शिक्षक दिवस पर अंध विद्यालय में गूंजा कृतज्ञता का स्वर
60 पूर्व शिक्षक-कर्मचारियों का सम्मान

* भावुक हुए पुराने साथी; हीरक महोत्सव वर्ष में यादगार
अमरावती /दि.7– शिक्षक केवल ज्ञान देने वाला नहीं, बल्कि जीवन की राह दिखाने वाला मार्गदर्शक होता है. इसी भावना को साकार करते हुए शिक्षक दिवस के अवसर पर दि ब्लाइंड वेलफेयर एसोसिएशन, अमरावती द्वारा संचालित डॉ. नरेंद्र भिवापूरकर अंध विद्यालय एवं आश्रित अंध कर्मशाला में शनिवार, 5 सितंबर को ‘कृतज्ञता सन्मान समारोह’ का आयोजन किया गया. समारोह में विद्यालय की 60 वर्षों की गौरवशाली यात्रा में योगदान देने वाले 60 पूर्व शिक्षक एवं कर्मचारियों का कृतज्ञतापूर्वक सम्मान किया गया.
विद्यालय का 60वां स्थापना वर्ष हीरक महोत्सव के रूप में मनाया जा रहा है. गत 25 जुलाई को हीरक महोत्सव का शुभारंभ हुआ था. इसी उपलक्ष्य में वर्षभर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं. इसी श्रृंखला में शिक्षक दिवस पर आयोजित यह समारोह पुराने शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए अपनी पुरानी यादों से दोबारा जुड़ने का भावुक अवसर बन गया.
* पुराने सेवाभाव को मिला सम्मान
विद्यालय के विद्यावती श्रीवास्तव सभागृह में आयोजित समारोह में उन पूर्व शिक्षकों और कर्मचारियों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने वर्षों तक अपने ज्ञान, कर्तृत्व, सेवाभाव और समर्पण से संस्था को मजबूत आधार दिया. सम्मान के दौरान कई पुराने चेहरे एक-दूसरे से मिलकर भावुक नजर आए और विद्यालय से जुड़ी यादें ताजा हो गईं. कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला परिषद अमरावती के पूर्व अभियंता दिनेश गायकवाड़ ने की. प्रमुख अतिथि के रूप में अमरावती मनपा के नगरसेवक एवं गुटनेता ज्ञानेश्वर उर्फ नाना आमले उपस्थित रहे, जबकि विशेष अतिथि के रूप में महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण के ठेकेदार मिथिलेश तिवारी मौजूद थे. प्रमुख अतिथियों ने अपने संबोधन में अंध विद्यालय की छह दशक लंबी यात्रा की सराहना करते हुए यहां सेवाएं देने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों के निस्वार्थ योगदान को नमन किया. उन्होंने कहा कि विशेष विद्यार्थियों को शिक्षा और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने में शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है.
* संस्था पदाधिकारियों का रहा विशेष सहयोग
समारोह को सफल बनाने में संस्था के अध्यक्ष प्रवीण मालपाणी, उपाध्यक्ष सुनीलभाऊ सरोदे, कोषाध्यक्ष राजेश डागा, सचिव एडवोकेट प्रदीप श्रीवास्तव, सहसचिव एवं डॉ. नरेंद्र भिवापूरकर अंध विद्यालय के मुख्याध्यापक एन. एस. इंगोले का मार्गदर्शन रहा. कार्यकारिणी सदस्य धनंजय नाकील, आर. टी. देशमुख, उर्मिला शहा, प्रभा झंवर, मनोज साबू, प्रणित सोनी और रामराव अमृते, व्यवस्थापकीय अधीक्षक पंकज मुदगल तथा स्वामी विवेकानंद अंध विद्यालय, परतवाड़ा के मुख्याध्यापक दत्ता राऊत ने भी आयोजन में विशेष सहयोग दिया. कार्यक्रम का प्रास्ताविक नवनाथ इंगोले ने किया. संचालन योगिता राऊत और योगेश चौधरी ने किया, जबकि आभार संस्था के प्रभारी सचिव धनंजय नाकील ने माना.
* यादों के साथ हुआ समारोह का समापन
समारोह के बाद दोपहर 12 बजे उपस्थित अतिथियों, पूर्व कर्मचारियों, विद्यार्थियों और कर्मचारियों के लिए ‘सुरुची भोजन’ का आयोजन किया गया. पुराने साथियों की मुलाकात, बीते दिनों की यादें और सम्मान की गरिमा ने पूरे वातावरण को भावुक बना दिया. उपस्थित लोगों के उत्स्फूर्त प्रतिसाद के चलते शिक्षक दिवस का यह ‘कृतज्ञता सन्मान समारोह’ संस्था के हीरक महोत्सव वर्ष का एक यादगार अध्याय बन गया.





