संजय गायकवाड़ की कथित धमकी से हड़कंप

विधायक पर दर्ज करवाएं अपराध, करें कार्रवाई

* वडेट्टीवार ने मुख्यमंत्री फडणवीस को भेजा पत्र
नागपुर/ दि.24- ‘शिवाजी कोण होता’ इस पुस्तक के प्रकाशक को दी गई कथित धमकी के कारण राज्य की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है, जिससे कानून-व्यवस्था और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता दोनों मुद्दों पर चर्चा शुरू हो गई है. विधायक संजय गायकवाड़ के बयान की निंदा करते हुए कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने सख्त कार्रवाई की मांग की है, जबकि सत्ताधारी और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है.
इस मामले में प्रकाशक प्रकाश आंबी को कथित रूप से जान से मारने की धमकी दी गई है. इससे केवल एक व्यक्ति की सुरक्षा ही नहीं, बल्कि राज्य का वैचारिक माहौल सुरक्षित है या नहीं, यह बड़ा सवाल भी खड़ा हो रहा है. कांग्रेस नेता वडेट्टीवार ने इस संबंध में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर तत्काल मामला दर्ज करने और संबंधित लोगों को सुरक्षा देने की मांग की है.
विधायक संजय गायकवाड़ ने प्रकाशक प्रकाश आंबी को बेहद अभद्र भाषा में तुझाही गोविंद पानसरे करतो जैसी धमकी दी है. यह धमकी केवल एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि महाराष्ट्र की वैचारिक परंपरा को चुनौती देने जैसा है. गायकवाड़ ने आंबी को मां-बहन की गालियां भी दीं. जनप्रतिनिधि जैसे जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा इस तरह की भाषा का उपयोग करना लोकतंत्र के लिए घातक बताया गया है. ऐसे आमदार के खिलाफ पुलिस को मामला दर्ज करना चाहिए, ऐसी मांग वडेट्टीवार ने की है.
कॉमरेड गोविंद पानसरे की हत्या करने वाली प्रवृत्तियों का समर्थन करने वाली भाषा अगर कोई विधायक इस्तेमाल करता है, तो राज्य में कानून का राज है या जंगलराज, ऐसा सवाल वडेट्टीवार ने उठाया है. पानसरे के पुस्तक के प्रकाशक प्रकाश आंबी लगातार छत्रपति शिवाजी महाराज के प्रगतिशील विचार समाज तक पहुंचाने का काम कर रहे हैं. उनके जीवन को खतरा पैदा हो गया है और सरकार को उन्हें तुरंत पुलिस सुरक्षा देनी चाहिए. महाराष्ट्र में विचारकों की हत्याओं का इतिहास रहा है, ऐसे में एक विधायक द्वारा खुलेआम हत्या की धमकी देना चिंताजनक है. इस मामले की ऑडियो क्लिप वायरल होने के बावजूद सरकार चुप क्यों है? गृह विभाग को तुरंत मामला दर्ज कर कार्रवाई के आदेश देने चाहिए, ऐसी मांग वडेट्टीवार ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में की है.
हालांकि, सत्ताधारी पक्ष की ओर से इन आरोपों पर सतर्क रुख अपनाया गया है. कुछ नेताओं के अनुसार पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है और केवल राजनीतिक लाभ के लिए इस मुद्दे को बढ़ाया जा रहा है, ऐसी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता. ऑडियो क्लिप वायरल होने का दावा किया जा रहा है, लेकिन उसकी सत्यता की जांच करना भी जरूरी बताया गया है.

Back to top button