वैष्णवों में अपार उत्साह, आतुरता, बडी तैयारियां

पू.पा.गो. हरिरायजी के मुखारविंद से श्री अष्टसखा चरित्रामृत कथा महोत्सव

* मुख्य मनोरथी किरणभाई टापर परिवार
* 1 अक्तूबर को अभिजीत मुहूर्त में निकलेगी शोभायात्रा
* उत्सव मनोरथी और झांकी मनोरथी, शुभेच्छा भेंट, उत्सव सेवा की होड
अमरावती/दि.24– अंबानगरी की धरा पर अगले माह के आरंभ में ही पुष्टि मार्गीय युवा वैष्णवाचार्य पू.पा.गो. श्री हरिराय महोदय श्री का विशेष अष्टसखा चरित्रामृत कथा महोत्सव हेतु मंगलमय आगमन हो रहा है. अत: समस्त वैष्णवजनों में अपार उत्साह और कौतुहल देखा जा रहा है. प.पू. महोदय श्री के मुखारविंद से 1 से 7 अक्तूबर को दोपहर 3 से 7 बजे तक हरिचंद मंगलम् गोपाल नगर चौक, टीसीसी के सामने बडनेरा रोड पर कथा महोत्सव रखा गया है. श्री गोवर्धननाथजी हवेली सत्संग मंडल के सप्त दिवसीय महोत्सव में मुख्य मनोरथी किरणभाई केशरदासभाई टापर परिवार बने है. अन्य उत्सव मनोरथी, महाप्रसाद मनोरथी, झांकी मनोरथी, शुभेच्छा भेंट, उत्सव सेवा हेतु भी वैष्णवजनों में उत्साह देखा गया है. अनेक ने सहर्ष और श्रद्धापूर्वक सेवा ग्रहण की है.
उत्सव मनोरथी में श्यामसुंदर सुरेशकुमार दम्मानी परिवार, रजनीकांतभाई वल्लभदास वखारिया परिवार, चंद्रकांता कमलकिशोर मूंधडा परिवार, निर्मलाबेन गिरधरभाई श्रॉफ परिवार, हेमंतभाई धीरजलाल सांगाणी परिवार, मेहता परिवार, कांतीलाल भगवान भाई सेठ, मंगलजी भाई जीवनभाई पोपट, शांतादेवी गोपीकिसन बाहेती, भीमजियानी परिवार, मन्नूभाई मधुसूदनभाई जवेरी परिवार, हितेनभाई विनोदभाई जनानी परिवार, रुपाबेन कृष्णदासभाई गगलानी परिवार, धनलक्ष्मीबेन धनजीभाई सोमय्या परिवार का समावेश है.
महाप्रसाद मनोरथी में लताबेन हसमुखभाई पटेल, उत्सव महाप्रसाद मनोरथी गंगाबाई अनंतलाल दम्मानी परिवार, लक्ष्मीदेवी रवींद्रकुमार करवा, निरुपमाबेन घनश्यामदास राजकोटिया, कृष्णदास भाई अमृतलाल पच्चीगर, राजकुमार आनंदकुमार पनपालिया, शोभादेवी द्वारकादास लढ्ढा परिवार, कृष्णदास भाई विठ्ठलदास सराफ परिवार, नवीनकुमार कोठारी महू, अशोक कुमार मोड परिवार, दीप्ति आशीष देवकिसन मूंधडा परिवार, शकुंतलादेवी गोपीकिसन सादानी, विपुलभाई प्रभुदासभाई नदीयाना बडनेरा, गुमतीबाई जयनारायण भैया परिवार, मन्नूभाई मधुसूदन भाई जव्हेरी परिवार, हिनाबेन दिनेशभाई बाबरिया, पुष्पाबेन वृंदावनदास भाई शाह का समावेश है.
