राजनीति में बाप कौन है, सही समय पर दिखाएंगे
विधायक श्वेता महाले की टिप्पणी पर विधायक संजय गायकवाड का पलटवार

* बिजली कटौती, जन्मदिन रैली और विकास के मुद्दे पर आमने-सामने आए भाजपा-शिवसेना के विधायक
बुलढाणा /दि.8- बुलढाणा में महायुति के घटक दल भाजपा और शिवसेना के बीच चल रहा स्थानीय राजनीतिक संघर्ष एक बार फिर खुलकर सामने आ गया है. भाजपा विधायक श्वेता महाले और शिवसेना विधायक संजय गायकवाड के बीच शुरू हुई जुबानी जंग अब व्यक्तिगत और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक पहुंच गई है. ताजा विवाद मुख्यमंत्री के निजी सचिव विद्याधर महाले के जन्मदिन पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान बिजली आपूर्ति बाधित होने और उसके बाद हुई राजनीतिक बयानबाजी से शुरू हुआ.
जन्मदिन के अवसर पर निकाली गई रैली में श्वेता महाले द्वारा ‘बाप तो बाप रहेगा’ गीत पर प्रतिक्रिया देने और धनुष-बाण का निशान दिखाने की चर्चा के बाद गायकवाड ने पलटवार किया. उन्होंने कहा कि ‘राजनीति में बाप कौन है, यह सही समय पर दिखा देंगे.’ हालांकि, उन्होंने साथ ही श्वेता महाले को अपनी बहन बताते हुए व्यक्तिगत संबंध अच्छे होने की बात भी कही.
बता दे कि, विद्याधर महाले के जन्मदिन पर बुलढाणा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कुछ समय के लिए बिजली आपूर्ति बाधित हुई थी. श्वेता महाले ने इस घटना को लेकर सवाल उठाते हुए अप्रत्यक्ष रूप से गायकवाड पर निशाना साधा था और पूछा था कि क्या रैली से घबराकर बिजली बंद की गई. गायकवाड ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि बिजली आपूर्ति बाधित होना तकनीकी मामला है और उनका इससे कोई संबंध नहीं है. उनके अनुसार, कार्यक्रम के दौरान वह कर्नाटक में थे. उन्होंने कहा कि उनकी रैलियां लोग पहले भी देख चुके हैं, इसलिए किसी रैली से घबराने का सवाल ही नहीं उठता.
विधायक गायकवाड ने विद्याधर महाले के जन्मदिन पर निकाली गई बड़ी रैली को लेकर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि राज्य में सूखे जैसी परिस्थितियों के बीच जन्मदिन समारोह पर बड़ी राशि खर्च करने के बजाय जरूरतमंदों की मदद की जानी चाहिए. उन्होंने दावा किया कि उनके पास ‘हराम का पैसा’ नहीं है और वह इस तरह पैसे की बर्बादी नहीं करेंगे. साथ ही उन्होंने कहा कि अपने जन्मदिन पर भीड़ जुटाने या अधिकारियों और पुलिसकर्मियों से शुभकामनाएं दिलाने की जरूरत उन्हें नहीं पड़ती.
विधायक गायकवाड ने व्यक्तिगत रिश्तों को राजनीतिक विवाद से अलग रखने की कोशिश करते हुए कहा कि श्वेता महाले महिला विधायक हैं और उनके लिए बहन जैसी हैं. उन्होंने बताया कि बैंक चुनाव के दौरान दोनों साथ रहे हैं और एक साथ भोजन भी किया है. इसलिए व्यक्तिगत रूप से आमने-सामने आने का सवाल नहीं है. हालांकि, राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के सवाल पर उन्होंने कहा कि बुलढाणा में भाजपा अपनी ताकत बढ़ाए और चिखली में शिवसेना अपनी ताकत बढ़ाए. दोनों दल मजबूत होंगे तो इसका लाभ महायुति को ही मिलेगा. उन्होंने भाजपा को कांग्रेस के साथ जाने से बचने की सलाह भी दी. विधायक गायकवाड ने स्पष्ट किया कि महायुति पूरी तरह एकजुट है. इसके बावजूद उनके बयानों से यह भी संकेत मिला कि स्थानीय स्तर पर भाजपा और शिवसेना के बीच राजनीतिक वर्चस्व की होड़ कायम है.
बुलढाणा और चिखली विधानसभा क्षेत्रों में दोनों दलों के प्रभाव को लेकर चल रही प्रतिस्पर्धा इस विवाद की एक प्रमुख पृष्ठभूमि मानी जा रही है. दोनों नेता महायुति की एकता का दावा कर रहे हैं, लेकिन स्थानीय मुद्दों पर एक-दूसरे को घेरने का सिलसिला लगातार तेज हो रहा है. बिजली कटौती से शुरू हुआ विवाद अब जन्मदिन रैली, डीजे, विकास कार्यों और स्थानीय राजनीतिक वर्चस्व तक पहुंच चुका है. श्वेता महाले की ओर से किए गए कथित इशारों के जवाब में गायकवाड का ‘राजनीति में बाप कौन है, सही समय पर दिखाएंगे’ वाला बयान इस विवाद का नया केंद्र बन गया है.





