फ्रूट जैसे विनिर्मित-मूल्य उत्पादों पर भी सूगर चार्ज लगाने का आदेश गलत है. उन्होंने कहा कि मंडी समितियों द्वारा असुविधा मंडी क्षेत्र के बाहर वेयरहाउस स्थापित कर निरीक्षण किया जाना भी विदेश है. जब तक मंडी क्षेत्र के भीतर और बाहर दोनों जगहों से सेस समाप्त नहीं होगा, आंदोलन जारी रहेगा.
* सम्मेलन में उपस्थित लोग
बैठक में कोल्हापुर चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष रवींद्र माणगावे, कोल्हापुर चैंबर के अध्यक्ष संजय शेटे, ग्रेन एंड ऑयल सीड्स मर्चेंट्स एसोसिएशन मुंबई के अध्यक्ष भीमजी मनुगनानी, पुणे मर्चेंट्स चैंबर के अध्यक्ष राजेंद्र वाघिया आदि मौजूद थे.





