धारणी में फिर सक्रिय हुआ वरली मटका, किसकी हरी झंडी?
आदिवासी महिलाओं की मेहनत की कमाई मटका कारोबार में गंवाने का आरोप

* दयाराम चौक और गुजरी बाजार में खुलेआम गतिविधियां
धारणी/दि.15– जिले के ग्रामीण पुलिस अधीक्षक निकेतन कदम द्वारा अवैध धंधों पर कार्रवाई के निर्देश दिए जाने के बावजूद धारणी शहर में वरली मटका कारोबार के फिर से सक्रिय होने की चर्चा है. दयाराम चौक और गुजरी बाजार परिसर में कथित तौर पर मटका कारोबार से जुड़े लोगों को कागज फाड़ते हुए देखे जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं. लंबे समय से बंद दिखाई दे रहा यह कारोबार अचानक दोबारा शुरू होने से नागरिकों में सवाल उठ रहा है कि आखिर इसे किसकी हरी झंडी मिली?
शनिवार 5 सितंबर को ग्रामीण पुलिस अधीक्षक निकेतन कदम ने धारणी पुलिस स्टेशन का दौरा किया था. इस दौरान उन्होंने पुलिस कर्मचारियों का निरीक्षण करने के साथ ही उनकी फिटनेस की भी समीक्षा की. ‘ऑपरेशन कवच’ के तहत उन्होंने आम नागरिकों के साथ बैठक कर अवैध गतिविधियों की जानकारी पुलिस तक पहुंचाने का आह्वान किया था. नागरिकों को शिकायत या सूचना देने के लिए मोबाइल नंबर भी उपलब्ध कराया गया था. हालांकि, एसपी के दौरे के कुछ ही दिनों बाद धारणी में वरली मटका कारोबार के फिर सक्रिय होने की चर्चा ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
* आदिवासी परिवारों की कमाई पर असर
मेलघाट क्षेत्र में कई आदिवासी परिवार आर्थिक कठिनाइयों से जूझ रहे हैं. स्थानीय महिलाओं का आरोप है कि वे मेहनत-मजदूरी कर जो पैसा कमाती हैं, परिवार के कुछ पुरुष उसे वरली मटका जैसे जुए के कारोबार में गंवा देते हैं. इससे परिवारों की आर्थिक स्थिति और खराब हो रही है. महिलाओं ने अधिकारियों के सामने अपनी परेशानी रखते हुए वरली मटका सहित अवैध जुआ गतिविधियों पर प्रभावी कार्रवाई की मांग की है.
* ‘सूचना देने के लिए नंबर दिया, फिर भी कार्रवाई क्यों नहीं?’
पुलिस प्रशासन द्वारा नागरिकों को अवैध गतिविधियों की जानकारी देने के लिए संपर्क नंबर उपलब्ध कराए जाने के बावजूद यदि शहर में खुलेआम मटका कारोबार चल रहा है, तो नागरिकों के बीच यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि शिकायतों पर कितनी तेजी से कार्रवाई होती है. अब नागरिकों की नजर पुलिस प्रशासन की अगली कार्रवाई पर है.





