गांवों का होगा विकास, रोजगार के भी खुलेंगे रास्ते
मिशन महाग्राम

* 2029 तक बढ़ाया गया महाराष्ट्र ग्राम सामाजिक परिवर्तन अभियान
* चयनित गांवों को सतत विकास के लिए 10 लाख रुपये की सहायता
अमरावती/दि.24- ग्रामीण क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा शुरू किए गए ‘महाराष्ट्र ग्राम सामाजिक परिवर्तन अभियान’ (मिशन महाग्राम) को वर्ष 2029 तक बढ़ा दिया गया है. इस अभियान के तहत सतत विकास के लिए चयनित प्रत्येक गांव को 10 लाख रुपये की विशेष वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है. इसके माध्यम से गांवों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के साथ-साथ रोजगार के अवसर पैदा करने पर भी जोर दिया जाएगा.
मिशन महाग्राम के तहत चयनित गांवों में विकास का ऐसा मॉडल तैयार करने का प्रयास किया जाएगा, जिससे स्थानीय समस्याओं का समाधान होने के साथ गांवों का दीर्घकालीन और टिकाऊ विकास हो सके. योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भागीदारी को महत्वपूर्ण माना गया है.
* गांवों में बुनियादी सुविधाओं पर जोर
अभियान के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में भोजन, आवास, स्वास्थ्य, पेयजल, शिक्षा और रोजगार जैसी मूलभूत जरूरतों को मजबूत करने पर ध्यान दिया जाएगा. उपलब्ध निधि से जलसंधारण, कुओं की मरम्मत, पेयजल व्यवस्था, स्कूलों और ग्राम पंचायतों का डिजिटलीकरण, आंगनवाड़ियों को मजबूत करना तथा प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास जैसे कार्य किए जा सकेंगे.
* महिलाओं और युवाओं को प्रशिक्षण
गांव के विकास के साथ रोजगार सृजन पर भी अभियान में विशेष ध्यान दिया गया है. महिलाओं और युवाओं को विभिन्न कौशलों का प्रशिक्षण दिया जाएगा. महिला स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक और व्यावसायिक रूप से मजबूत करने के लिए बैंक लिंकेज उपलब्ध कराने पर जोर रहेगा. इसके अलावा कृषि आधारित प्रसंस्करण उद्योगों को बढ़ावा देकर गांव में ही रोजगार के अवसर पैदा करने का प्रयास किया जाएगा.
* डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा
मिशन के तहत ग्राम पंचायत स्तर पर डिजिटल सेवाओं को बढ़ाने और सरकारी योजनाओं का लाभ अधिक प्रभावी तरीके से ग्रामीणों तक पहुंचाने पर जोर दिया जाएगा. इससे ग्राम पंचायतों के कामकाज में पारदर्शिता बढ़ाने और नागरिकों को विभिन्न सेवाएं आसानी से उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी. स्थानीय केंद्र संचालकों और ग्राम पंचायत के सदस्यों को ‘महाग्राम सिस्टम’ के उपयोग की जानकारी देने के लिए प्रशिक्षण और कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी. सरपंच, ग्राम पंचायत सदस्य, ग्राम सेवक तथा ग्रामीणों को भी अभियान के उद्देश्यों और क्रियान्वयन की जानकारी दी जाएगी.
* हर जिले में बनेगी अभियान परिषद
चयनित ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए हर जिले में अभियान परिषद गठित की जाएगी. यह परिषद विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने और अभियान के तहत होने वाले कार्यों की निगरानी में भूमिका निभाएगी.
* गांव और प्रशासन के बीच समन्वय की जिम्मेदारी
मिशन महाग्राम के लिए विशेष ग्राम समन्वयक नियुक्त किए जाएंगे. ये समन्वयक गांव के कर्मचारियों, सरपंच, केंद्र संचालकों तथा जिला और तालुका स्तर के ग्रामीण विकास तंत्र के बीच समन्वय स्थापित करेंगे. अभियान के कार्यों को गति देने और स्थानीय स्तर की समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण होगी.
* 10 लाख रुपये से होंगे विकास कार्य
चयनित गांवों को सतत विकास के लिए मिलने वाली 10 लाख रुपये की सहायता का उपयोग स्थानीय जरूरतों के अनुसार विभिन्न विकास कार्यों में किया जाएगा. जलस्रोतों का संरक्षण, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, डिजिटल सुविधाएं और आंगनवाड़ी जैसी प्राथमिकताओं के साथ गांव में रोजगार सृजन से जुड़े कार्यों को भी बढ़ावा दिया जाएगा. मिशन महाग्राम के 2029 तक विस्तार से अधिक से अधिक गांवों को अभियान से जोड़ने और ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के साथ रोजगार एवं कौशल विकास को गति देने की योजना है.