झांकी मनोरथी बने हैं हरिदासभाई लक्ष्मणदास श्रॉफ, कुंदनबेन रसिकलाल गगलानी, नितिनभाई मुकेशभाई गगलानी, शीलबेन सुरेशचंद्र टापर, संदीप रमणीकलाल हिंडोचा, तुषार वसंतभाई श्रॉफ, विठ्ठलभाई वसंतराव डिगे, दिलीप गोवर्धनदास वस्तानी, योगेश रतिलाल भाई राजा, पुष्पाबेन गोपालदास मूंधडा, रोहितभाई दिलीपभाई श्रॉफ, चितलांगे एवं राठी परिवार, जीतेंद्र लोटिया, श्याम सुभाषचंद्र जडिया.
श्री उत्सव सेवा में शर्मिष्ठा रामदास श्रॉफ, कन्हैयालाल अमृतलाल पच्चीगर, इंदिराबेन नटवरलाल श्रॉफ, एड. सूर्यकांत पारेख, एड. राजीव जव्हेरी, शिल्पा राजेंद्रभाई पारेख, रोहिणी शरदकुमार श्रॉफ, लीलावती रतिलाल हिंडोचा, रंजनबेन चंद्रकांत जसापारा, अतुल केशवलाल सेठ, किरण धर्मेश गगलानी, जगदीश राजा, रजनीबेन रसिक श्रॉफ, जयेश त्रिभुवनदास जसापारा, दिलीपभाई अडिया, मीना दिलीप बाबरिया, लता गिरीश मूंधडा, शरदभाई कढी, प्रफुल्लभाई खिमानी, राजेशभाई, हरीशभाई, विजयभाई संतोषिया, हरिकृष्ण प्रेमचंद पुरवार, हरिभाई अमृतलाल पच्चीगर, वल्लभदास राजा, पराग गोपालदास पच्चीगर का समावेश है.
श्री शुभेच्छा भेंट में सामूहिक तीन वैष्णव परिवार, श्री महिला मंडल जूनी हवेली भाजीबाजार, उषादेवी गिरधारलाल वर्मा, सोनलबेन कमलेश जसापारा, हंसाबेन रसिकलाल गुजराती, वंदनाबेन किशोरभाई महाजन, सुधाबेन राजेंद्र तारकस, शोभाबेन भूपेंद्र जसापारा, नेहाबेन नीलेश काटकोरिया, दिलीपभाई चतुर्भूज वजीर, भारतीबेन महेंद्र गगलानी, कुसूमबेन भगवानदास सांगाणी मूर्तिजापुर और श्री भागवत जी पोथी सेवा एकता समीरभाई बाबरिया का समावेश है.
हवेली सत्संग मंडल के सर्वश्री मुकेशभाई श्रॉफ, महेशभाई सेठ, डॉ. घनश्याम बाहेती, संयोजक हितेशभाई राजकोटिया, आशीषभाई करवा, हेमंत पच्चीगर, वीणाबेन श्रॉफ, कश्मीराबेन सेठ, अल्पाबेन राजकोटिया, नीलम पच्चीगर, दीपाबेन करवा, किरणबेन गगलानी, दिव्या गगलानी, दीप्ति मूंधडा, राजेश संतोषिया, राजेंद्र पारेख, रौनक नदीयाना, विठ्ठल डिगे आदि भी आयोजन को न भूतो न भविष्यती बनाने प्रयासरत है.

* 1 अक्तूबर को दोपहर 12.15 बजे शोभायात्रा
दिव्य अलौकिक कार्यक्रम अंतर्गत गुरुवार 1 अक्तूबर को दोपहर 12.15 बजे भैया इंडस्ट्रिज सातुर्णा से भव्य शोभायात्रा का मंगल प्रारंभ होगा. गाजे-बाजे से पूज्य गोस्वामी श्री हरिरायजी महोदय श्री को रथ में विराजित कर शोभायात्रा हरिचंद मंगलम कार्यस्थल पहुंचेगी. प्रथम दिवस श्री कुंभनदासजी के जीवनचरित्र पर वचनामृत होंगे. श्री गिरिकंदरा में विराजते श्री गोवर्धननाथ जी की झांकी रहेगी. अगले दिन शुक्रवार 2 अक्तूबर को श्री सूरदास जी के जीवनचरित्र पर वचनामृत होंगे. फूलफाग मनोरथ शाम 6.30 बजे रहेगा. शनिवार 3 अक्तूबर को गौचारण लीला मनोरथ शाम 6.30 बजे होंगे.

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